चीन का जनसंख्या संकट
भारत को इससे क्या सीखना चाहिए
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2022-07-26 17:02 UTC
थॉमस माल्थस ने जब जनसंख्या का अपना सिद्धात 1788 इस्वी में पेश किया था, तो दुनिया डर गई थी। माल्थस का कहना था कि जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुपात में खाद्यान्न का उत्पादन नहीं बढ़ रहा। इसके कारण दुनिया में खाद्य संकट पैदा हो जाएगा और लोग भूखों मरने लगेंगे। माल्थस ने यह भी कहा कि खाद्यान्न और जनसंख्या में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रकृति भी कुछ न कुछ करती रहेगी और अनेक किस्म की प्राकृतिक आपदाएं पैदा होती रहेंगी, जिसके कारण भारी संख्या में लोग मरेंगे और इस तरह जनसंख्या और खाद्यान्न का संतुलन बरकरार रहेगा। संतुलन को बिगड़ने से बचाने के लिए माल्थस ने कहा था कि लोगों को परिवार नियोजन करना चाहिए। वे ब्रह्मचर्य रहें या देर से शादी करे। इसके कारण जनसंख्या की वृद्धि को रोका जा सकेगा और प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षा मिलगी और भूखमरी से भी बचा जा सकेगा।