व्यवस्था की उड़ाई जा रही है धज्जियां
उपेन्द प्रसाद
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2015-02-12 13:24 UTC
नीतीश कुमार की छवि मीडिया में एक जेंटिलमैन राजनीतिज्ञ की रही है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने की लालसा में आज वे जो कुछ कर रहे हैं, उससे उनकी छवि एक अराजनैतिक नेता की बन रही है, जिसके लिए नियम और कायदे कोई मायने नहीं रखते और जिसे किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिए। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से उनका तकरार भी इन्हीं कारणों से हुआ। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं और नीतीश चाहते थे कि सरकार उनकी चले और श्री मांझी उनके इशारों पर नाचते रहें। यह भी व्यवस्था के खिलाफ नीतीश का दुराग्रह ही था। इतना ही नहीं, वे चाहते थे कि मांझी उनके लिखे हुए भाषण ही पढ़ें। यह सब संभव नहीं हो सका। और उसके बाद नीतीश कुमार मांझी जी को हटाकर मुख्यमंत्री बनने के लिए सक्रिय हो गए। इसमें उन्हें लालू यादव का भी सहयोग मिल गया, जो शायद अपनी बेटी को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।