दीपावली की सामाजिकता बाजार की बंधक बनी
हर तरफ लालसा का तांडव ही ज्यादा दिखाई पड़ रहा है
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2018-11-05 09:33 UTC
नोटबंदी और जीएसटी की मार से छोटे और मध्यम कारोबारी तबके का कारोबार ठप पडा हुआ है। सरकारी बैंकों को अरबों रुपये का चूना लगाकर बेईमान उद्योगपतियों के विदेश भाग जाने का सिलसिला जारी है। महंगाई की मार से आम आदमी त्रस्त है। किसानों की आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नौकरियां खत्म होने की वजह से बेरोजगारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। देश की आर्थिक समृद्धि का सूचक समझा जाने वाले शेयर बाजार का सूचकांक गिरने के नित-नए कीर्तिमान बना रहा है। भुखमरी की वैश्विक स्थिति में भारत का स्थान और नीचे खिसक चुका है। ये सभी खबरें हमारी तथाकथित मजबूत अर्थव्यवस्था को मुंह चिढा रही हैं। इन्हीं दारुण खबरों के बीच देशवासी इस बार दीपावली मना रहे हैं।