Loading...
 
Skip to main content

View Articles

चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के ‘मास्टर स्ट्रोक’ से बचने की तैयारी में जुटी कांग्रेस

अनिल जैन - 2022-03-08 10:34 UTC
पिछले कुछ सालों के दौरान लगातार देखा गया है कि जिस भी राज्य के विधानसभा चुनाव में स्पष्ट जनादेश नहीं आता है वहां भारतीय जनता पार्टी विधायकों की जोड़तोड़ और खरीद-फरोख्त के जरिए अपना बहुमत बनाने की कोशिश करती है। जब ऐसी कोशिश कामयाब हो जाती है तो दरबारी मीडिया उसे भाजपा का ‘मास्टर स्ट्रोक’ बताता है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने यूक्रेन युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

आईएमएफ की शर्तों से बढ़ी रूसी राष्ट्रपति पुतिन की चिंता
प्रभात पटनायक - 2022-03-07 11:01 UTC
यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के इरादे से उत्पन्न रूस की सुरक्षा चिंताओं की मीडिया में व्यापक रूप से चर्चा हुई है। लेकिन आईएमएफ के यूक्रेन के साथ संबंध, जो एक समानांतर मुद्दा है, पर शायद ही ज्यादा ध्यान दिया गया हो। आईएमएफ, जैसा कि सर्वविदित है, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को महानगरीय पूंजी के प्रवेश के लिए ‘निवेशक-अनुकूल’ बनाकर मजदूर-विरोधी और जन-विरोधी बनाता है। आईएमएफ आमतौर पर इस उद्देश्य के लिए जिस तंत्र का उपयोग करता है, वह ‘शर्तों’ को लागू करना है जो उन देशों को ऋण माफ कर देता है जिन्हें भुगतान संतुलन समर्थन की आवश्यकता होती है।

युद्ध बंद करो

वार्ता की जाए
डी. राजा - 2022-03-05 11:28 UTC
इस समय यूक्रेन का घटनाक्रम विश्व का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यूक्रेन के प्रमुख शहरों में रूस की सैन्य कार्रवाई और दोनों तरफ से उत्तेजनापूर्ण बयानों से पता चलता है कि यह स्थिति एक पूर्णस्तरीय युद्ध में बदल सकती है जिसमें युद्ध करने वाले पक्ष युद्ध के मैदान यूक्रेन से बहुत दूरस्थ क्षेत्रों से होंगे। भारत में भी लोग इस युद्ध के बारे में आशंकित हैं। हम एक अन्तर्ग्रथित दुनिया में रह रहे हैं जिसमें इस पैमाने की भू-राजनीतिक ताकतों के बीच टकराव से हम अछूते नहीं रह सकते। अतः यह जरूरी है कि रूस और यूक्रेन के बीच इस झगड़े की तह तक जाएं और तय करें कि हमें क्या पोजीशन अपनानी चाहिए।

युद्ध नहीं है समाधान

बातचीत से ही समस्या का हल निकलेगा
बिनय विश्वम - 2022-03-04 11:15 UTC
युद्ध के अंधियारे बादल यूक्रेन पर छाये हुए हैं। इसके कारण भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अवर्णनीय चिंता बनी हुई है। हजारों भारतीय नागरिकों में ज्यादातर विद्यार्थी युद्धग्रस्त यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं। उनके सगे-संबंधियों से चिंता भरे फोन और संदेश दिन-रात भारतीय नागरिकों को मिल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: नतीजे त्रिशंकु भी हो सकते हैं

उपेन्द्र प्रसाद - 2022-03-03 09:56 UTC
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव उत्तर प्रदेश का है, क्योंकि यह देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला प्रदेश है। लोकसभा में ही नहीं, बल्कि राज्यसभा में भी यह सबसे ज्यादा प्रतिनिधि भेजता है। यदि भारतीय जनता पार्टी अपनी 2017 की सफलता को एक बार और दुहरा लेती है, तो आगामी राज्यसभा के द्विवर्षीय चुनाव में इसकी स्थिति उच्च सदन के अंदर और भी मजबूत हो जाएगी। और यदि भाजपा ने यह राज्य गंवा दिया, तो उसके संगठन और कार्यकर्त्ताओं के मनोबल में भारी गिरावट आएगी और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भी संदेह पैदा होने लगेगा।

उत्तर प्रदेश में छठे चरण के मतदान

पूर्वांचल में बसपा का समर्थन सपा के खिलाफ भाजपा को दे सकता है जीवनदान
प्रदीप कपूर - 2022-03-02 11:11 UTC
लखनऊः राष्ट्रवाद का भावनात्मक कार्ड खेलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाने और बदलते विश्व परिदृश्य में मजबूत भारत के लिए 3 मार्च को होने वाले छठे चरण के मतदान के दौरान भाजपा के लिए वोट मांगा है। मजबूत नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री के भाषण का रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में महत्व है जो अभी जारी है।

