Skip to main content

View Articles

मंत्रालय विस्तार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के मंडल कार्ड का एक हिस्सा है

अखिलेश यादव अपने समानांतर सब की साथ कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रहे हैं
प्रदीप कपूर - 2021-09-29 11:14 UTC
लखनऊः योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में तीन ओबीसी, दो अनुसूचित जाति, एक अनुसूचित जनजाति के साथ भाजपा ने आक्रामक मंडल कार्ड खेला है। एक ब्राह्मण को भी मंत्री बनाया गया।

कौन बनाता है मुख्यमंत्री?

कम ही मामलों में विधायक अपना नेता चुनते हैं
एल. एस. हरदेनिया - 2021-09-28 17:17 UTC
तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने एक बार कहा था कि पंडित नेहरू के समय मुख्यमंत्री नामजद नहीं होते थे। उनकी इस टिप्पणी के कुछ दिन बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भोपाल आई थीं। उनकी पत्रकार वार्ता आयोजित थी। पत्रकार वार्ता में मैंने पूछा कि अभी हाल में राष्ट्रपति महोदय ने यह टिप्पणी की थी कि नेहरूजी के जमाने में मुख्यमंत्री नामांकित नहीं होते थे। उत्तर देते हुए उन्होंने कहा क्या नेहरूजी को मुझसे ज्यादा कोई जानता था। स्पष्ट है कि उनका कहना था कि नेहरूजी के जमाने में भी मुख्यमंत्री नामांकित होते थे। इससे साफ है कि जब से देश में संसदीय प्रजातंत्र की शुरूआत हुई है तभी से मुख्यमंत्रियों का नामांकन ही होता आया है।

सुप्रीम कोर्ट के फूटर से मोदीजी के फोटो हटाने के आदेश

उसी तर्क से वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट से भी मोदीजी का फोटो हटना चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-09-27 10:23 UTC
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर कोर्ट के ईमेल फूटर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर हटाने को कहा है। गौरतलब हो कि एनआईसी, जो कि भारत सरकार की एक संस्था है, वह अन्य सरकारी संगठनों और संस्थाओं के लिए ईमेल को डोमेन तैयार करती है। ईमेल के साथ जो मैसेज जाता है, उसके नीचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक तस्वीर सुप्रीम कोर्ट के ईमेल धारियों की ओर से जा रही है, जिसके साथ लिखा होता था, ‘‘सबका साथ, सबका विकास’’। जब सुप्रीम कोर्ट के जजों को इसका अहसास हुआ, तो इस पर आपत्ति जताई गई और आदेश जारी किया गया है कि उस तस्वीर और उसके साथ जो स्लोगन है, उसे तुरंत हटाया जाय। यदि इस तरह का फूटर जाना ही था, तो वह सुप्रीम कोर्ट के भवन का हो सकता है, प्रधानमंत्री का तो हरगिज नहीं।

कांग्रेस में शुरू हो चुका है राहुल-प्रियंका का समय

सोनिया अब अपने पुराने सहयोगियों को सिर्फ 'आई एम सॉरी’ बोलने की जिम्मेदारी ही निभाएंगी
अनिल जैन - 2021-09-25 08:57 UTC
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुख्यमंत्री पद से विदाई को अगर संकेत माना जाए तो साफ है कि कांग्रेस में अब करीब तीन दशक पुराने उस दौर की फिर शुरुआत हो गई है, जब कोई क्षत्रप आलाकमान को आंख दिखाने की हिम्मत नहीं करता था। हालांकि पार्टी की कमान अभी औपचारिक तौर पर सोनिया गांधी के हाथों में ही है, लेकिन पंजाब का घटनाक्रम बताता है कि कांग्रेस में अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का समय शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों वे कुछ और सख्त फैसले लेंगे। कैप्टन को हटा कर राहुल गांधी ने वह काम किया है जो वे पार्टी अध्यक्ष रहते हुए भी नहीं कर पाए थे। खुद सोनिया गांधी ने भी पार्टी की कमान संभालने के बाद कभी इस तरह की राजनीति नही की, जैसी कैप्टन के मामले में राहुल और प्रियंका ने की है।

बुनियादी परिवर्तनों के दौर में

ध्वंस के दिन आ गए हैं
कृष्णा झा - 2021-09-24 09:48 UTC
आज हम बुनियादी परिवर्तनों के दौर से गुजर रहे हैं। जब बुनियाद बदल जाती है तो ऊपरी ढांचे को भी बदलना पड़ता है। पूंजीवादी समाज टिका होता है मालिक और मजदूर के कंधों पर और वही उत्पादन का भी दायित्व निभाते हैं। उनमें से एक उत्पादन को व्यवस्थित करता है, जिसके लिये निवेश का होना अनिवार्य है, और इस निवेश को ही वैज्ञानिक शब्दों में पूंजी कहते हैं। यह पूंजी निकलती है जब उत्पादन अधिक होता है और अतिरिक्त मुनाफे के साथ अधेशेष मूल्य मिलता है। इस सत्य की खोज मार्क्स ने की थी जब वह अपने राजनैतिक अर्थशास्त्र की रचना कर रहे थे। अधिशेष तभी होता है जब मजदूर अपने मुआवजे के अतिरिक्त काम करता है। यह अतिरिक्त श्रम ही अधिशेष का स्रोत है और पूंजी की भूमिका भी निभाता है। समाज के विकास के साथ ही पूंजी भी विकसित होती है और इस सबकी चरम परिणति होती है वित्त पूंजी में। औद्योगिक पूंजी और बैंक का परस्पर में मिल जाना होता है और निवेश में भारी कमी आ जाती है।

