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धर्मांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगे

जिसे धर्म में विश्वास नहीं, उसे धर्महीन होने की आजादी हो
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-11-26 14:35 UTC
कथित ‘लव जेहाद’ को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तैयार अध्यादेश की खूब चर्चा हो रही है। इस अध्यादेश के बाद भाजपा शासित अन्य प्रदेशों में भी इसी तरह के कानून बनाए जाने की प्रबल संभावना है, क्योंकि यह किसी सरकार का नहीं, बल्कि एक पार्टी का फैसला है और उस पार्टी की सरकारें अन्य राज्यों सहित केन्द्र में भी हैं। बिहार में भाजपा नीतीश कुमार के साथ सरकार में है और वहां भी भाजपा नेता उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कानून बनाने की मांग नीतीश कुमार से कर चुके हैं। इसलिए बहुत संभव है कि बिहार में भी इस तरह का कानून बने।

तरुण गोगाई की मौत भाजपा को सत्ता से बाहर करने के कांग्रेसी सपने को झटका

सागरनील सिन्हा - 2020-11-25 16:14 UTC
असम के 2011 के विधानसभा चुनावों के दौरान, कांग्रेस पार्टी ने 78 सीटें जीतकर मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। यह उत्तर-पूर्वी राज्य में सबसे पुरानी पार्टी की लगातार तीसरी जीत थी। शानदार सफलता उस समय मिली जब कांग्रेस की राज्य सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रही थी। परिणाम तत्कालीन मुख्य विपक्षी दल, असम गण परिषद सहित कई के लिए एक आश्चर्य के रूप में आया। कुछ एक्जिट पोल ने भविष्यवाणी की थी कि क्षेत्रीय पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

महंगाई पर लगाम लगाने में भारतीय रिजर्व बैंक विफल

खुदरा बाजारों की कीमतों में लगी हुई है आग
नंतू बनर्जी - 2020-11-24 15:21 UTC
निम्न और निम्न-मध्यम आय समूहों के तहत भारत की भारी आबादी अक्टूबर में साढ़े छह साल के उच्च खुदरा मुद्रास्फीति के संकट से गुजर रही है। थोक महंगाई दर बढ़कर आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। आलू के दामों में 107.7 प्रतिशत, सब्जियों में 25.2 प्रतिशत, तेल में 20.5 प्रतिशत और दालों में 15.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। खुदरा बाजार सूचकांक में नवंबर के माध्यम से दोहरे अंकों की वृद्धि जारी है - सितंबर में 10.7 प्रतिशत और अक्टूबर में 11.1 प्रतिशत।

कांग्रेसी दलबदलुओं के लिए भाजपा ने प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए

कुछ सिंधिया समर्थकों के हारने पर दोषरोपण का खेल शुरू
एल एस हरदेनिया - 2020-11-23 11:09 UTC
भोपालः कांग्रेस के अधिकांश दलबदलुओं की जीत सुनिश्चित करने के बाद, भाजपा ने पार्टी में उनके वैचारिक प्रशिक्षण की परियोजना शुरू की है। इसके लिए भाजपा ने दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। शिविर में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी भाग लिया। कांग्रेस के दलबदलुओं के अलावा, इस शिविर में पार्टी के पुराने सदस्य भी शामिल थे।

बिहार विधानसभा चुनाव के सबक

कांग्रेस को नेहरूवादी विचारधारा की ओर मुड़ना होगा
विनय विश्वम - 2020-11-22 03:57 UTC
बिहार में चुनाव परिणाम न तो एक अंत है और न ही एक शुरुआत है। इसे भारत की नियति तय करने के लिए चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाना है। लड़ाई थी और यह तय करना था कि क्या भारत को एक धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र या एक लोकतांत्रिक कुलीनतंत्र के रूप में जारी रखना चाहिए दूसरे विकल्प का प्रतिनिधित्व करने वाली भाजपा एक संकीर्ण तकनीकी जीत का प्रबंधन कर सकती है। भाजपा गठबंधन के लिए पतली जीत केवल 12,768 (0.03 प्रतिशत) वोटों का अंतर प्रदान कर सकती है। 2019 के लोकसभा चुनावों की तुलना में उनके वोट शेयर में 12 प्रतिशत की कमी आई। महागठबंधन का नेतृत्व करने वाली राजद 75 सीटों के साथ राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई।