जब राजनयिक सहयोगी लड़ते हैं, तो पक्ष चुनना नासमझी है

यूक्रेन मुद्दे पर भारत का सतर्कतापूर्वक चलना वांछनीय है
नन्तू बनर्जी - 2022-03-01 10:53 UTC
अमेरिकी नेतृत्व वाले नाटो और रूस से जुड़ी युद्ध जैसी स्थिति के सामने यूक्रेन संकट में पक्ष न लेकर भारतीय कूटनीति ने एक महान चरित्र और परिपक्वता दिखाई है। यूक्रेन पर अत्यधिक युद्ध की स्थिति पैदा करने में लगे सभी प्रमुख अभिनेता भारत के कुछ सबसे अच्छे दोस्त हैं। उनमें रूस, अमेरिका, नाटो के सदस्य और, जाहिर है, यूक्रेन शामिल हैं। भारत तनाव को कूटनीतिक रूप से कम करने की पूरी कोशिश कर रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बात कर चुके हैं। रूस और यूक्रेन के बीच उच्च तनाव को कूटनीति और चर्चा के माध्यम से तेजी से कम करने की जरूरत है। दोनों पक्षों को अग्नि शक्ति का त्याग करना चाहिए और एक संघर्ष विराम के लिए जाना चाहिए।

पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव आया

कुछ मिथक टूटे हैं, कुछ और टूटेंगे
अनिल जैन - 2022-02-28 10:44 UTC
पंजाब में राजनीतिक और आर्थिक तौर बहुत कुछ बदल गया है। जिस तरह उत्तर प्रदेश के बारे में कहा जाता है कि केंद्र की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है या प्रधानमंत्री तो उत्तर प्रदेश से ही होता है वैसे ही पंजाब के बारे में कहा जाता है कि पंजाब देश का सबसे संपन्न राज्य है। लेकिन यह एक मिथक है। पंजाब अब देश के सबसे संपन्न राज्यों में नहीं रहा, बल्कि सबसे बड़ी गरीब आबादी वाले राज्यों में शामिल हो गया है।

विकास है पर रोजग़ार नहीं

रोजगार पर सरकार श्वेत पत्र जारी करे
कृष्णा झा - 2022-02-26 12:01 UTC
फरवरी 21, 2022 की बेरोजगारी दर का आंकड़ा इस नये साल के दूसरे महीने का सबसे अधिक का था, जो 7.89 तक पहंच चुका था। सीएमआईई का यह आंकड़ा तो एक संख्यात्मक अभिव्यक्ति है, हकीकत तो पूरी जिन्दगी को समेटती है, और वहां तो भुखमरी और महामारी से जूझती जनता के लिये शायद ही कोई उम्मीद दीखती हो। करीब -करीब सभी नौजवान, और वो भी जो अब नौजवान नहीं है, बेरोजगारी की चुनौती का सामना कर रहे है, किसी भी स्तर का रोजगार उन्हें मान्य है? चाहे उनकी शिक्षा कितनी ही अधिक हो। आज के किशोर, जो तरुणाई तक पहुंचे भी नहीं हैं, निराशा के गहरे अंधकार में डूबते जा रहे हें। यह दशा पूरे मध्यम और निम्न वर्ग की है। जिन्दगी का पूरा अर्थ ही बदलकर मात्र जीविका की खोज रह गया है। यह कोशिश भी अधिकतर विफल ही होती है। इस बार के बजट में घोषणा की गई कि अगले पाचं सालों में पचास लाख रोजगार की व्यवस्था होगी। इसमें कोई भी नई आशा की किरण नहीं दिखाई देती, वादा बहुत बार दुहराया गया एक छलावा ही लगता है, जिसके पूरा होने की कोई संभावना नहीं है।

सोवियत संघ के विघटन के बाद नाटो को भंग कर दिया जाना चाहिए था

सारे फसाद की जड़ नाटो ही है
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-02-25 10:53 UTC
यूक्रेन पर रूस के हमले का तात्कालिक कारण नाटो से जुड़ा हुआ है। यूक्रेन धीरे धीरे नाटो के प्रभाव में जा रहा था और उसके इस संस्था के सदस्य बनने की प्रबल संभावना थी। न तो यूक्रेन ने कभी इस बात का खंडन किया कि नाटो का सदस्य बनने जा रहा है और न ही नाटो ने कभी कहा कि यूक्रेन उसका सदस्य नहीं बनने वाला। रूस बस यही चाहता था कि यूक्रेन नाटो का सदस्य नहीं बने। उसने ऐसी प्रतिबद्धता व्यक्त करने से मना कर दिया। उधर नाटो ने भी कहने से मना कर दिया कि वह यूक्रेन का अपना सदस्य नहीं बनाएगा।