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भारत: केरल

बार रिश्वतखोरी में नया मोड़, अदालत का हस्तक्षेप जरूरी

पी श्रीकुमारन - 2015-02-17 12:56 UTC
तिरुअनंतपुरमः बार रिश्वतखोरी और पटोर भूमि घोटाले में हो रही जांच अब एक विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गई है। जांच अधिकारी को ही अब जान से मार दिए जाने की धमकी मिल रही है और जांच अधिकारी जैकब थामस अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

भारत: मध्यप्रदेश

भाजपा नेताओं से नौकरशाही परेशान

खनिज माफिया के गुस्से का सामना कर रहे हैं ईमानदार अफसर
एल एस हरदेनिया - 2015-02-16 13:31 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश के सारे गैर आइएएस अधिकारी गुस्से में हैं। इसका कारण भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के द्वारा उनके साथ किया जा रहा बुरा बर्ताव है। अधिकारियों और कर्मचारियों के ऊपर हिंसक हमले तक हो रहे हैं। वे 18 फरवरी को इसके खिलाफ एक दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं। उन्होंने अपने विरोध का नाम रखा है "पूर्ण बंदी’’। पटवारी से लेकर ऊपर टाॅप तक के अधिकारी हड़ताल पर होंगे।
भारत

दिल्ली चुनाव से मोदी को लेनी होगी सबक

अगले बजट को बनाना होगा लोकलुभावन
एस सेतुरमण - 2015-02-14 19:05 UTC
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों ने नरेन्द्र मोदी को भारी झटका दिया है। नौ महीना पहले ही उनकी देश में तूती बोल रही थी। राष्ट्रीय राजधानी में भी भाजपा को शानदार सफलता मिली थी। पर इस चुनाव में भाजपा का सूफड़ा पूरी तरह साफ हो गया। दिल्ली प्रदेश बहुत छोटा है और यह एक पूर्ण प्रदेश भी नहीं है। इसके बावजूद यह देश की राजनीति के लिए बहुत ही संवेदनशील है। भाजपा की इस केन्द्र शासित प्रदेश में हार ने उसकी विरोधी पार्टियों मे भी आशा का संचार किया है और उन्हें यह सोचने का मौका दिया है कि भाजपा को हराया जा सकता है।
भारत

दिल्ली का चुनाव राष्ट्रीय दलों के लिए खतरे की घंटी

मोदी विरोधियों के लिए आप की जीत संजीवनी
कल्याणी शंकर - 2015-02-13 12:18 UTC
आम आदमी पार्टी की जीत से संदेश यह निकल रहा है कि देश की जनता किसी नये विकल्प को भी आजमाना चाहते हैं। यह वोलंटियर माॅडल की राजनीति की भी जीत है। गौरतलब हो कि युवा वोलंटियरों के सहारे ही आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की।
भारत: बिहार

अराजक हो रहे हैं नीतीश कुमार

व्यवस्था की उड़ाई जा रही है धज्जियां
उपेन्द प्रसाद - 2015-02-12 13:24 UTC
नीतीश कुमार की छवि मीडिया में एक जेंटिलमैन राजनीतिज्ञ की रही है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने की लालसा में आज वे जो कुछ कर रहे हैं, उससे उनकी छवि एक अराजनैतिक नेता की बन रही है, जिसके लिए नियम और कायदे कोई मायने नहीं रखते और जिसे किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिए। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से उनका तकरार भी इन्हीं कारणों से हुआ। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं और नीतीश चाहते थे कि सरकार उनकी चले और श्री मांझी उनके इशारों पर नाचते रहें। यह भी व्यवस्था के खिलाफ नीतीश का दुराग्रह ही था। इतना ही नहीं, वे चाहते थे कि मांझी उनके लिखे हुए भाषण ही पढ़ें। यह सब संभव नहीं हो सका। और उसके बाद नीतीश कुमार मांझी जी को हटाकर मुख्यमंत्री बनने के लिए सक्रिय हो गए। इसमें उन्हें लालू यादव का भी सहयोग मिल गया, जो शायद अपनी बेटी को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।
भारत

