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भाजपा के वरिष्ठ विधायक के आरोपों से पार्टी में कोहराम

त्रिपाठी का आरोप है कि चुनाव में एमपी सरकार के अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है
एल एस हरदेनिया - 2022-07-16 15:19 UTC
भोपालः मध्य प्रदेश में पिछले एक हफ्ते के दौरान अजीबोगरीब चीजें हुई है। इनमें भाजपा के एक वरिष्ठ विधायक नारायण त्रिपाठी द्वारा अपनी ही पार्टी पर लगाए गए आरोप शामिल हैं। मैहर निर्वाचन क्षेत्र से सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक नारायण त्रिपाठी ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि सरकारी अधिकारी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पटवारियों से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक के अधिकारी भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे हैं।

उपराष्ट्रपति चुनाव में क्या होगी विपक्ष की रणनीति

राष्ट्रपति चुनाव में तो उसने अपनी भद्द पिटवा ही ली है
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-07-15 11:21 UTC
राष्ट्रपति चुनाव के बाद उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने वाले हैं। इन दोनां चुनावों में तो जीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार की ही होनी है, क्योंकि संख्या राजग के पक्ष में ही है। मतदाताओं का जो मंडल राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करता है, उसमें भाजपा और उसके सहयोगी दलों की मतदान शक्ति 50 फीसदी से थोड़ी ही कम थी और उस कमी को भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाकर ही पूरा कर लिया था। सुश्री मुर्मू उड़ीसा से हैं और उनकी उम्मीदवारी की घोषणा होने के कुछ समय बाद ही उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उनके समर्थन की घोषणा कर दी और उस घोषणा के साथ ही 50 फीसदी से ज्यादा मतदानशक्ति सुश्री मुर्मू की हो गई।

रुपये की अधोगति अभी खत्म नहीं हुई है

रूसी क्रूड से कुछ राहत अवश्य मिल रही है
के रवींद्रन - 2022-07-14 12:24 UTC
रुपया लगातार निचले स्तर पर जा रहा है और यह एक नीरस नियमितता बन गई है। मुद्रा डॉलर की निरंतर चढ़ाई में गिर गई है, यूरो सहित अन्य मुद्राओं द्वारा पेश किए गए किसी भी प्रतिरोध के अधीन है, जो अपने 20 साल के निचले स्तर पर गिर गया है, तेजी से एक अपंग ऊर्जा संकट के मद्देनजर अत्यधिक शर्मनाक सीमा के करीब पहुंच गया है। पुतिन का यूक्रेन युद्ध समस्या को और भी विकराल कर रहा है।

विपक्षी दलों को संगठनात्मक ताकत में भाजपा की बराबरी करना मुश्किल

सपा ने शुरू किया सदस्यता अभियान, कांग्रेस नेता अब भी निष्क्रिय
प्रदीप कपूर - 2022-07-13 12:24 UTC
लखनऊः प्रमुख विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की चुनौती से निपटने के लिए अपने संगठनों में बदलाव करने में लगे हैं। संगठनात्मक बाहुबल के मामले में कोई भी विपक्षी दल भाजपा की बराबरी नहीं कर सकता। इसलिए राज्य विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद सभी नेता और कार्यकर्ता अगले चुनाव की तैयारी में लगे हैं। बीजेपी हमेशा चुनावी मोड में रहती है।

क्यों मात खा गए उद्धव ठाकरे

भाजपा एकमात्र कारण नहीं हो सकती
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-07-12 11:44 UTC
आखिरकार उद्धव ठाकरे मात खा ही गए। उनसे मुख्यमंत्री पद छिन चुका है। पार्टी भी छिन जाने का खतरा मंडरा रहा है। जो शिवसैनिक विधायक ठाकरे के साथ रह गए हैं, उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडरा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि एकनाथ शिंदे ने पार्टी में विभाजन का दावा नहीं किया है, बल्कि वह खुद अपनी शिवसेना को असली शिवसेना मानते हैं। विधायकों का लगभग तीन-चौथाई उनके साथ है। सांसदों में अभी अंतिम मुंडगणना नहीं हुई है, लेकिन एक बार महाराष्ट्र की सत्ता में आरामदायक तरीके से एकनाथ शिंदे के स्थापित हो जाने के बाद अनुमान लगाया जा सकता है कि सांसदों का भारी बहुमत भी उद्धव का साथ छोड़ देगा।

