हिटलर से प्रेरित है ‘कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग
नाजी सरकार की ओर से ऐसी फिल्मों को पुरस्कृत भी किया जाता था
-
2022-03-19 09:42 UTC
देश बदल नहीं रहा है बल्कि बहुत कुछ बदल चुका है! एक वह समय था जब भारत के प्रधानमंत्री अपने समय के फिल्मकारों को ‘हकीकत’, ‘प्यासा’, ‘नया दौर’ जैसी फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे और आज वह समय आ गया है जब मौजूदा प्रधानमंत्री एक यौन कुंठित और तीसरे दर्जे के फिल्मकार की अधूरा सच और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर बनाई गई बदअमनी फैलाने वाली फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ की मार्केटिंग कर रहे हैं। यह विडंबना तब के और अब के प्रधानमंत्री के बीच उनकी औपचारिक पढ़ाई-लिखाई के फर्क के साथ ही उनके बौद्धिक स्तर और उनके इरादों के फर्क को भी रेखांकित करती है।