अभी सरकार के गठन के एक महीने ही हुए हैं और राज्य सरकार उन अधिकारियों के तबादले में व्यस्त हे, जो भ्रष्टाचार के मामले की जांच कर रहे थे अथवा उन पर कार्रवाई कर रहे थे। राज्य सरकार के तीन मंत्रियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के मामले हैं। उन मामलों की जांच कर रहे अधिकारियों के भी तबादले कर दिए गए है।
राज्य सरकार द्वारा तबादलों के एक अभियान से राज्य सरकार के जो तीन मंत्री लाभान्वित हुए हैंए वे हैं- उद्योग मंत्री पी के कुन्हालीकुट्टी, स्वास्थ्य मंत्री अदूर प्रकाश और पंचायत मंत्री एम के मुनीर। श्री मुनीर के खिलाफ तो 9 मामले लंबित हैं।
तबादला करते समय राज्य सरकार नियमों की भी अवहेलना कर रही है। नियम कहते हैं कि जिन पुलिस अधिकारियों ने किसी जगह किसी पद पर 5 साल पूरे नहीं किए हैं, उनका तबादला नहीं किया जा सकता। इस नियमं को धता बताकर तबादले हो रहे हैं।
तबादले के बाद भी मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कुनहालीकुट्टी से जुड़े आइसक्रीम पार्लर मामले की जांच वही अधिकारी करेंगे, जो पहले कर रहे थे। जब उनसे पूछा जाता है कि जब वही अधिकारी जांच करेंगे, तो फिर उनका तबादला क्यों कर दिया गया, तो फिर मुख्यमंत्री चुप हो जाते हैं।
सरकार के इस रवैये से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मुख्यमंत्री दोषियों को बचाना चाह रहे हैं। विपक्ष के नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भारी पैमाने पर अधिकारियों का तबादला करके अपने मंत्रियों को बचाना चाह रही है। श्री अच्युतानंदन ने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उन्होंने मंत्रियों को बचाने का प्रयास जारी रखा, तो वे सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
श्री अच्युतानंदन ने कहा कि यदि उनकी पार्टी ने आंदोलन में उनका साथ नहीं भी दिया, तब भी वे एक जोरदार आंदोलन करेंगे। उन्होंने पार्टी के अंदर के अपने विराधियों को निशाना बनाते हुए कहा कि वे खुद इतने स्वस्थ है कि वे अपने बूते ही इस तरह का आंदोलन चलाने में सक्षम हैं।
श्री अच्युतानंदन ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि लॉटरी माफिया के खिलाफ सीबीआई जांच में भी कोताही बरती जा रही है और ऐसा केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम को बचाने के लिए किया जा रहा है। राज्य सरकार ने सिर्फ 32 मामलो पर सीबीआई जांच के लिए अधिसूचना जारी की है, जबकि इस घोटाले में हवाला का घोटाला भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉटरी के पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी संगठनों की सहायता में भी किया गयज्ञं (संवाद)
भ्रष्टाचार से समझौता कर रही है यूडीएफ सरकार
मंत्रियों के खिलाफ मुकदमे में ढील
पी श्रीकुमारन - 2011-06-24 10:44
तिरुअनंतपुरमः मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ऊमेन चांडी ने कहा था कि उनकी सरकार के पहले 100 दिन के एजेंडे में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शामिल है, लेकिन बाद की जो घटनाएं घटी हैं, उनसे साफ हो जाता है कि उनकी कथनी और करनी में काफी फर्क है।