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मध्य प्रदेश में उपचुनावों की गहमागहमी

भाजपा और कांग्रेस में आंतरिक कलह शुरू
एल एस हरदेनिया - 2020-05-30 09:23 UTC
भोपालः ऐसा प्रतीत होता है कि आगामी 24 विधानसभाओं के उपचुनावों के कारण कोरोनोवायरस संकट पीछे चला गया है। यह याद किया जा सकता है कि 22 मौजूदा कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे और दो विधायकों की मृत्यु के कारण, 24 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव जल्द ही होंगे। हालांकि उपचुनाव की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी है।

जोखिम से घिरे हैं प्रवासी मजदूर

प्रवासी मजदूरों को मिले आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा
राजु कुमार - 2020-05-29 16:11 UTC
देश में मौजूदा समय में मजदूरों की स्थिति सबसे खराब है। करोड़ों मजदूर विकराल गरीबी के दुश्चक्र में घिरते हुए नजर आ रहे हैं। यहां तक कि अब तक के वे सबसे कम सामाजिक सुरक्षा उपायों के साथ जीने को मजबूर हो गए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक प्रतिष्ठा हर मायने में वे जोखिम से घिरे हुए हैं। यदि प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर तत्काल ध्यान देते हुए उन्हें सहयोग एवं सुरक्षा न मिलेगी, तो करोड़ों लोगों का जीवन संकट में पड़ जाएगा।

कोविड महामारी ने पूंजीवाद की पोल खोल दी

समाजवाद के लिए संघर्ष कठिन और लंबा होगा
बिनॉय विस्वम - 2020-05-29 08:48 UTC
लोगों ने अपनी निराशा और आशा के कारण पूछना शुरू कर दिया है कि ‘‘क्या समाजवाद वापस आ जाएगा?’’ उनमें से कई यह सवाल ईमानदारी और उत्सुकता से करते हैं। कुछ अन्य लोग इतने उत्साही नहीं हो सकते हैं। समाजवाद का वापस आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। यह भी कहने की जरूरत है कि यह नाटकीय तरीके से नहीं हो सकता है। नई विश्व व्यवस्था में समाजवाद का फिर से उभरना एक ऐतिहासिक प्रक्रिया होनी चाहिए, जिसमें विभिन्न कारक जैसे कि आर्थिक, राजनीतिक, वैचारिक, सामाजिक और पर्यावरणीय प्रश्न को संबोधित किया जा सकता है। यह बहुत आसान काम नहीं है, जितना कि कई लोग कर सकते हैं।

प्रियंका गांधी को मायावती समझ रही है अपने लिए बड़ा खतरा

बसपा सुप्रीमो भाजपा से ज्यादा कांग्रेस की आलोचना कर रही हैं
प्रदीप कपूर - 2020-05-28 10:15 UTC
लखनऊः बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती उत्तर प्रदेश में अपने सहयोगियों के चयन में अप्रत्याशित रूप से यूटर्न लेने के लिए जानी जाती हैं। वह कब किस पाले में चली जाएं, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। वह प्रदेश की अन्य तीनों प्रमुख पार्टियों में अतीत में कभी न कभी गठजोड़ कर चुकी हैं।

भारत के लिए पाकिस्तान से ज्यादा खतरनाक है चीन

चीन के विस्तारवादी इरादों में कोई तब्दीली नहीं आई है
अनिल जैन - 2020-05-27 09:55 UTC
इन दिनों लद्दाख और सिक्किम से सटी भारत-चीन सीमा पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इन इलाकों में चीन ने न सिर्फ अपने सैनिकों की संख्या बढा दी है, बल्कि उसकी वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी लगातार आसमान में मंडरा रहे हैं। उधर नेपाल ने भी तिब्बत, चीन और नेपाल से सटी सीमा पर भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिपियाधूरा इलाके को अपने नए राजनीतिक नक्शे में शामिल कर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि नेपाल ने भी यह दुस्साहस चीन की शह पर ही किया है।

