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मणिपुर में चुनावी जंग तेज, बीजेपी सत्ता बचाने को बेताब

कांग्रेस को आने वाले हफ्तों में और मेहनत करनी होगी
सागरनील सिन्हा - 2022-01-14 09:36 UTC
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब के चुनावों के साथ ही उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में भी चुनाव होंगे। चुनाव दो चरणों में होंगे - 27 फरवरी और 3 मार्च। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी दूसरी बार सत्ता में लौटने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अपने पूर्व गढ़ को हथियाने के लिए बेताब है। लड़ाई केवल भाजपा बनाम कांग्रेस तक ही सीमित नहीं है क्योंकि अन्य क्षेत्रीय दल - नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नागालैंड पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) हैं, जो इसे एक बहुकोणीय मुकाबला बना रहे हैं।

मौर्य का भाजपा से बाहर होना सपा के लिए वरदान

असंतुष्ट नेता के पास 50 से अधिक सीटों पर मतदान प्रभावित करने की क्षमता
प्रदीप कपूर - 2022-01-13 11:38 UTC
लखनऊः वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और भाजपा के तीन विधायकों के इस्तीफे ने उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ दल की पिछड़ी राजनीति को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

चुनाव फंड के लिए अपील

विशेष संवाददाता - 2022-01-13 07:11 UTC
नई दिल्लीः भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने चुनाव फंड के लिए अपील जारी की है। पार्टी के महासचिव डी राजा ने निम्नलिखित अपील जारी की।

चुनाव पूर्व दलबदल

इसे रोकने के लिए भी कानून बनना चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-01-13 06:07 UTC
पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों की तिथियां घोषित हो चुकी हैं और दलबदल का खेल जारी है। यह पिछले कई महीनों से चल रहा है और चुनाव का सामना कर रहे सभी प्रदेशों में चल रहा है। ताजा घटना में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। उनके अलावा करीब दर्जन भर अन्य भाजपा विधायक भी पार्टी छोड़ रहे हैं। दूसरी पार्टियों के लोग भाजपा में जा रहे हैं। ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है, बल्कि पिछले कई दशकों से हो रहा है और इस खेल मे सबसे आगे भारतीय जनता पार्टी ही रही है। यह दूसरी बात है कि उत्तर प्रदेश के ताजा घटनाक्रम में उसके विधायक उसका साथ छोड़ रहे हैं।
स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) पर विशेष

विवेकानंद का आदर्श भारत

ब्राह्णकाल का ज्ञान, क्षत्रियकाल की सभ्यता, वैश्यकाल का प्रचार और शूद्रकाल की समता हो
एल. एस. हरदेनिया - 2022-01-11 10:51 UTC
पिछले दिनों से देश के विभिन्न भागों में मुस्लिम एवं ईसाई नागरिकों पर अत्प्रयाशित हमले होते रहे हैं। यहां तक कि हरिद्वार में मुसलमानों के कत्लेआम तक का आव्हान किया गया। इस तरह की बातों से देश की एकता को चोट पहुंचती है। इस बात से कौन इंकार कर सकता है कि देश के नागरिकां की एकता के बिना देश का विकास संभव नहीं है।

मोदी की सुरक्षा चूक और कार्रवाई में सापेक्षता का सिद्धांत

डच प्रधानमंत्री साइकिल से दफ्तर जाते हैं
के रवींद्रन - 2022-01-10 11:27 UTC
उस घटना के संबंध में सापेक्षता के दो सिद्धांत संभव हैं जिसमें प्रधान मंत्री मोदी 20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फंस गए थे, जिससे राष्ट्रीय हंगामा हुआ। पहला, जिसे मोदी खुद पसंद करते हैं, अधिक क्लासिक व्याख्या से संबंधित है जो प्रयोगों के आधार पर भविष्यवाणियां करना चाहता है और दूसरा दो तुलनीय स्थितियों से संबंधित है जैसा कि वे वास्तव में हैं।

