असूया
असूया एक संचारी भाव है। जब औद्धत्य के कारण दूसरे का गुण या दूसरे की समृद्धि को कोई सहन नहीं कर पाता है तब उस भाव को असूया कहते हैं।
जो असूया से ग्रस्त हो जाता है वह दोषकथन बड़ी रुचि लेकर करता है। भृकुटिभंग, तिरस्कार, क्रोध आदि के चिह्न भी उस व्यक्ति में प्रकट होते हैं।