सवाल तो तसलीमा की नागरिकता का भी कम महत्वपूर्ण नहीं
आखिर उन्हें स्थायी नागरिकता क्यों नहीं दी जा रही?
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2019-12-18 09:44 UTC
बहुचर्चित और बहुविवादित नागरिकता संशोधन कानून सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कानून के मुताबिक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताडना का शिकार हो रहे गैर मुस्लिम धर्मावलंबियों को भारतीय नागरिकता दी जा सकेगी। नागरिकता संशोधन विधेयक पर संसद में बहस के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर इन देशों का कोई मुस्लिम नागरिक भी धार्मिक आधार पर प्रताडना के चलते भारत की नागरिकता लेना चाहेगा तो सरकार उसके आवेदन पर भी विचार करेगी। गृह मंत्री के इस आश्वासन के मद्देनजर बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन का जिक्र किया जाना लाजिमी हो जाता है, जिन्होंने लंबे समय से भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए आवेदन कर रखा है।