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अर्थशास्त्र ने नहीं, बल्कि राजनीति ने कांग्रेस को बचाया

कमलनाथ ने निभाई मुख्य भूमिका
हरिहर स्वरूप - 2012-12-10 11:17 UTC
राजनीति इस मामले में विचित्र है कि यह एक दूसरे के विरोधियों को भी एक साथ ला खड़ा करती है। जब विदेशी किराना के मसले पर संसद के सदनों में बहस चल रही थी, तो यही देखने को मिला। वाम दल और भारतीय जनता पार्टी एक दूसरे के कट्टर विरोधी हैं, लेकिन इस मसले पर दोनों एक साथ थे। ममता बनर्जी अपने धुर विरोधी वामपंथी दलों के नेताओं को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही थीं। दूसरी तरफ एक दूसरे को देखना भी नहीं पसंद करने वाले मायावती और मुलायम एक मंच पर खड़े दिखाई दे रहे थे।

मोदी अभी भी भाजपा के लिए कांटा

मीडिया कर रहा है प्रधानमंत्री पद पर मोदी का प्रचार
कल्याणी शंकर - 2012-12-07 11:52 UTC
गोधरा में 2002 के हुए दंगों के 12 साल से भी ज्यादा हो गए हैं और इस बीच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत लंबी यात्रा कर चुके हैं। अब उन्हें भाजपा के प्रधानमंत्री दावेदार के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। धर्मनिरपेक्षवादियों की ओर से हालांकि उन्हें अभी भी निशाना बनाया जा रहा है और आरएसएस व उसके समर्थक अभी भी नरेन्द्र मोदी को अपना पोस्टर ब्वाय मानते हैं। नरेन्द्र मोदी अपने मतदाताओं का ही ध्रुवीकरण नहीं करते, बल्कि उनके कारण पूरी राजनीति और पूरे देश का ही ध्रुवीकरण होने लगता है। जो उनके प्रशंसक हैं, उन्हें काफी प्यार करते हैं और जो उनके आलोचक हैं, उनसे काफी नफरत करते हैं।

भारत में विदेशी किराना के लिए कांग्रेस के साथ मायावती और मुलायम भी जिम्मेदार

जातिवादी राजनीति के खतरनाक नतीजे
उपेन्द्र प्रसाद - 2012-12-06 11:48 UTC
लोकसभा में किराना में विदेशी निवेश के मसले पर यदि सरकार की तकनीकी जीत हुई है, तो इसका कारण मुलायम सिंह यादव और मायावती की पार्टियों द्वारा मतदान का बहिष्कार है। विदेशी किराना का विरोध करने के बावजूद दोनों पार्टियों ने मतदान में भाग नहीं लेने का जो तर्क दिया, वह हास्यास्पद है। उनका कहना है कि वे भाजपा के साथ मतदान नहीं कर सकते, इसलिए वे मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं। कोई उनसे पूछे कि क्या वे भाजपा के लोगों के साथ राष्ट्रीय झंडे को सलामी नहीं दे सकते अथवा क्या वे भाजपा के साथ राष्ट्रगान में शामिल नहीं हो सकते?

मुंबई के गॉडफादर की स्मृति में

जब अंध श्रद्धा राजनीति के ऊपर हावी हो
अमूल्य गांगुली - 2012-12-06 06:14 UTC
शिवसेना के एक नेता का यह कहना कि मुंबई के शिवाजी पार्क के जिस स्थान पर बाल ठाकरे की अंत्येष्टि हुई थी, वह स्मारक नहीं, बल्कि एक मंदिर बन चुका है और उनकी पार्टी किसी की यह बात मानने को तैयार नहीं होगी कि उसे वहां से हटा दिया जाय। पार्टी न तो सरकार के आदेश का अमल करेगी और न ही अदालती आदेश का। उस नेता का यह कथन राम जन्म भूमि मंदिर के लिए चल रहे आंदोलन की याद दिला देता है। उस समय भाजपा कहती थी कि राम जन्मभूमि हिंदुओं की आस्था का सवाल है और मंदिर उसी जगह बनेगा। उसका कहना था कि वह अदालती प्रक्रिया का मसला नहीं हो सकता है क्योकि हिंदू मानते हैं कि राम वहीं पैदा हुए थे।

