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दीपावली की सामाजिकता बाजार की बंधक बनी

हर तरफ लालसा का तांडव ही ज्यादा दिखाई पड़ रहा है
अनिल जैन - 2018-11-05 09:33 UTC
नोटबंदी और जीएसटी की मार से छोटे और मध्यम कारोबारी तबके का कारोबार ठप पडा हुआ है। सरकारी बैंकों को अरबों रुपये का चूना लगाकर बेईमान उद्योगपतियों के विदेश भाग जाने का सिलसिला जारी है। महंगाई की मार से आम आदमी त्रस्त है। किसानों की आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नौकरियां खत्म होने की वजह से बेरोजगारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। देश की आर्थिक समृद्धि का सूचक समझा जाने वाले शेयर बाजार का सूचकांक गिरने के नित-नए कीर्तिमान बना रहा है। भुखमरी की वैश्विक स्थिति में भारत का स्थान और नीचे खिसक चुका है। ये सभी खबरें हमारी तथाकथित मजबूत अर्थव्यवस्था को मुंह चिढा रही हैं। इन्हीं दारुण खबरों के बीच देशवासी इस बार दीपावली मना रहे हैं।

राममंदिर पर संघ परिवार की बेचैनी क्यों?

मोदी की अजेयता पर संघ को संशय
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-11-03 18:22 UTC
राममंदिर के निर्माण को लेकर संघ परिवार में आज जैसी बेचैनी दिख रही है, वैसी पहले कभी नहीं दिखी थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद पर शीघ्र सुनवाई से इनकार करने के बाद तो उसमें हताशा का माहौल व्याप्त हो गया है। उसे लग रहा है कि यदि राममंदिर अभी नहीं बना तो फिर कभी नहीं बनेगा। इसका कारण यह है कि इस समय केन्द्र में अपनी पार्टी के बूते ही बहुमत वाली मोदी सरकार है और उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार है। राष्ट्रपति पद पर बैठा व्यक्ति भी संघ का स्वयंसेवक हैं और उपराष्ट्रपति के पद पर भी उसी परिवार का एक व्यक्ति हैं। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल तो आरएसएस के हैं ही।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावः कांग्रेस में शामिल हुए तीन प्रमुख भाजपा नेता

एल एस हरदेनिया - 2018-11-01 11:10 UTC
भोपालः मध्य प्रदेश की हालिया राजनीतिक घटनाएं आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं में सुधार का संकेत देते हैं।

कानून बनाकर नहीं हो सकता राम मंदिर का निर्माण

विवादित भूखंड को केन्द्र ने 1993 से ही अधिगृहित कर रखा है
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-10-31 11:08 UTC
अब तो इतना तय हो गया है कि लोकसभा चुनाव के पहले अयोध्या के विवादित स्थल पर राममंदिर का निर्माण शुरू नहीं हो सकता। अब जनवरी महीने में इस विवाद से जुड़े मुकदमे की सुनवाई की रूपरेखा तय की जाएगी। इस मुकदमे में एक से ज्यादा पक्ष हैं और अनेक किस्म की सत्य और काल्पनिक उलझनें हैं, जिनके कारण इस पर सुनवाई तुरंत समाप्त नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मसले पर अविलंब सुनवाई शुरू करने की अपील अस्वीकार करने के बाद मंदिर समर्थको की नींद हराम हो रही हैं और उनमे हताशा का भाव बढ़ता जा रहा है। और जब हताशा बढ़ती है, तो उसका शिकार विवेक हो जाता है, जिसके कारण विवेकहीन बातें शुरू हो जाती हैं।

पटेल और नेहरू को बैलों की जोड़ी कहते थे गांधीजी

इन दोनों बैलों की जोड़ी ही राष्ट्र के भार को खींचती थी
एल एस हरदेनिया - 2018-10-30 12:40 UTC
"नेहरू और पटेल एक दूसरे के पूरक व्यक्ति थे। नेहरू का वैचारिक आधार फेबियन विचारधारा थी, जिसके अनुसार संसदीय प्रजातंत्र मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति का सबसे अधिक शक्तिशाली साधन है। वहीं सरदार पटेल मानवीय मनोविज्ञान के अध्येता थे। उन्होंने उन आधारों को समझने का प्रयास किया था जिनसे ब्रिटिश साम्राज्य को सफलता मिली।"