प्रियंका की बस राजनीति से योगी सरकार पस्त

कांग्रेस महासचिव ने प्रदेश में कांग्रेस नेताओं और कार्यकत्र्ताओं का मनोबल बढ़ाया
प्रदीप कपूर - 2020-05-23 09:39 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के बीच चल रही खींचतान ने राज्य में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाया है।

मोदी का पैकेज आत्मनिर्भरता का पैकेज नहीं है

यह तो पूरे देश को बेच देने का ही पैकेज है
बिनॉय विस्वम - 2020-05-22 15:09 UTC
जब प्रधानमंत्री महामारी से लड़ने के लिए बहुप्रतीक्षित पैकेज के साथ सामने आए, तो संघ विचारधारा के कुछ उत्साही लोग मोहित हो गए। उनके लिए सबसे आकर्षक तत्व था ‘आत्मनिर्भर भारत’ का उद्घोष। वे यहां तक मानने लगे थे कि अब भारत यू-टर्न लेगा और आत्मनिर्भरता का रास्ता बनाएगा। विदेशी पूंजी पर अनुचित निर्भरता समाप्त हो जाएगी। उनमें से कुछ इस तरह के सपने देखने लगे थे! आत्मनिर्भर भारत के आसपास निर्मित प्रचार प्रसार निश्चित रूप से अल्पकालिक था। 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का सच इतना निर्मम था कि इसने मिट्टी के नीचे ‘आत्मनिर्भर भारत’ को गाड़ दिया।

क्यों विफल हो गया लाॅकडाउन?

नोटबंदी की गलतियों से मोदीजी को सबक लेनी चाहिए थी
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-05-21 13:34 UTC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित लाॅकडाउन विफल हो गया है और पूरा देश कोरोना की आग में जलने लगा है। उम्मीद की जा रही थी कि लाॅकडाउन कोरोना के चेन को तोड़ देगा और सिर्फ लोगों को घरों में बंद कर देने से ही इस महामारी का संकट टल जाएगा। लोग घरों में बंद भी हुए। देश की आर्थिक गतिविधियों पर लगभग विराम लग गया। करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए। लाखों मजदूरों को खून के आंसू पीनी पड़ा। बेघर मजदूर अपने घरों की ओर पैदल जाने के क्रम में ऐसी त्रासदी का शिकार हुए, जो आजाद भारत के इतिहास में पहले बार हो रहा था। आजाद भारत क्या, देश के ज्ञात इतिहास में कभी ऐसी घटना नहीं घटी होगी कि लाखों लोग पैदल चल रहे थे और उनमें से कई अपनी जान गंवा रहे थे, तो कई पुलिस अत्याचार का सामना कर रहे थे।

तीसरे राहत पैकेज में वास्तव में राहत मिली है

यह भारतीय किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है
अंजन रॉय - 2020-05-20 10:21 UTC
पिछले सप्ताह के दौरान वित्त मंत्री द्वारा घोषित किए गए सभी सुधारों में से एक सुधार जिसका स्थायी प्रभाव होने की संभावना है वह होगा कृषि उत्पादों के विपणन के बारे में उनकी घोषणाएं। यह एपीएमसी और कृषि उत्पादों के विपणन को दृष्टिगोचर करता है। यह किसानों को उनके स्थानीय बिचैलियों और मध्यवर्गीय राजनेताओं से मुक्त कर रहा है।

कोरोना संकट से मध्यप्रदेश का बुरा हाल

राज्य से होकर गुजर रहे अन्य राज्यों के मजदूर अलग से दे रहे हैं सिर दर्द
एल एस हरदेनिया - 2020-05-19 10:27 UTC
भोपालः मध्य प्रदेश में देश भर से प्रवासी मजदूरों को अपने घरों में वापस जाने का खामियाजा भुगतना पड़ता है। यह अतिरिक्त समस्या राज्य की भौगोलिक स्थिति के कारण हो रही है। प्रवासी मजदूरों को महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और दक्षिणी राज्यों से और यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने के लिए मध्य प्रदेश से गुजरना पड़ता है।