ओज व्यक्ति के तेज या दीप्ति को ओज कहते हैं। यह मुखा की आभा है। परन्तु साहित्य में ओज वह गुण है जो पढ़ने या सुनने वाले में उत्साह, वीरता या आवेश भर दे।