भारत
मोहन भागवत की आरक्षण पर समीक्षा की मांग
आखिर क्या मंशा है संघ प्रमुख कीे?
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2015-10-18 03:10 UTC
बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत का आरक्षण नीति की समीक्षा करने का बयान लालू के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसके कारण वे पूरी तरह से लय में आ गए हैं और बिहार विधानसभा चुनाव को अगड़ा बनाम पिछड़ा और आरक्षण समर्थन बनाम आरक्षण विरोध बनाने में लग गए हैं। सवाल उठता है कि इस तरह का बयान आखिरकार मोहन भागवत ने दिया ही क्यों? वैसे उन्होंने कभी नहीं कहा कि आरक्षण समाप्त किया जाना चाहिए अथवा आरक्षण का आधार आर्थिक कर दिया जाना चाहिए, लेकिन आरक्षण का मामला इतना संवेदनीशील है कि इसकी चर्चा करते समय लोग तर्क का नहीं भावना का सहारा लेने लगते हैं। आरक्षण समर्थकों के लिए भी यह सच है और आरक्षण विरोधियों के लिए भी यही सच है।