वैचारिक राजनीति ने बिहार में जमीन पकड़ ली
- 2010-10-21 12:54 UTCकहा जाता है कि राजनीति को सही मायनों में हिन्दुस्तान की अवाम ने अभी नहीं समझा है। प्रशासन पर जनता की आशा और आकांक्षा के अनुरूप नीति बनाना तथा कार्य करने की व्यवस्था लोकतांत्रिक पृष्ठभूमि है। जनप्रतिनिधि का दायित्व यही है। वोट व्यवस्था के लिए व्यवस्थित रूपके लिए है। पर इस मकसद में मतदान मुहिम कम से कम पूरी तरह तो सफल नहीं। चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता के साथ समाज को प्रतिनिधि चयन हेतु जागरूक करना भी एक दायित्व है। अच्छे चरित्र के प्रत्याशियों का चुनाव में पजींकृत दलों के लिए जरूरी हो। स्वस्थ राजनीति का अर्थ राजनैतिक परिदृश्य में सत्तासंचालन हेतु जनप्रतिनिधि का चयन किया जाना होता है। जनप्रतिनिधि के दायित्व प्रशासन को जनता के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित और नियंत्रित रखना मात्र है। मगर हो क्या रहा है।