अमृतध्वनि साहित्य में अमृतध्वनि छह दलों वाला एक छन्द है। इस छन्द का प्रयोग वीर रस की कविताओं के लिए काफी किया गया है। आसपास के पृष्ठ अयत्नज अलंकार, अरंगशेखर, अरध-उरध, अरविंद दर्शन, अराजकतावाद, अर्थ बोध