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धीरे-धीरे हकीकत में बदल रहे हैं भारत के ईरान युद्ध के डर

डॉलर के मुकाबले रुपये का 100 के पार जाना एक पूर्वानुमानित आपदा
के. रवींद्रन - 2026-04-02 10:36 UTC
ईरान युद्ध को लेकर भारत की सबसे गहरी आर्थिक चिंताएँ अब काल्पनिक नहीं रह गई हैं। ये धीरे-धीरे सामने आ रही हैं, और उस क्रम में जिसका नीति निर्माताओं को शुरू से ही डर था। एक दूरस्थ लेकिन ऊर्जा-महत्वपूर्ण क्षेत्र में भू-राजनीतिक संघर्ष के रूप में शुरू हुआ यह मामला अब भारतीय रसोई, कारखानों, एयरलाइन बैलेंस शीट और मुद्रा बाजारों तक पहुंच गया है। पहला चेतावनी संकेत हमेशा ईंधन और गैस आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान ही रहा है। यह व्यवधान अब पूरी ताकत से आ चुका है, जिससे अधिकारियों और बाजार प्रतिभागियों के अनुसार दशकों में सबसे गंभीर गैस संकट पैदा हो गया है। एक अप्रैल को वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें फिर से बढ़ा दी गईं, औद्योगिक उपयोग को प्रतिबंधित करके घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखा गया है, और विकल्पों की तलाश ने पहले ही सभी क्षेत्रों में उत्पादन लागत को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

केरल का चुनावी दंगल: यूडीएफ को बहुमत मिलेगा या एलडीएफ आयेगा तीसरी बार?

कांग्रेस को जीत की उम्मीद, जबकि मुख्यमंत्री पिनाराई सुशासन की लहर पर सवार
कल्याणी शंकर - 2026-04-01 11:58 UTC
विपक्ष में एक दशक बिताने के बाद, कांग्रेस पार्टी 2026 के चुनावों से पहले केरल में अपना प्रभाव फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ), पिछले लोकसभा चुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों में मिले मज़बूत नतीजों से उत्साहित होकर, सत्ता छीनना चाहता है। सत्ताधारी सीपीआई(एम) राज्य में अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए अपने प्रयास तेज़ कर रही है। आने वाला चुनाव यूडीएफ की तरफ़ से मिल रही कड़ी चुनौती के सामने सत्ता बनाए रखने की लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की क्षमता की परीक्षा लेगा।

वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में भारत के समक्ष कई तरह के जोखिम

पश्चिम एशिया में युद्ध के दुष्प्रभाव से निपटने के लिए बेहतर नीतियों की ज़रूरत
डॉ. ज्ञान पाठक - 2026-03-31 11:42 UTC
वित्त वर्ष 2026-27 की ठीक शुरुआत में, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो रहा है, भारत को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि भारत एक बड़ा ऊर्जा आयातक देश है और पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ उसके मज़बूत व्यापार, निवेश और रेमिटेंस (विदेशों से आने वाले पैसे) के संबंध हैं। पश्चिम एशिया क्षेत्र फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के बाद से एक युद्ध क्षेत्र में बदल गया है। भारत का 2026-27 का बजट संसद में बहुत पहले, 1 फरवरी को ही पेश कर दिया गया था, जो अब बेमानी हो गया है। अब बदलती स्थिति को देखते हुए, भारत के लोगों को बचाने के लिए सोच-समझकर बनाई गई नीतियों की ज़रूरत है। एक अनुमान के अनुसार, मार्च की शुरुआत में रुपये के गिरकर 93 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच जाने से, 2022 की शुरुआत की तुलना में देश की 18.7 प्रतिशत आबादी पहले ही गरीबी में धकेली जा चुकी है, और यह गिरावट अभी भी जारी है। 30 मार्च को, यह 94.78 रुपये प्रति डॉलर था।

केरल में राजनीतिक चर्चा को अपने हिसाब से चलाने की कांग्रेस की बेताब कोशिश

सत्तारूढ़ एलडीएफ का चुनाव अभियान में विकास कार्यों और जन-कल्याण पर जोर
पी. श्रीकुमारन - 2026-03-30 11:08 UTC
तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) केरल के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक चर्चा को अपने हिसाब से चलाने की बेताब कोशिश कर रहा है।

