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कांग्रेस के सामने अभूतपूर्व संकट

दो ही विकल्प- करो या मरो
कल्याणी शंकर - 2020-07-22 09:50 UTC
कांग्रेस पार्टी को अपने अंदर चल रहे एक अभूतपूर्व सत्ता संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है, जो भारत की सबसे पुरानी पार्टी पर बहुत भारी पड़ रहा है। कांग्रेस लगभग समाप्त हो रही है। इसने कुछ ही हफ्ते पहले मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य को खो दिया था और एक और बड़े राज्य राजस्थान को खोने की प्रक्रिया में है। भले ही अशोक गहलोत सरकार मौजूदा संकट से बच जाय, लेकिन सदन में नाजुक बहुमत के मद्देनजर उसपर खतरे की तलवार लटकती रहेगी और वह तलवार उस पर गिर कर उस सरकार को भविष्य में कभी भी अस्तित्वहीन हो सकती है।

बिजली उपभोक्ताओं को लूट रहे हैं डिस्कॉम

उत्पादन लागत से 4 गुना ज्यादा उपभोक्ताओं से वसूला जाता है
नंतू बनर्जी - 2020-07-21 11:26 UTC
भारत पूरे एशिया प्रशांत क्षेत्र में कोयला, सौर और पवन स्रोतों से बिजली का सबसे सस्ता उत्पादक है। यह इस क्षेत्र का एकमात्र देश है जहां सौर ऊर्जा की लागत थर्मल पावर की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत कम है। हालांकि, भारतीय उपभोक्ताओं द्वारा भुगतान किए गए टैरिफ के मामले में, मलेशिया, वियतनाम और चीन जैसे देशों की तुलना में बिजली शुल्क सबसे अधिक है।

बिहार विधान सभा चुनाव टालने में ही समझदारी

उपेन्द्र प्रसाद - 2020-07-20 09:40 UTC
बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल समाप्ति की ओर है और नवंबर महीने तक नई विधानसभा के लिए चुनाव हो जाना चाहिए। चुनाव की वहां सरगर्मी भी शुरू है। लेकिन इसी सरगर्मी के बीच वहां कोरोना के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। यदि दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से उनकी तुलना करें, तो वहां अभी भी कोरोना के मामले कम दिख रहे हैं। जाहिर है, कोरोना मामले अभी पीक की और बढ़ ही रहे हैं। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले में 19 जुलाई को तो इसने दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। पटना में राजनिवास, मुख्यमंत्री निवास, सचिवालय, भाजपा कार्यालय जैसी जगहों में भी कोरोना पोजिटिव पाए गए हैं।

प्रियंका गांधी दे रही हैं योगी को टक्कर

कांग्रेसी कैडर में हो रहा है जोश का संचार
प्रदीप कपूर - 2020-07-18 11:00 UTC
लखनऊः अन्य विपक्षी नेताओं के विपरीत, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश की सड़कों पर उतरने और सत्तारूढ़ योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा सरकार को चुनौती देने के लिए अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जुटाने में कामयाबी हासिल की है।

कोविड काल में आंदोलन पर रोक स्वागत योग्य

केरल कम्युनिटी फैलाव के मुहाने पर
पी श्रीकुमारन - 2020-07-17 09:53 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल उच्च न्यायालय के कोविड काल के दौरान आंदोलन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश बहुत ही सही समय पर आया है।

सचिन पायलट के पास सीमित विकल्प

कांग्रेस में बने रहना ही उनके लिए बेहतर होगा
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-07-16 17:12 UTC
सचिन पायलट अषोक गहलौत की सरकार को तो संकट में डाल नहीं सके, अब खुद वे राजनैतिक संकट का सामना कर रहे हैं। वे कुछ दिन पहले राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष थे। अब वे उस पद से हटा दिए गए हैं। वे प्रदेश की सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। वहां से भी हटा दिए गए हैं। फिलहाल वे कांग्रेस से विधायक हैं और टोंक विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी विधायकी पर भी अब खतरा मंडरा रहा है। उनके साथ 18 अन्य कांग्रेस विधायकों की विधायकी भी खतरे में पड़ गई है।

दुबे मुठभेड़ ने एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण को उजागर किया है