लद्दाख सीमा पर भारत-चीन बातचीत हो रही है बेअसर

नई दिल्ली को सतर्कता और दृढ़ता से बातचीज जारी रखनी चाहिए
बरुन दास गुप्ता - 2020-11-20 10:44 UTC
सात महीने होने को हैं और लद्दाख में भारतीय और चीनी सेनाएं आंख-मिचौली का खेल खेलते हुए समझौते का रास्ता तलाश रही हैं, लेकिन बातचीत में किसी प्रकार की प्रगति नहीं हो रही है। तनाव में कोई कमी नहीं हो रही है। लेकिन कोई बड़े युद्ध की फिलहाल कोई आशंका भी नहीं लग रही है, क्योंकि चीन को पता है कि उसने ज्यादा कुछ किया तो इसका परिणाम युद्ध ही होगा और इस समय वह युद्ध करने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं दिख रहा है। भारत को भी पता है कि चीन के साथ उसका जो सीमा विवाद है, उसका हल वह युद्ध से नहीं निकल सकता। भारत के एक हिस्से पर चीन दावा करता है, जबकि उसने पहले से ही भारत का एक हिस्सा दबा रखा है।

बिहार की हार पर कांग्रेस में तकरार

समस्या कांग्रेस में नहीं, सोनिया परिवार में है
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-11-19 11:12 UTC
इसमें कोई दो राय नहीं कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी राजग सरकार कांग्रेस की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर लड़ने की जिद के कारण बनी है। कांग्रेस ने जिद करके 70 सीटें गठबंधन में प्राप्त कर ली, लेकिन उसके उम्मीदवार मात्र 19 सीटों पर ही जीत सके और 51 सीटें हार गए। उत्तर प्रदेश विधानसभा के आम चुनाव में भी कांग्रेस ने 100 से ज्यादा सीटें अखिलेश यादव से हासिल कर ली थी और उसके उम्मीदवार भारी संख्या में हारे।

बीएसपी अब अति पिछड़ों को देगी महत्व

मायावती सपा या कांग्रेस से समझौता नहीं करेंगी
प्रदीप कपूर - 2020-11-18 11:23 UTC
उत्तर प्रदेश बसपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भीम राजभर की नियुक्ति के साथ, मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 2022 में होने वाले अगले विधानसभा चुनावों के लिए अपने समर्थन आधार का विस्तार करने के लिए अधिकांश पिछड़ी जातियों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

कोविड-19 की जटिलता भारत सरकार को दे रही है नई चुनौतियां

बहुत कुछ वैक्सिन की सफलता और उपलब्धता पर निर्भर करता है
डॉ अरुण मित्रा - 2020-11-17 13:26 UTC
चीन के वुहान में कोविड- 19 के पहले मामले दुनिया के सामने आने को एक साल होने वाला है। इस बीच इस विषाणु के महामारी के रूप में फैलने के तरीके के बारे में बहुत शोध किया जा चुका है। अभी भी आरोप और प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं कि यह चीन में जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया जा रहा था। लेकिन यह आज तक सबूत के साथ प्रमाणित नहीं किया गया है। हमारे देश में केरल राज्य में 30 जनवरी 2020 को पहला मामला सामने आया था जब वुहान का एक छात्र भारत में अपने घर वापस आया था। उस समय सरकार की ओर से शिथिलता और उदासीनता कई समस्याओं और मामलों की संख्या में वृद्धि का कारण बनी।

बिहार में महागठबंधन की हार

कांग्रेस अब अपने सहयोगियों के लिए भी भारी पड़ रही है
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-11-16 10:00 UTC
बिहार में एक बार फिर नीतीश की सरकार बन रही है और लालू परिवार सत्ता से बाहर रह गया है। वैसे इसे बार लालू परिवार के हाथ में बाजी आ गई थी। बिहार की नीतीश सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ लोगों में जबर्दस्त असंतोष था। चिराग पासवान का इस्तेमाल कर भारतीय जनता पार्टी खुद बिना नीतीश के सत्ता में आने की कोशिश कर रही थी। उसके समर्थकों के करीब 25 फीसदी मत चिराग की पार्टी के उम्मीदवारों को पड़े। चिराग के उम्मीदवारों के कारण, जिन्हें भाजपा के मतदाताओं का समर्थन हासिल था, नीतीश के जदयू के कम से कम 36 उम्मीदवार चुनाव हार भी गए। पर इन सबके बावजूद राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन को बहुमत नहीं हासिल हुआ। वह 110 सीटों तक ही सीमित रह गया। यदि उसे 117 सीटें भी आ जातीं, तो ओवैसी की पार्टी की मदद से उसकी सरकार बन सकती थी।