महंत नरेन्द्र गिरि की मौत

सबूत चीख चीख कर कह रहे हैं वह आत्महत्या का मामला है
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-09-24 09:44 UTC
प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरि की मौत हो गई। वे फांसी से झूलते हुए पाए गए और पुलिस ने प्राथमिक तौर पर पाया की महंत ने आत्महत्या कर ली है। वह आत्महत्या का मामला पुलिस को इसलिए लगा कि जिस कमरे में महंत फांसी पर झूलते हुए पाए गए थे, वह कमरा अंदर से बंद था और आश्रम के लोग उस कमरे के दरवाजे को तोड़कर ही अंदर पहुंचे थे। जैसे ही उस मौत की खबर कमरे से बाहर निकली, कुछ कथित और तथाकथित संतों ने एक सिद्धांत जारी कर दिया कि संत आत्महत्या नहीं कर सकते और उसी सिद्धांत को सत्य साबित करने के लिए कथित संतों का एक बहुत बड़ा हुजूम तैयार हो गया, जो चीख चीख कर कह रहे हैं कि नरेन्द्र गिरि महंत हैं, तो फिर वे आत्महत्या नहीं कर सकते, वह पूरी तरह से हत्या का मामला है।

उच्च जोखिम वाले ट्रांसजेंडरों और यौनकर्मियों को टीका लगाने के लिए विशेष अभियान

कुशाल जीना - 2021-09-23 11:13 UTC
नई दिल्ली: शहर के सुल्तानपुर इलाके के एक केंद्र में एक सप्ताह तक चले समर्पित टीकाकरण अभियान में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और यौनकर्मियों का टीकाकरण किया गया। यह अभियान स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों के मंत्रालय द्वारा उच्च जोखिम वर्ग के लोगों को टीका लगाने के लिए शुरू की गई एक पहल का हिस्सा था। एलजीबीटी और यौनकर्मियों सहित हाशिए के समुदायों के लिए समर्पित केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार ने गैर सरकारी संगठनों को शामिल किया है।

तालिबानी कानूनों के खिलाफ अफगान महिलाओं के मजबूत विरोध का पाकिस्तान पर असर

पाकिस्तान की महिलाएं भी प्रतिरोघ में उठ खड़ी होंगी
शंकर राय - 2021-09-23 09:33 UTC
तालिबान की वापसी के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों के गंभीर हनन के खिलाफ 72 वर्षीय अखिल पाकिस्तान महिला संघ की चुप्पी कोई मोहक नहीं है क्योंकि एपीडब्ल्यूए हमेशा से व्यवस्थावादी रहा है। लेकिन सशक्तिकरण के लिए तरस रही महिलाओं की घर में निर्वासित नई पीढ़ी की चुप्पी चौंकाने वाली है, विशेष रूप से कामकाजी महिलाएं जो पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनजीर भुट्टो के पाकिस्तान के प्रधान मंत्री बनने के बाद से ’धर्मनिरपेक्ष नारीवादी सक्रियता’ के लिए जानी जाती हैं।

युवाओं को आकर्षित करने के लिए समाजवादी पार्टी ने शुरू किया व्यापक चुनावी अभियान

अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान को व्यापक रूप दिया
प्रदीप कपूर - 2021-09-22 11:06 UTC
लखनऊः नया नारा लगाते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव जीतने के लिए महिला और युवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पहले फॉर्मूला मुस्लिम और यादव के लिए था जिसने पार्टी को चुनाव जीतने में मदद की।

पंजाब में मुख्यमंत्री परिवर्तन

आत्महंता प्रवृति से ग्रस्त हो गई है कांग्रेस
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-09-20 11:22 UTC
पंजाब विधानसभा के चुनाव सिर पर हैं और इस बीच अमरीन्दर सिंह को मुख्यमंत्री पद से कांग्रेस द्वारा हटा दिया जाना इस बात का संकेत है कि सोनिया गांधी परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस आत्महंता प्रवृति से ग्रस्त है। कैप्टन सिंह को हटाने का जो तरीका अपनाया गया है, वह तो और भी ज्यादा खराब है और उससे पता चलता है कि कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व पार्टी का सही तरीके से नेतृत्व करने में विफल है। कांग्रेस आलाकमान ने अबतक अनेको राज्यों में दर्जनो मुख्यमंत्री हटाए है, लेकिन जिस तरह से अपमानित कर कैप्टन को पद से हटाया गया है, उसकी कोई और दूसरी मिसाल नहीं है। हटाए जाने का जो तरीका अपनाया गया है, वह भी बहुत ही कायरतापूर्ण है। एक कॉमेडियन का इस्तेमाल उन्हें हटाने के लिए किया गया। उनके खिलाफ केन्द्रीय द्वारा विक्षुब्ध तैयार किए गए। असंतुष्टों की संख्या बढ़ाई गई और बाद में उन्हें हटा दिया गया।