जाति जनगणना के सवाल
न करवाने का कोई युक्तिसंगत तर्क नहीं
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2021-08-04 11:16 UTC
जाति जनगणना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सच तो यह है कि इस बार यह मांग जितनी तेज है, उतनी पहले कभी नहीं थी। संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केन्द्र सरकार ने कहा कि जनगणना में जातियों की अलग अलग आबादी की गणना नहीं होगी। सरकार के इस जवाब के बाद देश में एक तरह का भूचाल आ गया है और जाति जनगणना की मांग तेज हो गई है। राजद नेता अगले 7 अगस्त को मंडल दिवस के दिन देश भर में सरकार के इस निर्णय का विरोध किया जा रहा है। विरोध कुछ राजनैतिक पार्टियां और ओबीसी संगठन कर रहे हैं। चूंकि ओबीसी राष्ट्रीय स्तर पर बहुत संगठित नहीं हैं और राजद जैसे दल तो इस विरोध का आयोजन कर रहे हैं, क्षेत्रीय दल हैं, इसलिए देश के अलग अलग हिस्सों में यह विरोध अलग अलग तरीके से होगा। कहीं दिख पड़ेगा और कहीं नहीं दिख पड़ेगा। लेकिन विरोध तो सारे देश में किसी न किसी रूप में होगा।