भोपाल गैस पीडि़तों की उपेक्षा जारी

जहरीले कचड़े अभी भी अपनी सफाई के इंतजार में
एल एस हरदेनिया - 2012-12-04 12:19 UTC
भोपालः पिछले 3 दिसंबर को भोपाल ने गैस त्रासदी के मातम का 28वां साल मनाया। पिछले दो सालों के दौरान गैस पीडि़त लोगों को उम्मीद जगी थीं, लेकिन जगने के साथ ही उन उम्मीदों पर पानी भी फिर गया।

लोकसभा चुनाव के लिए बजा कांग्रेस का बिगुल

विदेशी किराना पर विपक्ष के मतदान की मांग यूपीए के पक्ष में
हरिहर स्वरूप - 2012-12-03 12:09 UTC
कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव के जंग का बिगुल फूंक दिया है। सीधे सब्सिडी हस्तांतरण को कांग्रेस अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने जा रही है। लोकसभा का चुनाव 2014 में तय है। केन्द्र सरकार को इस योजना के परीक्षण के लिए एक साल का समय है। इस बीच वह इससे होने वाले लोगों के फायदे को देखेगी और उनके फायदे में अपना फायदा देखेगी।

विदेशी किराने पर संसद में बहस

मतदान में हार यूपीए को भारी पड़ेगा
कल्याणी शंकर - 2012-11-30 12:27 UTC
एक कहावत है, ’’अंत भला, तो सब भला’’। अब संसद का कामकाज आगे बढ़ सकेगा। सरकार अब विपक्ष की विदेशी किराना पर नियम 184 के तहत लोकसभा में बहस कराने की मांग पर राजी हो गई है। इस नियम के तहत बहस के बाद मतदान होता है। बहस राज्यसभा में भी होगी और वहां भी बहस की समाप्ति के बाद मतदान होगा। मतदान के लिए तैयार हो जाने के बाद अब संसद की कार्रवाई तो आगे बढ़ेगी, लेकिन केन्द्र सरकार के लिए अब यह सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है कि किराना में विदेशी निवेश के मसले पर उसके द्वारा लिए गए निर्णय को संसद का बहुमत प्राप्त है।

कोच्चि मेट्रो सवालों के घेरे में

श्रीधरन की भूमिका पर अनिश्चितता
पी श्रीकुमारन - 2012-11-29 11:56 UTC
तिरुअनंतपुरमः कोच्चि मेट्रो प्रोजेक्ट से केरल सरकार और यहां के लोगांे को काफी उम्मीदें हैं। दिल्ली मेट्रो कार्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से इस परियोजना को पूरा होने की बात बहुत दिनों से चल रही है। अब मुख्यमंत्री ओमन चांडी कह रहे हैं कि दिल्ली मेट्रो के सहयोग पर चल रही अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। पर सच्चाई यह है कि अभी भी संदेह बना हुआ है।

क्या आम आदमी पार्टी कुछ कर पाएगी?

दिल्ली विधानसभा के चुनाव इसका भविष्य तय करेंगे
उपेन्द्र प्रसाद - 2012-11-28 11:01 UTC
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में एक नई राजनैतिक पार्टी का गठन पिछले 26 नवंबर को हुआ और इसके गठन के साथ यह सवाल पूछा जा रहा है कि इसका भविष्य क्या है। आम आदमी पार्टी के नाम से बनी इस पार्टी के भविष्य को लेकर जो लोग आशान्वित नहीं हैं, उनमें शायद अन्ना हजारे भी एक हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए बसपा की तैयारी जोरों पर

मायावती चुनाव के बाद किंगमेकर की भूमिका में आना चाहती हैं
प्रदीप कपूर - 2012-11-27 11:20 UTC
लखनऊः विधानसभा चुनावों में मात खाने के बाद उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा प्रमुख ने लोकसभा में अपनी बेहतर स्थिति के लिए जोरदार तैयारी शुरू कर दी है। वह लोकसभा चुनाव मंे ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना चाहती हैं और इसके लिए उत्तर प्रदेश मंे ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी उन्होंने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
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