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क्वांरी

सामान्यतः क्वांरी उस कन्या को कहते हैं जो अविवाहित है।

अध्यात्म में भारतीय संतो ने माया को चिर क्वांरी कहकर सम्बोधित किया है।

कबीरदास तो कहा करते थे -
तुम बुझहु पंडित कवन नारि, काहू न बियाहल है कुमारि।

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