भारत के राष्ट्रपति का चुनाव

विपक्ष ने उम्मीदवार चयन में ही नैतिक हार मान ली
अनिल जैन - 2022-07-11 18:03 UTC
राष्ट्रपति पद के लिए सत्ताधारी पक्ष की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का चुना जाना तय है। उनकी जगह भाजपा किसी और को भी उम्मीदवार बनाती तो उसके जीतने में भी कोई समस्या नहीं आती। लेकिन प्रतीकों की राजनीति करने में माहिर भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू को उम्मीदवार बना कर जहां एक ओर यह जताने की कोशिश की है कि वह आदिवासियों की परम हितैषी है, वहीं उसने इस बहाने विपक्षी खेमे में सेंध लगा कर कुछ क्षेत्रीय पार्टियों का समर्थन भी द्रौपदी मुर्मू के लिए हासिल कर लिया। इस सबके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कि उसने 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में राजनीतिक जमीन को मजबूत करने का दांव भी चला है, क्योंकि इन राज्यों में संथाल जाति के आदिवासी बड़ी संख्या में निवास करते हैं और द्रौपदी मुर्मू भी इसी समुदाय से आती हैं।

शिंजो आबे ने नई सदी की जरूरतों के लिए जापान को तैयार करने में अग्रणी भूमिका निभाई

पूर्व प्रधानमंत्री ने उभरती भू-राजनीति में भारत की भूमिका को उचित महत्व दिया
अंजन रॉय - 2022-07-09 10:40 UTC
यह शी के नेतृत्व में चीन के अति-राष्ट्रवादी सिद्धांत का लक्षण है कि जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर हमले की खबर का उनके इंटरनेट सोशल मीडिया पर जश्न के साथ स्वागत किया गया।

अमेरिकी कांग्रेस में स्टेन स्वामी की मृत्यु पर संकल्प के वैश्विक प्रभाव

मोदी सरकार अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड पर बैकफुट पर
अरुण श्रीवास्तव - 2022-07-08 13:20 UTC
अमेरिकी कांग्रेस द्वारा राइट्स डिफेंडर और जेसुइट पुजारी फादर स्टेन स्वामी के जीवन की पहली पुण्यतिथि पर एक प्रस्ताव को स्वीकार करना और उनकी मृत्यु की स्वतंत्र जांच की मांग करना मोदी सरकार के लिए अपमान का विषय रहा है, जिसने केवल एक सप्ताह पहले जी 7 सदस्यों के साथ मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

ऊर्जा की कीमतों में और भारी वृद्धि

पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो रहा है, लेकिन रूस के तेल राजस्व में वृद्धि हुई है
अंजन रॉय - 2022-07-07 13:11 UTC
प्रसिद्ध अमेरिकी बैंक, जेपी मॉर्गन ने देखा है कि तेल की कीमतें कम समय में 380 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। बैंक ने तेल बाजारों में रुझान और प्रमुख उत्पादकों से आपूर्ति के आधार पर अपनी भविष्यवाणी की। वर्तमान भू-राजनीति, जिसमें रूस को अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों से व्यापक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है, प्राथमिक कारणों में से एक है।

नुपूर शर्मा पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

क्या जज सिर्फ संविधान के प्रति जिम्मेदार हैं?
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-07-07 03:27 UTC
सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की एक बेंच ने भाजपा की निलंबित नेता नुपूर शर्मा के खिलाफ कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जो आज सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा तो हो ही रही है, सुप्रीम कोर्ट के अनेक पूर्व जजों ने उस बेंच की टिप्पणियों को न केवल अनावश्यक, बल्कि आपत्तिजनक भी बताया है। कुछ पूर्व जजों ने तो उनकी ऐसी आलोचना की है, जो अदालत की अवमानना के स्तर तक भी पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से मांग भी की गई है कि उन टिप्पणियों को निरस्त किया जाय।