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चाय नीलामी केंद्र के लिए अब बांगलादेश नहीं जाना होगा

त्रिपुरा के धर्मनगर में ही सुविधा होने पर उच्च विकास की उम्मीद
आशीष विश्वास - 2022-10-08 10:18 UTC
स्थानीय व्यापार मंडलों और राज्य के अधिकारियों के बीच हाल में हुई बातचीत के बाद पूर्वोत्तर भारत के त्रिपुरा में एक नये चाय नीलामी केंद्र (टीएसी) के लिए संभावनाएं उज्ज्वल हो गयी हैं।

राजनीतिक दलों के अधिकारों का हनन कर रहा है चुनाव आयोग

जन-विरोधी प्रस्तावों के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो
प्रकाश कारत - 2022-10-07 14:12 UTC
भारत का चुनाव आयोग चाहता है कि राजनीतिक दल अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गये वायदों के वित्तीय प्रभावों के साथ-साथ राज्य या केंद्र सरकार के वित्त की वित्तीय स्थिरता पर उनके प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करें। इसके लिएउसने आदर्श आचार संहिता में संशोधन करने का प्रस्ताव किया है ताकि दो-भाग वाले फार्ममें वायदों तथा उनके वित्तीय प्रभावों को राजनीतिक पार्टियों द्वारा भरने की व्यस्था की जा सके।

राहुल गांधी कांग्रेस की धुरी बने रहेंगे चाहे अध्यक्ष कोई हो

नये अध्यक्ष के लिए चुनाव के पहले कठिन होगा कांग्रेस नेताओं को एकजुट करना
कल्याणी शंकर - 2022-10-06 16:02 UTC
अब जब कांग्रेस पार्टी के पास एक गैर-गांधी प्रमुख होगा, तो तीनों गांधी- सोनिया, राहुल और प्रियंका का क्या होगा? क्या उनका दबदबा बना रहेगा? जब एक पत्रकार ने उनकी भविष्य की भूमिका के बारे में पूछा, तो सोनिया ने कहा, "बेशक, मुझे लगता हैआपको पार्टी से पूछना होगा।"

अखिल भारतीय माकपा तथा केरल की राजनीति के एक युग का अंत

संकट की घड़ी के कुशल प्रबंधक कोडियेरी के निधन से पार्टी को झटका
पी. श्रीकुमारन - 2022-10-04 11:00 UTC
यह अटपटा लग सकता है। लेकिन यह सच है कि कोडियेरी बालकृष्णन का दुखद निधन सीपीआई (एम) की अखिल भारतीय राजनीति और विशेष रूप से केरल की राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है। दूसरे शब्दों में, इस दिग्गज वामपंथी राजनीतिज्ञ के निधन के साथ केरल की राजनीति कभी भी वैसी नहीं होगी जैसी कि रही है। यह केरल और राज्य में वामपंथी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

गैस रॉयल्टी बढ़ाने से चलेगी महंगायी की लहर, डगमगाने लगेगा घरेलू बजट

विश्व बाजार मूल्य समायोजन के प्रमुख लाभार्थियों में है रिलायंस
के रवींद्रन - 2022-10-03 12:23 UTC
भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस की कीमत को एक नये स्तर पर ले जाने के लिए अविश्वसनीय रूप से 40 प्रतिशत की वृद्धि की है, और यह कदम उन उपभोक्ताओं के लिए बज्रपात जैसे है जो पहले से ही अपनी ऊर्जा लागत को असहनीय पा रहे हैं। इससे घरेलू बजट में और कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि रसोई गैस महंगायी की लगातार चलने वाली लहरों से और भी महंगी होती होती जायेगी।

यूक्रेन में अब रूस और नाटो के बीच युद्ध का गंभीर खतरा

पुतिन विपरीत परिस्थितियों में फंसे, ज़ेलेंस्की को सबक सिखाने पर अड़े
देवव्रत बिस्वास - 2022-10-01 16:25 UTC
जब 24 फरवरी, 2022 को रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य आक्रमण किया, तो कई लोगों और राष्ट्रपति पुतिन ने खुद सोचा कि यह रूस के क्रीमिया पर आक्रमण की तरह एक आसान कदम होगा। लेकिन तब से यूक्रेनियन वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के नेतृत्व में अमेरिका और उसके सहयोगियों से सैन्य और वित्तीय सहायता से जोरदार ढंग से लड़ रहे हैं। 216 दिनों के खूनी युद्ध के बाद रूस को खार्किव क्षेत्र में अपने कब्जे वाले क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा है।

बंगाल के जनजातीय क्षेत्र में फिर उठी अलग राज्य की मांग

तृणमूल कांग्रेस को भाजपा के समर्थन का संदेह
आशीष बिस्वास - 2022-09-30 10:51 UTC
जब से प्रतिबंधित कामतापुर लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (केएलओ) के भूमिगत नेता जीबन सिंघा ने एक अलग राज्य के आह्वान को दोहराया है, तब से असम और उत्तर बंगाल में इसके कार्यकर्ताओं कीगतिविधियां फिर से शुरू होने लगी हैं।

कच्चे खनिज तेल की कीमतें घटीं पर उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं

चुनाव आने के पहले खूब कमा रही हैं तेल कंपनियां
के रवीन्द्रन - 2022-09-29 14:29 UTC
अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में खनिज तेल की कीमतें यूक्रेन युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर पर नीचे आ गयी हैं, जिसका अर्थ है कि बाजार ने न केवल आपूर्ति में व्यवधान के झटके को अवशोषित कर लिया है, बल्कि तेल कार्टेल के खेल का अंतिम दौर आ रहा है। हालाँकि, युद्ध ने तेल बाजार की गतिशीलता में व्यापक परिवर्तन किया है जिससे भारत को बड़ा लाभ हुआ, लेकिन भारतीय तेल उपभोक्ताओं को नहीं।

2024 लोकसभा चुनाव के लिए चढ़ने लगा राजनीतिक पारा

भाजपा को मोदी पर भरोसा, विपक्ष का एकजुट होना अभी बाकी
कल्याणी शंकर - 2022-09-28 15:20 UTC
भारत में राजनीतिक दलों ने अभी से ही 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अग्रिम योजना बनाना शुरू कर दिया है। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दल अपनी-अपनी तैयारियों में एक-दूसरे से होड़ कर रहे हैं। वे वर्तमान राजनीतिक माहौल के मुताबिक अपनी-अपनी रणनीतियां बना रहे हैं। 2024 में भारत के अगले आम चुनाव के लिए मंच तैयार है।

सीधे नहीं खेलकर अपनी स्थिति को कमजोर कर रहे हैं अशोक गहलोत

कांग्रेस आलाकमान के पास हर कारण है गहलोत को अपनी जगह रखने का
सुशील कुट्टी - 2022-09-27 15:20 UTC
राजनीति एक कला है विरोधियों को अनुमान लगाने देने की, और उस कला में निपुण हैं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। राजस्थान में कांग्रेस को डराने वाले संकट के अग्रदूत, गहलोत सोने से पहले कुछ कहते हैं और फिर, अगली सुबह कुछ अलग।