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उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री पद के अनेक दावेदार

अस्सी लोकसभा सीटों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
प्रदीप कपूर - 2013-05-04 16:03 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश लोकसभा में सबसे ज्यादा सांसद चुनकर भेजता है। इस बार प्रधानमंत्री पद के लिए भी सबसे ज्यादा दावेदार उत्तर प्रदेश से ही हैं। यही कारण यह कि देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला यह प्रदेश राजनैतिक पार्टियों को सबसे महत्वपूर्ण अखाड़ा बन गया है।

कर्नाटक चुनाव में मोदी और राहुल नरम रहे

लोकसभा चुनाव के पहले वे अपनी प्रतिष्ठा को दाव पर नहीं लगाना चाहते
कल्याणी शंकर - 2013-05-04 00:05 UTC
कांग्रेस क उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता नरेन्द्र मोदी भी कर्नाटक विधानसभा में चुनाव प्रचार कर रहे हैं, पर दोनों के प्रचार में एक समानता है। वह समानता यह है कि दोनों ने इस प्रचार में अपने आपको पूरी तरह झोंकने से परहेज कर रखा है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि कर्नाटक नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी के बीच सघर्ष की भूमि बनेगी। आगामी लोकसभा में मोदी बनाम राहुल की लड़ाई की शुरुआत कर्नाटक विधानसभा के चुनाव में तय मानी जा रही थी। पर दोनों नेताओ ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बनाने से लगातार परहेज रखा।

कोलगेटः तिल का बन गया ताड़

रणनैतिक विफलता ने राजनैतिक संकट पैदा किया
नंतु बनर्जी - 2013-05-02 17:40 UTC
कथित कोयला घोटाले के मामले में केन्द्र की सरकार आज जिस संकट में फंसी हुई है, उसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार है। यह कोई बहुत बड़ा मसला ही नहीं था। भ्रष्टाचार का यह कोई बहुत बड़ा मामला भी नहीं है, लेकिन नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट के बाद केन्द्र सरकार ने जिस तरह की प्रतिक्रिया दिखाई, उसके कारण वह खुद दलदल में फंसती चली गई। यदि उसने समझदारी दिखाई होती और आॅडिटर की रिपोर्ट आने के बाद अपनी बातों को सही तरीके से रखा आता तो आज यह नौबत ही नहीं आती।

भारतीय राजनीति का अभूतपूर्व संकट

हमारे लोकतंत्र पर भ्रष्टाचार की छाया गहरा रही है
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-05-01 13:15 UTC
भारतीय राजनीति आज अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रही है। इस तरह का संकट शायद 1975 में घोषित आपात्काल के समय भी नहीं पैदा हुआ था। आपात्काल की घोषणा जब सरकार ने की थी, उस समय वह संसद में बहुमत में थी, पर आज सरकार अल्पमत में रहते हुए जिस तरह से काम कर रही है, उससे यही लगता है कि उसे लोकतंत्र की कोई परवाह ही नहीं है। केन्द्र सरकार एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामलों में फंसती जा रही है। उसके खिलाफ सामने आ रहे भ्रष्टाचार की सूची लगातार लंबी होती जा रही है।

हरियाणा की राजनीति में बदलाव के संकेत

इंडियन नेशनल लोकदल भाजपा से कर सकता है तालमेल
बी के चम - 2013-04-30 16:28 UTC
हरियाणा में लोकसभा के चुनाव होने मे 12 महीने और विधानसभा के चुनाव मे 18 महीने बाकी हैं, पर वहां चुनाव का परिदृश्य अभी से तैयार होने लगा है। यह परिदृश्य राजनीति में बदलाव को प्रेरित कर रहा है। नये समीकरण बनने और पुराने समीकरण बिगड़ने लगे हैं।

