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भारत

लालू को बाबा पर गुस्सा क्यों आता है

आधार खोने का डर या कांग्रेस से दोस्ती का लोभ?
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-03-05 17:59 UTC
अभी कुछ दिन पहले जब कुछ टीवी चैनलों ने बिहार के पूर्व नेता लालू यादव को एक सत्संग में जमीन पर लेटे हुए साष्टांग दंडवत करते देखा था, तो बहुत लोगों को आश्चर्य हुआ था कि यह क्या हो रहा है। लालू ने अपनी छवि एक ऐसे नेता की बना रखी थी, जो साधु संतों का मजाक उड़ाता है और पोथी पतरा को जला कर फेंक देने के लिए कहता है। कुछ लोगों का कहना था कि अब लालू अपनी राजनीति बचाने के लिए साधु संतों का सहारा ले रहे हैं। लेकिन बाबा रामदेव का उन्होंने जिस लहजे में विरोध किया है, वह उनका एक दूसरा रूप दिखाता है।
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तेलंगाना मसले पर संकट में है कांग्रेस

केन्द्र के पास समस्या का कोई समाधान नहीं
कल्याणी शंकर - 2011-03-04 09:05 UTC
आंध्र प्रदेश में स्थानीय स्तर पर तेलंगालना का आंदोलन भड़क उठा है। न तो राज्य सरकार और न ही केन्द्र सरकार को यह सूझ रहा है कि आंदोलन की इस आग को बुझाने के लिए वह क्या करे। लेकिन केन्द्र के लिए इस आंदोलन की उपेक्षा करना भारी जाखिम भरा काम होगा। गौरतलब है कि 1950 के दशक में हम आंध्र और तेलंगाना के मसले पर दो बड़े आंदोलन देख चुके हैं। राज्य में एक समस्या किरण रेड्डी की सरकार के अपरपिक्व होने की है। वह सरकार इस तरह की समस्या को कैसे हल कर पाएगी, इसके बारे में किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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अजित सिंह मायावती के खिलाफ मोर्चा बनाया

भाजपा और कल्याण सिंह से उनका कोई संबंध नहीं होगा
प्रदीप कपूर - 2011-03-03 09:29 UTC
लखनऊः राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजित सिंह ने 5 छोटी पार्टियों के साथ मिलकर एक मोर्चा बनाया है, ताकि विधानसभा के अगले चुनाव में मायावती की बसपा को पराजित किया जा सके। राष्ट्रीय लोकदल के अलावा मोर्चे में पीस पार्टी, इंडियन जस्टिस पार्टी, भारतीय समाज पार्टी, मोमिन कांग्रेस और जनवादी पार्टी शामिल है।
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शेयर बाजार की तेजी के पीछे क्या है

लीबिया की घटनाएं खेल बिगाड़ सकती हैं
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-03-03 09:25 UTC
बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार ने इसका जो स्वागत किया है, वह देखने लायक है। बजट पेश होने के पहले देश भर के शेयर बाजार घराशाई हो रहे थे। निफ्टी 5200 के अंक को छूने के लिए बेताब हो रहा था, तो संवेदनशील सूचकांक (सेंसेक्स) 1800 अंकों के नीचे डुबकी लगा चुका था। हाल ही कुछ महीने पहले सेंसेक्स 21000 के अंक को छू रहा था। जाहिर है कुछ महीनों की खुशहाली के बाद शेयर बाजार में मातम का माहौल था। भ्रष्टाचार के किस्से रोज के रोज आ रहे थे। संसद का शीतकालीन सत्र पूरा का पूरा भ्रष्टाचार के मसले को लेकर बिना किसी काम काज के समाप्त हो गया था। बजट सत्र पर भी अनिश्चय के बाद मंडरा रहे थे और उसके साथ ही देश में राजनैतिक अनिश्चितता का खतरा भी बढ़ गया था। जाहिर है शेयर बाजार उससे प्रभावित हो रहा था।
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करार रद्द किए जाने के खिलाफ आरोपी कंपनी की सीनाजोरी

इससे पता चलता है कि भ्रष्टाचार से लड़ना कितना कठिन हो गया है
अवधेश कुमार - 2011-03-01 10:47 UTC
एस बैंड स्पेक्ट्रम भ्रष्टाचार मामले में जो कुछ सतह पर होता दिख रहा है वह असाधारण है। सरकार द्वारा करार रद्द करने के बाद आरोपित कंपनी देवास मल्टीमीडिया इसके खिलाफ न्यायालय में जाने का ऐलान कर चुकी है। जाहिर है, कंपनी यह संदेश देना चाहती है कि उसके साथ हुए सौदे में कुछ भी गलत नहीं है।
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उत्तर प्रदेश की कांग्रेसी राजनीति में नया मोड़

