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केरल सरकार बहुत पहले से किसानों को संरक्षण दे रही है

बीजेपी, आरएसएस ने उनके हितों को कॉर्पोरेट घरानों को बेच दिया है
बिनॉय विश्वम - 2021-01-11 16:59 UTC
जैसा कि उम्मीद की जा रही थी, किसान यूनियनों और नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रियों के बीच आठवें दौर की वार्ता 8 जनवरी को विफल रही। घरेलू कॉरपोरेट्स और एफडीआई के अधीन कोई सरकार उसी तरह से काम कर सकती है जिस तरह से भाजपा सरकार ने की है। ‘सबका साथ’ के खोखले नारे के तहत, सरकार भारतीय कृषि में ‘अडानी-अंबानी राज’ के लिए जमीन तैयार करने का इरादा रखती है। ये स्वदेशीवादी हमारे कृषि क्षेत्र में मोनसेंटो और कारगिल के लिए लाल कालीन बिछाने के लिए उत्सुक हैं।

भागवत की नजर में हिन्दू देश विरोधी नहीं हो सकता

आखिर देश विरोध है क्या?
अनिल जैन - 2021-01-09 11:07 UTC
आरएसएस के मुखिया मोहन राव भागवत ने फरमाया है कि अगर कोई हिंदू है तो वह देशभक्त ही होगा, क्योंकि देशभक्ति उसके बुनियादी चरित्र और संस्कार का अभिन्न हिस्सा है। यह बात उन्होंने महात्मा गांधी को हिंदू राष्ट्रवादी बताने वाली एक किताब ‘मेकिंग ऑफ ए हिंदू पैट्रियटः बैक ग्राउंड ऑफ गांधीजी हिंद स्वराज’ का विमोचन करते हुए कही। किताब के नाम और मोहन भागवत के हाथों उसके विमोचन किए जाने से ही स्पष्ट है कि यह महात्मा गांधी को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश है।

कोविड टीकाकरण कार्यक्रम सावधानी से चलाए जाने चाहिए

गरीबों के टीकाकरण की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए
डॉ अरुण मित्रा - 2021-01-08 10:28 UTC
भारत सरकार ने स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों का टीकाकरण करने का निर्णय लिया है और उसके बाद फ्रंट लाइन कार्यकताआर् का टीकाकरण होगा। यह एक स्वागत योग्य कदम है। कोविड के खिलाफ लड़ाई के दौरान 700 से अधिक डॉक्टरों और कई स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौत हो गई। चूंकि स्वास्थ्य कार्यकर्ता एक उच्च कोटि के जोखिम में रहकर काम करते हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता पर टीका लगाया जाना ही चाहिए। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने भारत में उपयोग के लिए ऑक्सफोर्ड - एस्ट्रा जनेका द्वारा विकसित कोविशील्ड वैक्सीन के उपयोग को मंजूरी दे दी है। बायोटेक इंडिया द्वारा विकसित कोवैक्सिन को बैकअप के रूप में रखा गया है।

जेल से निकल कर राजनीति में सक्रिय होंगी शशिकला

एआईएडीएमके की अभी से बढ़ रही हैं धड़कनें
कल्याणी शंकर - 2021-01-07 09:39 UTC
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की साथी शशिकला जल्द ही जेल से बाहर आने वाली हैं। 2016 में जयललिता के निधन के बाद सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के भीतर बड़े पैमाने पर राजनीतिक उथल-पुथल हो रही थीं। वह उथल-पुथल का केन्द्र थीं शशिकला। पार्टी का पूरा नियंत्रण शशिकला के हाथ में आ रहा था। उसी समय उसी समय उन्हें फरवरी 2017 में चार साल के लिए जेल भेज दिया गया। वह भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त पाईं गई थीं। उनके जेल का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है। क्या वह अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति का एक कारक बन जाएगी? कुछ लोगों का मानना है कि वह भूमिका निभा सकती हैं और कुछ लोगों का मानना है कि वे अपने समय का इंतजार करेंगी और राजनीति पर सिर्फ अपनी नजर अभी रखेंगी।

कोरोना वैक्सिन पर कोहराम

प्रथम ग्रासे मक्षिकापातः
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-01-06 09:36 UTC
नव कोरोना वायररस की चुनौती का सामना करने के लिए भारत सरकार ने जैसे ही दो वैक्सिनों को मंजूरी दी, देशभर में कोहराम मच गया है। विपक्षी नेताओं में सबसे पहले अखिलेश यादव ने घोषणा कर दी कि वे यह वैक्सिन नहीं लेंगे। इसके लिए उन्होंने विचित्र तर्क दिया और कहा कि यह बीजेपी का वैक्सिन है। उनके बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने हैदराबाद की एक कंपनी द्वारा तैयार कोवैक्सिन को मंजूरी दिए जाने पर सवल खड़े कर दिए, क्योकि उसका तीसरा ट्रायल अभी भी समाप्त नहीं हुआ और उसके नतीजे आने अभी बाकी हैं। अनेक केन्द्रों पर तो उस वैक्सिन के ट्रायल के लिए पर्याप्त संख्या में वोलंटियर्स भी नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता ने टीकाकरण की शुरुआत करने की सरकार की घोषणा का स्वागत किया।