पूंजीवाद का बदलता चेहरा

आज का पूंजीवाद दो हिस्सों में बंट चुका है
कृष्णा झा - 2022-01-08 09:31 UTC
यह घुमक्कड़ी नहीं है जिसके आकर्षण में लोग भटकते रहते हैं। आज यह आकर्षण मजबूरी बन गई है। यह मजबूरी भूख की है जिससे निजात पाना मुश्किल है। कुछ समय पहले ये मजदूर जो नौकरी से निकाले हुए थे और सड़क पर उतर आए थे, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलते हुए ये वहां पहुंचना चाहते थे जहां रोटी थी। भूख का मंजर अभी खत्म नहीं हुआ है। नौकरियां कम से कम होती जा रही हैं, अवसर सीमित हैं और योग्यता के अनुसार तो बिल्कुल नहीं। कोई बिजनेस मैंनेजमेंट कर चुका है लेकिन माली की नौकरी में जा रहा है और जिसने पी.एच.डी. की, वह स्कूल में पियन ;चपरासी है। व्यवस्था कुशलता को अपनाने से इंकार करती है। बेरोजगारी दर दिसंबर 2014 में ही सी.एमआई.ई. के अनुसार 7.91 फीसदी पर पहुंच चुकी है। यह महामंदी के दिनों से भी अधिक है लेकिन इन स्थितियों में भी धनी और भी धनी बनते जा रहे हैं। वे लगातार अधिकाधिक धनी होते जा रहे हैं।

पूंजीवाद का बदलता चेहरा

आज का पूंजीवाद दो हिस्सों में बंट चुका है
कृष्णा झा - 2022-01-08 09:31 UTC
यह घुमक्कड़ी नहीं है जिसके आकर्षण में लोग भटकते रहते हैं। आज यह आकर्षण मजबूरी बन गई है। यह मजबूरी भूख की है जिससे निजात पाना मुश्किल है। कुछ समय पहले ये मजदूर जो नौकरी से निकाले हुए थे और सड़क पर उतर आए थे, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलते हुए ये वहां पहुंचना चाहते थे जहां रोटी थी। भूख का मंजर अभी खत्म नहीं हुआ है। नौकरियां कम से कम होती जा रही हैं, अवसर सीमित हैं और योग्यता के अनुसार तो बिल्कुल नहीं। कोई बिजनेस मैंनेजमेंट कर चुका है लेकिन माली की नौकरी में जा रहा है और जिसने पी.एच.डी. की, वह स्कूल में पियन ;चपरासी है। व्यवस्था कुशलता को अपनाने से इंकार करती है। बेरोजगारी दर दिसंबर 2014 में ही सी.एमआई.ई. के अनुसार 7.91 फीसदी पर पहुंच चुकी है। यह महामंदी के दिनों से भी अधिक है लेकिन इन स्थितियों में भी धनी और भी धनी बनते जा रहे हैं। वे लगातार अधिकाधिक धनी होते जा रहे हैं।

फिरोजपुर की स्थगित रैली

तिल का ताड़ बनाया जा रहा है
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-01-07 10:30 UTC
प्रधानमंत्री की एक रैली फिरोजपुर में होनी थी। उन्हें अपनी पार्टी के समर्थकों को संबोधित करना था। उसके पहले उन्हें विकास की अनेक परियोजनाओं की घोषणा करनी थी, लेकिन उनकी सभा नहीं हो सकी, क्योंकि वहां प्रधानमंत्री नहीं पहुंच पाए। वे चाहते तो वहां पहुंच सकते थे, लेकिन उसमें थोड़ा और समय लगता। थोड़ा और समय लगाने से बेहतर उन्होंने रैली को स्थगित कर देना ही उचित समझा और वे बिना भाषण किए दिल्ली वापस आ गए।

समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में चुनावी अभियान में भाजपा को पछाड़ रही है

दोनों दावेदार ब्राह्मण समुदाय को लुभाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं
प्रदीप कपूर - 2022-01-06 11:12 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, जो हाल के हफ्तों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रचार सभाओं के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं के तीखे हमले से स्पष्ट है। अखिलेश यात्रा की विजय रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ ने भाजपा नेतृत्व को बेचैन कर दिया है जो अब यूपी में सत्ता बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है।