दिल्ली में भाजपा की शर्मनाक पराजय

जनादेश 2014 को इस हार के चश्मे से पढ़ें मोदी
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-11 11:38 UTC
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली भारी जीत हमारे लोकतंत्र की बढ़ती परिपक्वता का एक उदाहरण है और भविष्य के लिए एक शुभ संकेत भी। 8 महीना पहले ही लोकसभा चुनाव में दिल्ली के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के सातों उम्मीदवारों को जीत दिला दी थी और 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 60 पर भाजपा के उम्मीदवार ही आगे थे। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर जीत हासिल कर सबको चैका दिया है।

भारत

उलटी पड़ गई है नीतीश की राजनीति

उनके लिए करो या मरो का सवाल
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-10 12:01 UTC
बिहार की राजनीति में नीतीश का सारा दांव उलटा पड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर उनकी पार्टी मजे से सरकार चला रही थी और नीतीश कुमार के नेतृत्व को कहीं से चुनौती नहीं मिलती थी। भाजपा उनकी सभी जिद के सामने झुक जाती थी और हमेशा गठबंधन में ज्यादा लाभ उन्हीं को मिलता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षा ने उनको कहीं का नहीं रहने दिया। नरेन्द्र मोदी का विरोध करते करते वे राजग से बाहर हो गए और अपनी बहुमत की सरकार को अलपमत में तब्दील कर दिया। वे कांग्रेस के समर्थन के मुहताज हो गए और दल बदल का काम शुरू कर दिया। सबसे ज्यादा चोट लगाई उन्हें लोकसभा के आम चुनाव ने। बिहार की राजनीति में वे नरेन्द्र मोदी के सामने बुरी तरह पिट गए। उनके दल को मात्र दो सीटें मिलीं और उनके ऊपर ओबीसी विरोधी होने का आरोप अलग से लगा, क्योंकि नरेन्द्र मोदी ओबीसी हैं।
भारत

मध्यप्रदेश में भाजपा को बड़ी जीत

मुख्यमंत्री को जाता है इस जीत का श्रेय
एल एस हरदेनिया - 2015-02-09 11:58 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सभी सर्वेक्षणों के नायक दिखाई पड़ रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनावों में जीत के बाद वे सत्ताारूढ़ पार्टी के नेताओं में सबसे आगे दिखाई र्पड़ रहे हैं। अब भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के सभी महानगरों के निकायों पर शासन कर रही है।
दिल्ली चुनाव

क्या मोदी पर भारी पडेंगे केजरीवाल

दिल्ली की दूसरी लड़ाई
कल्याणी शंकर - 2015-02-06 12:01 UTC
जब पिछले महीने दिल्ली चुनाव की तारीखों का एलान हुआ था तो उम्मीद की जा रही थी कि भारतीय जनता पार्टी जीत हासिल कर लेगी। अभी भी इसकी संभावना समाप्त नहीं हुई है। भाजपा की जीत की उम्मीद इस बात पर आधारित थी कि पिछले साल मई में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार दिल्ली की 70 में से 60 सीटों पर आगे थे और उस चुनाव के बाद हुए चार प्रदेशों के विधानसभा चुनावों मे भाजपा की ही जीत हुई थी। पार्टी को लग रहा था कि देश में चल रही मोदी लहर अभी समाप्त नहीं हुई है और इसके कारण ही उसे दिल्ली में भी सफलता मिलने की उम्मीद लगी हुई थी।

दिल्ली चुनाव को लेकर दहशत में भाजपा

बिना किसी पूर्व तैयारी के चुनाव में उतरने का है यह नतीजा
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-05 12:44 UTC
नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। शुरुआती झिझक के बाद अब उसके कार्यकर्ता भी अपने पूरे जोश में आ गए हैं। इसके बावजूद भाजपा के नेता जीत के प्रति आश्वस्त नहीं। रोज के रोज आने वाले चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों ने उनकी रात की नींद और दिन का चैन चुरा लिया है।
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