मुद्राकोष को भारत की मंद विकास दर से मुक्ति की उम्मीद

आधार कार्ड से सब्सिडी देने के काम को बताया चुनौतीपूर्ण
एस सेतुरमन - 2013-04-30 01:29 UTC
पिछले 6 महीनों से केन्द्र सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का शायद ही कोई लाभी भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलता दिखाई दे रहा है। सितंबर महीने में केन्द्र सरकार ने विदेशी पूंजी के भारत में आने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। किराना क्षेत्र में विदेशी पूंजी के प्रवाह के बढ़ने के उपायों की भी घोषणा की गई थी। इसके बावजूद भारत का निवेश माहौल बेहतर नहीं हुआ है। अब वित्तमंत्री पी चिदंबरम महसूस कर रहे हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर में कटौती किए जाने से शायद स्थिति बेहतर हो जाय।

मतदाताओं को रिझाने का चौहान का प्रयास जारी

अपराध की बढ़ती घटनाओं से प्रदेश की छवि हो रही है धूमिल
एल एस हरदेनिया - 2013-04-27 12:26 UTC
भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं को रिझाने का काम जारी है और इसके लिए सरकारी खजाने को खोल दिया गया है, पर दूसरी तरफ अपराध की कुछ घटनाओ से प्रदेश और मुख्यमंत्री की छवि लगातार धूमिल होती जा रही है।

संसद ठप करने की लग रही है होड़

कानून नहीं बनने से विकास पर असर
कल्याणी शंकर - 2013-04-26 16:08 UTC
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए पिछले फरवरी महीने में सांसदों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए कहा था कि मुझे पता है कि एक ऐसे भारत का उदय हो रहा है जिसकी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं और ज्यादा अवसर और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की जरूरत है। यहां सुरक्षा को बेहतर बनाने की भी जरूरत है। उनका यह कहना बिलकुल सही था, पर देश की बढ़ती आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए हम जो कानून बनाने हैं, वह तभी संभव होगा, जब संसद का कामकाज सही तरीके से चल सके। पर आज रोज के रोज संसद के कामकाम में व्यावधान पैदा हो रहे हैं और कानून बनने के इंतजार में अनेक विधेयक संसद के सामने पड़े हुए है। सच कहा जाय तो ऐसे विधेयकों की भीड़ वहां लगी हुई है। उनके पारित होकर कानून नहीं बनने से देश का विकास बाधित हो रहा है।

फांसी के कानून से नहीं रुकेंगे बलात्कार

अपसंस्कृति फैलाने वाले बाजार की ताकतों पर लगाम लगानी होगी
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-04-25 15:42 UTC
बलात्कार की घटनाओं पर मीडिया का ध्यान जाने और लोगों का गुस्सा उमड़ने के बाद कुछ राजनेताओं द्वारा बलात्कारियों को फांसी पर लटकाने की मांग मुखरित होने लगती है। आंदोलनकारी भी यही मांग करते हैं। अभी हाल ही में एक कानून भी बना है, जिसके तहत बलात्कारियों को फांसी की सजा भी दी जा सकती है, लेकिन इस कानून के बनने के बाद भी इस तरह की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं।

भुल्लर के नाम पर अपने पापों को धोने का प्रयास

आंतकवाद के खेल में अकाली और कांग्रेस दोनों शामिल रहे हैं
बी के चम - 2013-04-25 01:48 UTC
पाखंड तुम्हारा नाम राजनीति है। यह उनके संदर्भ में कहा जा रहा है, जो 1980 के दशक में आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत करते थे, पर आज अदालत से सजा पाए हुए आतंकवादियों के लिए भी दया की मांग कर रहे हैं। वे प्रायः यह कहते हुए दिखाई पड़ते हैं कि कानून अपना काम करेगा, पर आज जब कानून अपना काम कर रहा है, तो वे बीच आकर खड़े हो रहे हैं। ताजा उदाहरण 1993 के एक बम धमाके के अभियुक्त देवींदर सिंह भुल्लर को लेकर की जा रही मांग है।
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