राष्ट्रीय भाजपा द्वारा बंगाल भेजे गए चुनाव पर्यवेक्षक स्थानीय लोगों के निशाने पर

गुटबाजी से निपटने में अध्यक्ष नितिन नवीन को कोलकाता में हुई काफ़ी मुश्किल
तीर्थंकर मित्रा - 2026-03-28 10:30 UTC
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, परन्तु भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई अभी भी अपनी स्थिति ठीक नहीं कर पाई है। राज्य में पार्टी का संगठन काफी बिखरा हुआ है। इस बात का खुलासा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने तब हुआ, जब वे इस हफ़्ते चुनाव प्रचार की देखरेख के लिए कोलकाता आए थे।

बीजिंग में ट्रंप-शी वार्ता अब 14-15 मई को, जापान और ताइवान परेशान

ईरान युद्ध के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प चाहते हैं यह “यादगार” बन जाये
नित्य चक्रवर्ती - 2026-03-27 11:40 UTC
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरकार बहुप्रतीक्षित अपने चीन दौरे की नयी तिथियां 14 और 15 मई तय की है। इसकी घोषणा उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल में की। बीजिंग के इस तय दौरे को लेकर फिलहाल चल रहे पश्चिम एशियाई युद्ध में एक तरह के युद्धबंदी के प्रचार के माहौल में राजनयिक घेरे में बड़ी दिलचस्पी पैदा हो गई है। पहले ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल तक चीन जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने ईरान युद्ध में अपनी व्यस्तता के बारे में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करके उसे विलम्बित कर दिया।

पश्चिम एशिया में युद्ध और भारत का बढ़ता आर्थिक-राजनीतिक संकट

ईरान युद्ध शीघ्र नहीं रुका तो गड़बड़ा सकता है 2026-27 के बजट का आधार
अशोक नीलकंठन आयर्स - 2026-03-26 11:09 UTC
जब नरेंद्र मोदी 26 फरवरी को नेसेट को संबोधित करने के लिए येरुशलम गए तो वह ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधान मंत्री बने, और उनके जाने के समय का एक साफ रणनीतिगत संकेत था। दो दिन बाद, अमेरिका और इज़राइली सेनाओं ने ईरान पर हमला शुरु कर दिया। अब युद्ध की विभीषिका ने नई दिल्ली के दरवाजे पर दस्तक दे दिया है, जो यहां ठहरने वाला है, चुपचाप जाने वाला नहीं। फिर यदि ईरान युद्ध ज्यादा समय तक चला तो 2026-27 के भारतीय बजट का आधार गड़बड़ा जायेगा।

पश्चिम एशिया युद्ध में परमाणु खतरे के प्रति लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

अगर युद्ध जारी रहा तो नाभिकीय ठिकानों पर हमला होने की पूरी संभावना
डॉ. अरुण मित्रा - 2026-03-25 11:34 UTC
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अंतिम घोषित तिथि बढ़ा दी है। ऐसा लगता है कि यह फैसला उनके वरीय सैन्य नेतृत्व की सलाह पर, और साथ ही यूरोपीय देशों और खाड़ी सहकारी परिषद् (जीसीसी) के देशों के दबाव में लिया गया है। इन देशों को डर है कि अमेरिका द्वारा ज़रूरी अवसंरचना पर बमबारी के बदले में, ईरान डीसेलिनेशन और जल शोधन संयंत्रों को निशाना बना सकता है, जिससे इस इलाके में लाखों लोगों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है।

तमिलनाडु चुनाव में तीन-तरफ़ा मुकाबला, अभिनेता विजय की अहम भूमिका

2021 के मुकाबले 2026 के चुनाव सत्ताधारी द्रमुक के लिए ज़्यादा चुनौतीपूर्ण
कल्याणी शंकर - 2026-03-24 11:44 UTC
तमिलनाडु 23 अप्रैल को होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में एक जोरदार तीन-तरफ़ा मुकाबले के लिए तैयार है। इस चुनाव का राज्य और उसके नेताओं के लिए गहरा महत्व है।

पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने से एक और वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा

अमेरिकी फेडरल रिज़र्व सहित पश्चिमी बैंकरों का फिर से मौद्रिक नीति बनाने का प्रयास
अंजन रॉय - 2026-03-23 11:44 UTC
पश्चिम एशिया का संकट अब एक वैश्विक आर्थिक चुनौती में बदल गया है। इसकी शुरुआत इज़राइल द्वारा 'साउथ पार्स' गैस क्षेत्र पर किए गए हालिया हमलों और ईरान द्वारा कतर के पड़ोसी 'नॉर्थ डोम' गैस क्षेत्र में स्थित कतरी गैस सुविधाओं पर किए गए हमलों से हुई है। निस्संदेह, युद्ध और भड़क गया है और इस पर नियंत्रण बहुत कम है—कम से कम संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए तो बिल्कुल भी नहीं।
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