नेताओं और अपराधियों का नापाक गठबंधन भारत को तबाह कर रहा है
कल्याणी शंकर - 2020-07-15 09:48 UTC
भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने हाल ही में एक आभासी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “राजनीति के अपराधीकरण ने नई ऊंचाइयों को छुआ है, अब हम सभी बंगाल में ‘कट मनी’ के बारे में सुनते रहते हैं। हमें ‘कट मनी’ मांगने वाले इन नेताओं का कद छोटा करने की आवश्यकता है, जो पैसे की मांग करते हैं। हमें बंगाल के गौरव को पुनर्स्थापित करने और इस सरकार को पूरी तरह हटाने की आवश्यकता है। ” वह अपनी टिप्पणियों में इतना सही था कि एक हफ्ते बाद जो हुआ उसने राजनीति में अपराधीकरण को रोकने की आवश्यकता की पुष्टि की।

राजस्थान का पायलट गेम

विधानसभा का विश्वास हासिल करें अशोक गहलौत
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-07-14 09:37 UTC
राजस्थान में वही हो रहा है, जिसकी आशंका थी। मध्यप्रदेश की तरह वहां भी भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस सरकार को अपदस्थ कर सत्ता प्राप्ति की कोशिश कर रही है और इस कोशिश में उसका साथ दे रहे हैं सचिन पायलट। पिछले विधानसभा चुनाव के समय पायलट प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष थे और चुनाव जीतने के बाद वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी बन गए थे। उनको और उनके समर्थकों को लगता था कि उनके कारण ही कांग्रेस की राजस्थान में जीत हुई है, हालांकि वह जीत कोई बहुत बड़ी जीत नहीं थी। कांग्रेस को बहुमत के आंकड़े के पास ही सीटें मिली थीं और बसपा व कुछ अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों की सहायता से उसकी सरकार बन गई, पर पायलट मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलौत मुख्यमंत्री बने और सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री बना दिया गया। उसके अलावा वे प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष भी बने रहे।

सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल

पूर्व न्यायाधीश भी चिंतित
के रवीन्द्रन - 2020-07-13 09:33 UTC
चीफ जस्टिस एस ए बोबडे के अधीन सुप्रीम कोर्ट का समय अच्छा नहीं रहा है। समस्या के निर्णायक शुरुआती चरण में प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर अदालत के दृष्टिकोण की बहुत आलोचना की गई थी। अदालत ने जो कुछ भी सरकार द्वारा कहा गया उससे अपना संतोष दिखाने का काम किया, जबकि वास्तविकात कुछ और थी। अदालत ने अपना दिमाग लगाना उचित ही नहीं समझाा और सरकार के हां में हां मिलाती चली गई। इससे सामाजिक वैज्ञानिकों ने ही नहीं, बल्कि कानूनी हलकों में भी सुप्रीम कोर्ट के रवैये की आलोचना हुई। व्यापक असंतोष के बाद ही जिसकी विभिन्न तरीकों से अभिव्यक्ति की गई, अदालत ने अपना दृष्टिकोण बदला। लेकिन ऐसा करते समय, यह स्वतः विरोधाभास प्रतीत होता है। अदालत के दृष्टिकोण को ‘आत्म-विनाशकारी सम्मान में पीछे हटने में से एक के रूप में वर्णित किया गया था।

बुरे फंसे शिवराज

हैं तो मुख्यमंत्री पर विभागों के वितरण का भी अधिकार नहीं
एल एस हरदेनिया - 2020-07-11 10:19 UTC
भोपालः ‘भाजपा वास्तव में एक अलग किस्म की पार्टी है’। मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में आज इसकी खूब चर्चा चल रही है। बीजेपी ने इतिहास बना दिया है। मंत्रिपरिषद के गटन में उसके 102 दिन लगे। एक महीने से अधिक समय तक राज्य में मुख्यमंत्री बिना किसी मंत्रिपरिषद के ही रहे। ऐसा करके संवैधानिक प्रावधानों का मजाक उड़ाया गया, क्योंकि संविधान में यह स्पष्ट लिखा गया है कि राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह से राज करता है। मंत्रिपरिषद का मतलब एक से अधिक मंत्रियां का परिषद होता है। अकेले मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद नहीं कहला सकता।