सीपीआई ने मोदी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया

प्रधानमंत्री का राफेल घोटाला अभियान का मुख्य केंद्र होगा
नित्य चक्रवर्ती - 2018-10-30 12:36 UTC
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में राफेल घोटाले का पर्दाफाश करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार द्वारा अपने घोटालों को छुपाने के लिए सरकारी मशीनरी के किए जा रहे दुरुपयोग के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। पार्टी देश भर में संयुक्त आंदोलन के लिए अन्य विपक्षी दलों के साथ वार्ता करेगी ताकि इस शासन के अपराधों को लोकसभा चुनावों से पहले उजागर किया जा सके।

राजस्थान विधानसभा चुनावः भाजपा विरोधी माहौल को भुनाने में लगी है कांग्रेस

रमेश सर्राफ - 2018-10-29 12:43 UTC
राजस्थान में होने जा रहे आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से आाशान्वित नजर आ रही है। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलेट व राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे व वर्तमान में कांग्रेस के संगठन महामंत्री अशोक गहलोत पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लगने लगा है कि उनकी पार्टी की लगातार हो रही हार का सिलसिला राजस्थान से ही टूट सकता है सो वो भी लगातार राजस्थान का दौरा कर रहें हैं।

क्या सीबीआई संकट नरेन्द्र मोदी का वाटरलू साबित होगा?

राजनैतिक माहौल भाजपा के खिलाफ बनता जा रहा है
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-10-26 12:41 UTC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वे लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा समस्या सीबीआई के संकट से जुड़ी हुई है। इसके कारण मोदी प्रशासन की संकट मोचक क्षमता पर तो सवाल उठा ही है, इसके राजनैतिक निहितार्थ भाजपा के लिए और भी मारक है। राहुल गांधी को इस संकट के रूप में अपना राफेल मुद्दा और भी जोर शोर से उठाने का मौका मिला है और सरकार इस मसले पर जितना मुह खोलती है, वह उतना ही संदिग्ध होती जा रही है। उसके पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि राफेल की कीमत 3 गुना क्यों बढ़ गई। सच तो यह है कि इसकी कीमत के बारे में किसी प्रकार की जानकारी भी सरकार लोगों के साथ शेयर नहीं करना चाहती। सरकार के पास इस सवाल का जवाब भी नहीं है कि उसने सरकारी क्षेत्र के हिन्दुस्तान एयरोनाॅक्सि लिमिटेड से आॅफसेट ठेका छीनकर अनिल अंबानी की अनुभवहीन कंपनी के पास क्यों जाने दिया?

अखण्ड सौभाग्य का प्रतीक ‘करवा चौथ’ व्रत

सुहागिनों का सबसे बड़ा त्यौहार
योगेश कुमार गोयल - 2018-10-25 11:36 UTC
करवा चौथ पर्व का हमारे देश में विशेष महत्व है क्योंकि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूरे दिन व्रत रखती हैं और रात को चांद देखकर पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलती हैं। इस शुभ दिन महिलाओं के चेहरे पर अलग ही तेज नजर आता है। करवा चौथ का नाम सुनते ही मन में सोलह श्रृृंगार किए खूबसूरत नारी की छवि उभर आती है। दरअसल मेंहदी लगे हाथों में रंग-बिरंगी खनकती चूड़ियां, माथे पर आकर्षक बिंदिया, मांग में सिंदूर, सुंदर परिधान और तरह-तरह के आकर्षक गहने पहने अर्थात् सोलह श्रृंगार किए सुहागिन महिलाएं इस दिन नववधू से कम नहीं लगती। दुल्हन के लाल जोड़े की भांति इस दिन भी लाल रंग के परिधान पहनने का चलन बहुत ज्यादा है।

मध्य प्रदेश में इस बार जनता से मुकाबला है भाजपा का

कांग्रेस कमजोर संगठन की समस्या को हल नहीं कर पाई है
अनिल जैन - 2018-10-24 11:37 UTC
लोकसभा चुनाव से ऐन पहले जिन पांच राज्यों में अगले महीने विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें एक मध्य प्रदेश भी है। यहां भारतीय जनता पार्टी पिछले पंद्रह वर्षों से सत्ता पर काबिज है और हर बार की तरह इस बार भी उसका सीधा मुकाबला कांग्रेस से है। भाजपा जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चेहरे को आगे रखकर चुनाव मैदान में है, वहीं कांग्रेस किसी व्यक्ति विशेष के चेहरे को आगे रखे बगैर भाजपा को चुनौती देने की मुद्रा में हैं।