प्रधानमंत्री ने त्रासदी को भी उत्सव बना दिया
वैश्विक संकट की घडी में भी राजनीतिक हित साधने का एक क्षुद्र उपक्रम
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2020-04-09 10:05 UTC
कोरोना संक्रमण से बचाव से उपाय के तौर लॉकडाउन से पहले 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान जब लोग ताली, थाली, शंख, घंटी और ढोलक बजाते हुए सडकों पर निकल आए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस पर गहरी नाराजगी जताई थी। उनकी नाराजगी स्वाभाविक ही थी, क्योंकि जनता कर्फ्यू का आह्वान करते हुए उन्होंने कोरोना संक्रमण की चेन तोडने के लिए सोशल डिंस्टेसिंग बनाए रखने पर जोर दिया था। उन्होंने घर के देहरी को लक्ष्मण रेखा बताते हुए उसे न लांघने की अपील लोगों से थी।