पेट्रोल-डीजल के दामों में यह राहत कब तक?
पेट्रोल के दाम कई राज्यों में अब भी एक सौ रुपए प्रति लीटर से ज्यादा है
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2022-06-02 11:01 UTC
देश में जब-जब भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ते हैं और जनता में हाहाकार मचता है तो सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता हर मंच पर यह मिथकीय कथा बांचने लगते हैं कि पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम पेट्रोलियम कंपनियां तय करती हैं और सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। कोई-कोई मंत्री और भाजपा प्रवक्ता तो इसके लिए आठ साल पहले सत्ता से बाहर हो चुकी यूपीए सरकार को भी जिम्मेदार ठहरा देते हैं। लेकिन जब कभी पेट्रोल-डीजल के दामों में थोड़ी सी भी कमी होती है तो तमाम मंत्री और भाजपा नेता उसका श्रेय सरकार को देने लगते हैं। इस काम में सरकार के ढिंढोरची की भूमिका निभाने वाला मीडिया भी शामिल रहता है और वह भी बढ़-चढ़ कर सरकार की जय-जयकार करता है। पिछले दिनों पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी के लिए उत्पाद शुल्क में जो कटौती की है, उसको लेकर भी यही हो रहा है।