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महंगाई के मुद्‌दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

हिन्दुस्थान समाचार - 2010-02-08 17:07 UTC
नई दिल्ली । महंगाई सरकार के गले की फांस बनती जा रही है । मुख्यविपक्षी दल भाजपा सरकार को संसद के अन्दर और बाहर घेरने की तैयारी में है । सोमवार को भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि पार्टी लोकसभा में पार्टी की नेता सुषमा स्वराज से मिल कर संसद के अन्दर सरकार को घेरने की रणनीति बाना रही है ।

कांग्रेस और महंगाई में सीधा संबंध है - गडकरी

हिंदुस्थान समाचार - 2010-02-08 17:03 UTC
नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी दल भाजपा आम लोंगो से जुड़े महंगाई के मुद्‌दे पर सरकार को संसद और सड़क पर घेरने की तैयारी में है। सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पूरी सरक ार को ही कमर तोड़ मंहगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया ।

भारतीय शिक्षा का स्वर्णिम अतीत

हृदयनारायण दीक्षित - 2010-02-08 16:45 UTC
प्राचीन भारत की शिक्षा मुक्ति का मार्ग थी। गांधी जी भारतीय शिक्षा के सत्य-आग्रही थे। प्राचीन भारत के विद्यालय आचार्य परिवार थे, सो गुरूकुल कहलाते थे। दुनिया के किसी भी राष्ट्र में निशुल्क शिक्षा व्यवस्था का भारत जैसा आदर्श नहीं मिलता। संविधान संशोधन के बावजूद छोटे बों की निशुल्क शिक्षा व्यवस्था का भारत जैसा आदर्श नहीं मिलता।

कहां हैं वे निष्पक्ष, निर्भीक विचारक

हरिकृष्ण निगम - 2010-02-08 16:34 UTC
सारी दुनियां में भारत अकेला देश है जहां आज अंग्रेजी लेखन से जुड़े कुछ ऐसे विचारक हैं जिनकी हीनता-ग्रंथि इतनी स्पष्ट और मुखर है कि वे किसी न किसी रूप में बराबर कहते हैं कि देश का अतीत उनके मन में गर्व या विस्मय नहीं बल्कि वितृष्णा पैदा करता है।

रामचरितमानस में लोक मंगल की कामना

राजीव मिश्र - 2010-02-08 16:25 UTC
राम की कथा गोस्वामी तुलसीदास से पहले देववाणी संस्कृत में ही लिखी गर्ई थी और जन साधारण के लिए यह केवल 'श्रवणीय' थी क्योंकि वह भाषा जिसमें रामकथा लिखि गयी थी, उसके लिए सहज ग्राह्‌य नहीं थी और भाषा की क्लिष्टता के कारण उसकी पठनीयता बाधित थी। बड़े ही साहस के साथ गोस्वामी तुलसीदास ने तत्कालीन बोलचाल की भाषा में रामकथा लिखनी प्रारंभ की।

पानी के लिए लोग होंगे पानी-पानी

संतोष सारंग - 2010-02-08 16:18 UTC
आज विश्व की लगभग एक अरब आबादी को जल के लिए तरसना पड़ रहा है। भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, ब्राजील जैसे तमाम विकासशील देशों में लाखों लोग गंदे पानी से पैदा होनेवाली बीमारियों के कारण मौत के ग्रास बन जाते हैं। धरती के संपूर्ण जल में साफ पानी का प्रतिशत ०.३ से भी कम है। आनेवाले अगले २० वर्षों में खेती, उद्योग सहित अन्य क्रियाकलापों के लिए ५७ फीसदी अतिरिक्त जल की आवश्यकता होगी। कुछ दशक पूर्व पर्यावरणविदें एवं जल विशषज्ञों ने भविष्यवाणियां की थीं कि अगला विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा ।
भारत: शिक्षा

वंचित समुदाय के संवाद का सशक्त माध्यम बना सामुदायिक रेडियो

सामुदायिक रेडियो में सर्टिफिकेट कोर्स
डॉ. रमेश यादव - 2010-02-08 15:49 UTC
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दि्वी के पत्रकारिता एवं नवीन जनसंचार अध्ययन विद्यापीठ के अन्तर्गत सामुदायिक रेडियो में ६ माह का सर्टिफिकेट कोर्स संचालित हो रहा है।
भारत: राजनीति

जनता दल (यू) की नई हलचल

नीतीश की मजबूती कायम
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-02-08 11:03 UTC
इस साल के अंतिम महीनों में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और सत्तारूढ़ जनता दल (यू) के अनेक नेता बगावती तेवर अपनाने लगे हैं। सवाल उठता है कि उनकी बगावती तेवरों का क्या राज है और उनके ये तेवर दल को किस तरह प्रभावित करेंगे? क्या इससे नीतीश कुमार कमजोर होंगे? इन सवालों का जवाब ढूंढ़ना कठिन नहीं।
भारत

आखिर सरकार के होने का अर्थ क्या है

केन्द्र भी विफल है और राज्य सरकारें भीं
अवधेश कुमार - 2010-02-06 17:05 UTC
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यों के मुख्य सचिवों की पहली वार्षिक बैठक में जो कुछ कहा उससे आश्वस्ति की जगह चिंता ज्यादा पैदा होती है। इस समय देश की सबसे बड़ी चुनौती महंगाई है। इसमें राज्यों के मुख्य सचिवों की पहली बैठक से महंगाई पर काबू पाने के कुछ ठोस उपाय सामने आने की उम्मीद थी, किंतु अब यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि बैठक में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसे आशाजनक कहा जा सके।

समुद्र जल के खारेपन को दूर कर उसे पीनेयोग्य बनाने की एक अग्रगामी योजना

विशेष संवाददाता - 2010-02-05 11:25 UTC
नई दिल्ली: भू-विज्ञान मंत्रालय ने समुद्र जल के खारेपन को दूर कर उसे पीनेयोग्य बनाने की एक अग्रगामी यानी महत्त्वपूर्ण योजना शुरू की है।