किसानों के आंदोलन ने सरकार को सांसत में डाल दिया है

महीनों तक डटे रहने के लिए उनके पास पर्याप्त तैयारी है
नंतू बनर्जी - 2021-01-05 10:02 UTC
पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कानून बनाने वालों के खिलाफ अपने हितों की रक्षा के लिए अपनी जबर्दस्त संकल्पशक्ति दिखाई है। यदि देश के बाकी हिस्सों के किसानों ने पिछले साल 27 सितंबर को पारित तीन केंद्रीय कृषि विधानों की अस्वीकृति व्यक्त करने के लिए एक समान साहस और पहल नहीं दिखाई है, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि वे पंजाब और हरियाणा के अपने समकक्षों की तरह एकजुट नहीं हैं और वे आर्थिक रूप से भी इतना मजबूत नहीं है कि लगभग शून्य तापमान में दिल्ली के दरवाजे पर इस तरह के लंबे-चौड़े आंदोलन को जारी रखा जा सके। पंजाब और हरियाणा के किसान समृद्ध हैं। ठंढ से लड़ने के लिए और दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग घर की तरह पर खुद को यथोचित बनाने के लिए उनके पास सभी संसाधन हैं।

भारत में एक सही एंटी-ट्रस्ट कानून की आवश्यकता है

वर्तमान व्यवस्था एकाधिकारवाद को बढ़ावा देने वाली है
के रवीन्द्रन - 2021-01-04 10:10 UTC
पूर्ववर्ती एकाधिकार और प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार आयोग को लाइसेंस राज के अभिन्न अंग के रूप में उदारवादी राय के सभी वगों द्वारा निरूपित किया जाता था। हालांकि, एकाधिकार को रोकने के व्यक्त इरादे के बावजूद, जैसा कि इकाई के नाम लगता है, भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट घराने उस व्यवस्था के तहत एकाधिकारवादी के रूप में फले-फूले। जाहिरा तौर पर, इसने केवल नए खिलाड़ियों को अपने पसंदीदा व्यवसाय में प्रवेश करने के लिए प्रतिबंधित किया, जबकि मौजूदा एकाधिकार के विस्तार को बाधित करने के बजाय किसी भी क्षेत्र में उसकी गतिविधि को विस्तार किया।

अब गठबंधन की राजनीति से भी छुटकारा पाना चाहती है भाजपा!

बिहार में वह नीतीश को हटाकर अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहेगी
अनिल जैन - 2021-01-02 08:38 UTC
हाल ही में ब्रिटेन की मशहूर पत्रिका ‘द इकॉनॉमिस्ट’ ने लिखा है कि भारत एक पार्टी वाला देश बनने की ओर बढ रहा है। भारतीय जनता पार्टी की पूरी राजनीति भी इसी बात की पुष्टि कर रही है। अभी तक कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों-सांसदों को तोड़ कर अपने पाले में ला रही भाजपा ने अब यही खेल अपने सहयोगी दलों के साथ भी खेलना शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में अरुणाचल प्रदेश का राजनीतिक घटनाक्रम सबसे ताजा और बड़ी मिसाल है। वहां उसने अपने ही सबसे बडे और करीब दो दशक पुराने सहयोगी जनता दल (यू) के 7 में से 6 विधायकों को तोड़ कर अपने में शामिल कर लिया है।

आशाओं और आशंकाओं का नया साल

हमें कहां ले जाएगा 2021?
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-01-01 10:06 UTC
दुनिया नये साल में प्रवेश कर चुकी है। 2020 एक ऐसा साल साबित हुआ है, जिसे कोई याद नहीं रखना चाहेगा। लेकिन क्या नया साल हमें पिछले साल के घोर अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाएगा? यह ऐसा सवाल है, जिसका जवाब हमारे पास नहीं है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हो रहे वैक्सिन के इजाद के बीच उस वायरस का एक नया स्ट्रेन आ जाना हमें वैक्सिन के निर्माण के उपलक्ष्य में उत्सव मनाने की इजाजत नहीं देता। एक नया स्ट्रेन आया है। इसका अध्ययन जारी है और वैज्ञानिक कह रहे हैं कि नवविकसित वैक्सिन इसके खिलाफ भी कारगर होगा, लेकिन डर कुछ और है और डर यह है कि कोरोना के कितने नये स्ट्रेन और आएंगे और क्या सबके उपचार के लिए वैक्सिन और दवाई जुटाने में हमारे वैज्ञानिक सफल हो पाएंगे?

रजनीकांत राजनैतिक परिदृश्य से बाहर

द्रविड़ प्रतिस्पर्धी आपस में करेंगे दो दो हाथ
एस सेतुरमन - 2020-12-31 09:46 UTC
मेगा स्टार रजनीकांत ने अंततः 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक प्रमुख राजनीतिक भूमिका से स्वास्थ्य के आधार पर को बाहर रखने करने का फैसला किया है। वे अब न तो राजनैतिक पार्टी का गठन करेंगे और न ही चुनाव में किसी तरह की भूमिका निभाएंगे। कुछ सालों से वह लगातार इस संभावना को बल दे रहे थे कि वे भी राजनीति में अपना हाथ आजमाएंगे। लेकिन उनके स्पष्टीकरण के बाद उनके लाखों फिल्म प्रशंसकों की उम्मीदें अब समाप्त हो गई हैं।