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करोड़ी माला की माया

समाज के समग्र क्षरण का प्रतीक
अवधेश कुमार - 2010-03-22 10:14 UTC
आप चाहे उन्हे मालावती कह दीजिए, या फिर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय ंिसंह उन्हें दलित की नहीं दौलत की बेटी कहें, बसपा सार्वजनिक तौर पर इससे प्रभावित है तो इस रूप में कि उसने नोटों की एक माला पर मचे हंगामे के बाद यह घोषणा कर दी कि अब हर जगह बहन जी को नोटों की माला ही पहनाई जाएगी। संसद मंे हंगामे के बाद आयकर विभाग द्वारा जांच कराने की घोषणा की प्रतिक्रिया में अगले ही दिन पार्टी सांसदों एवं विधायकों की बैठक में मायावती को घोषित 16 लाख रुपए के हजारी नोटों की माला प पहना दी गई।

नितिन गडकरी की नई टीम

बिहार के भाजपा नेताओं की बगावत
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-03-20 12:14 UTC
नई दिल्लीः अपनी टीम के गठन पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को असंतोष का जो सामना करना पड़ा है, उससे यही पता चलता है कि आने वाले दिन भाजपा के नए अध्यक्ष के लिए बहुत सुकून देने वाले नहीं हैं। नई ठीम को पार्टी प्रवक्ता भले ही बहुत संतुलित बताएं, लेकिन इस टीम से पार्टी में कोई जोश का शायद ही संचार हुआ हो।

हांग कांग में तीन दिवसीय वॉइनएक्सपो 25 मई से

एस एन वर्मा - 2010-03-19 13:14 UTC
नई दिल्ली। दुनिया की अनूठी प्रदर्शनी वॉइनएक्सपो एशिया पैसेफिक 2010 का आयोजन हांग कांग कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में 25 मई से आरंभ हो रहा है जो 27 मई चलेगा।

जरूरी है सरकार विपक्ष तक पहुंचे

टकराव नहीं, आम सहमति, इस मंत्र होना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2010-03-19 10:13 UTC
यह विडंबना ही है कि यूपीए सरकार के बहुमत होने के बाद भी वाम दलं और दक्षिणपंथी पार्टियां यूपीए सरकार के संचालन में बाधा पैदा कर रही हैं। जब यूपीए के दूसरे कार्यकाल की सरकार का गठन किया गया था, तो यह उस समय कमजोर नहीं थी।, विपक्ष भी हतोत्साहित और विभाजित था। कांग्रेस को सरकार का दूसरा कार्यकाल पाकर खुशी हो रही थी। देश के लोग राहत की सांस ले रहे थे कि अगले पांच वर्षों के लिए एक स्थिर सरकार बनी है। इन सब के बावजूद सरकार ने इस बजट सत्र में खुद के अस्थिर होने की छवि बना डाली है। वह इसलिए हुआ है क्योंकि यह सरकार सहयोगी दलों को विश्वास में लेकर चल नहीं रही है और न ही यह विपक्ष के साथ तालमेल बना रही है।

पहली वर्षगांठ पर यूपीए 2 की ठिठक

सरकार को अब भी उपलब्धियों की तलाश है
अमूल्य गांगुली - 2010-03-18 11:00 UTC
परमाणु दायित्व बिल को संसद में पेश कर पाने में असफल मनमोहन सिंह सरकार के एक साल पूरे होने को हैं। ताजा घटना से पता चलता है कि सरकार के साथ सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। एक साल पूरा होने पर उसके खाते में उपलब्धियां दिखाने को शायद ही कुछ खास है। राज्य सभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने पर वह कुछ संतोष कर सकती है, लेकिन उसके बाद के घटनाक्रम से पता चलता है कि प्रस्तावित कानून के खिलाफ की जा रही आपत्ति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए, यादव तिकड़ी के सामने प्रणव मुखर्जी की स्वीकार करना पड़ा कि केन्द्र सरकार सर्वदलीय बैठक के लिए तैयार है।

महिला आरक्षण से संसदीय प्रणाली को नुकसान

मुलायम ने की विधेयक में बदलाव की मांग
प्रदीप कपूर - 2010-03-17 08:33 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि महिला आरक्षण विधेयक के मौजूदा स्वरूप में देश की संसदीय प्रणाली को नुकसान होगा।

कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख में बदलाव

भारत को भी अपना रवैया बदलना चाहिए
बी के चम - 2010-03-16 10:00 UTC
पिछले एक पखवारे में कश्मीर, आतंकवाद और भारत पाक संबंधों को लेकर कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिनकी भारत अनदेखी नहीं कर सकता। पहला बदलाव तो यह है कि कश्मीर मसले पर पाकिस्तान कुछ ज्यादा ही आक्रामक होता जा रहा है। दूसरा, आतंकवाद के मसले पर उसने दोहरा रवैया अपना रखा है। इन दोनो से भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संकेत देना शुरू कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते में सुधार के लिए कश्मीर समस्या का हल जरूरी है।

लोकसभा में पेश होने के पहले ही परमाणु दायित्व विधेयक का विरोध शुरू

एस एन वर्मा - 2010-03-15 13:14 UTC
नई दिल्ली। भारत अमेरिका परमाणु करार को ले कर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई रार की याद एकबार फिर ताजा हो गयी है।वामपंथियों का अंदेशा था कि इस परमाणु करार के पीछे अमेरिका का भारत को अपने पंजे में जकड़ लेना है, कमोवेश सही साबित हो रहा है।
भारत

कांग्रेस का नरेगा कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार का आरोप

दबाव में मायावती ने तीसरे पक्ष जांच की सहमति दी
प्रदीप कपूर - 2010-03-15 03:14 UTC
लखनऊः कांग्रेस ने बसपा सरकार पर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोलना शुरू किया है।
भारत

चील-कौवों की सामूहिक मौत की जांच का आदेश, नये संकट का अंदेशा

ज्ञान पाठक - 2010-03-14 03:14 UTC
रांची। यहाँ झारखण्ड की राजधानी वाले शहर की चिरौंदी नामक स्थान के निकट वृन्दावन कालोनी से सटे भारम पहाड़ के पास कल सुबह चील और गिद्ध के साथ कौंवों की हुई सामूहिक मौत पर झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.के. सिंह ने मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एस.के शर्मा को जांच का आदेश दिया है।