शिक्षा का अधिकार अब एक मौलिक अधिकार
- 2010-04-15 03:14 UTCभारत माता के महान सपूतों में से एक, गोपाल कृष्ण गोखले यदि आज जिंदा होते तो देश के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार के अपने सपने को साकार होते देखकर सबसे अधिक प्रसन्न होते । गोखले वही व्यक्ति थे, जिन्होंने आज से एक सौ वर्ष पहले ही इम्पीरियल लेजिस्लेटिव एसेम्बली से यह मांग की थी कि भारतीय बच्चों को ऐसा अधिकार प्रदान किया जाए । इस लक्ष्य तक पहुंचने में हमें एक सदी का समय लगा है ।