राहुल की जगह प्रियंका को नेता के रूप में चाहते हैं कार्यकर्त्ता
प्रदीप कपूर - 2011-02-28 18:55 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश में कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं ने राहुल गांधी को एक बड़ा झटका दे डाला है। वे अब प्रियका गांधी को पार्टी की मुख्य स्टार प्रचारक बनाने की मांग करने लगे हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी मुख्यमंत्री मायावती, मुलायम सिंह यादव और भारतीय जनता पार्टी की चुनौतियों का सामना करते हुए पार्टी को राज्य विधानसभा के चुनावों में जिताने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए वे प्रियंका गांधी को राज्य की राजनीति में सक्रिय देखना चाहते हैं।

सरकार आम आदमी की, बजट विशेष वर्ग का

एस एन वर्मा - 2011-02-28 18:51 UTC
नई दिल्ली। आम आदमी की सरकार ने आज संसद में जो बजट पेश किया है उसमें पूरी तरह विशेष वर्ग का ख्याल रखा गया है।यही कारण है कि उद्याग जगत ने इसका जम कर स्वागत किया है जबकि मंहगाई और भष्टाचार से पीड़ित मध्यम और गरीब वर्ग को इस बजट से जरा सा भी राहत नहीं मिला है।अल्पसंख्यकों के बारे में महज खानापूर्ति के लिए एक दो जगह उसका जिक्र किया गया है।

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बजट में क्या महंगाई मिटाने पर जोर होगा?

काले धन पर चुप्पी बनी रहेगी
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-02-27 19:11 UTC
रेल मंत्री ममता बनर्जी के लोकलुभावन रेल बजट के बाद प्रणब मुखर्जी अपना आम बजट पेश करने वाले हैं। रेल बजट में वही सब किया गया, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। पश्चिम बंगाल में विधानसभा के आमचुनाव होने वाले हैं और ममता बनर्जी खुद वहां मुख्यमंत्री पद की दावेदार बनी हुई है। इसलिए रेल बजट में वह वैसा कुछ नहीं कर सकती थीं, जिससे उनका वोट बिगड़े। अपने राज्य में ज्यादा से ज्यादा वोट लेने के लिए वहां उन्होंने ज्यादा से घ्यान दिया।

चुनावी रेल बजट पर विपक्ष के ताने से तिलमिलाई ममता

एस एन वर्मा - 2011-02-25 11:23 UTC
नई दिल्ली। ममता बैनर्जी ने रेल बजट संसद में पेष कर दिया। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता ने ज्योंही रेल बजट के पन्ने पढ़ने षुरू किए,विपक्ष ने अनुमान के अनुरूप उसे चुनावी बजट बताते हुए टोका टोकी करने और ताने मारने षुरू कर दिए। बंगाल की षेरनी ष्षटअप बोलते हुए गुर्राइ,लेकिन कुछ विवषता के कारण फिर तिलमिला कर रह गयी।बजट भाषण समाप्त होने के साथ ही रेल बजट पर तीखी प्रतिक्रिया और कटाक्ष तेज होने लगे।प्रमुख विपक्षी दल भाजपा समेत ममता का पष्चिम बंगाल में विरोधी पार्टी सीपीएम ने इस बजट को रेलवे का बेड़ा गड़क करने वाला बजट बताते हुए कहा कि ममता पिछले वर्षो से सिर्फ घोषनाएं कर रही हैं, जो कभी पूरे होने वाले नहीं है।

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव

कांग्रेस ने बहुत उम्मीदें बांध रखी हैं
कल्याणी शंकर - 2011-02-25 09:53 UTC
आगामी महीनों में 5 राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों से कांग्रेस ने बहुत उम्मीदें बांध रखी हैं। उसे लगता है कि वह इन 5 राज्यों में 4 में निश्चित रूप् से जीतेगी। ऐसा उसे इन राज्यों से मिल रहे फीडबैक को देखते हुए लग रहा है। यदि ऐसा होता है, तो कांग्रेस के लिए निश्चय ही एक बड़ी सुकून वाली बात होगी, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से देश भर में इसकी हवा खराब हो रही है। एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं और उन मामलों पर कांग्रेस के पास कहने के लिए ज्यादा नहीं होता।