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लोकतंत्र के लिए सर्वोच्च न्यायालय का आदेश महत्वपूर्ण

चुनाव आयुक्तों को चुनने का सत्तारूढ़ दल का एकाधिकार अब खत्म
के रवींद्रन - 2023-03-06 11:56 UTC
पिछला सप्ताह भारत में लोकतंत्र, राजनीतकि एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता, तथा कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिए महत्वपूर्ण था। सर्वोच्च न्यायलय के लिए वह एक ऐसा सप्ताह रहा जिसमें लोकतंत्र को अधिक सार्थक बनाने वाले कई ऐतिहासिक निर्णयों अपेक्षाकृत कम अवधि में लिये गये।

उपचुनाव के नतीजे बताते हैं कि राज्यों में मजबूत होती जा रही है कांग्रेस

महाराष्ट्र की सीटों पर भाजपा की हार भगवाधारियों के लिए गंभीर चेतावनी
डॉ. ज्ञान पाठक - 2023-03-04 11:30 UTC
चार राज्यों - महाराष्ट्र, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु - की विधानसभाओं की पांच सीटों के लिए हुए उपचुनावों में कांग्रेस की तीन विधानसभा सीटों पर जीत और भाजपा और उसके सहयोगी दलों की दो सीटों पर जीत, तुलनात्मक रूप से कांग्रेस के मजबूत होकर उभरने का एक स्पष्ट संकेत है - भाजपा की तुलना में, और इस तरह यूपीए मजबूत हो रहा है एनडीए के मुकाबले।

मुद्रास्फीति और विकास में संतुलन की तलाश में है रिजर्व बैंक

सकल घरेलू उत्पाद में कमी दे रही है अर्थव्यवस्था में संकट के संकेत
अंजन रॉय - 2023-03-03 12:15 UTC
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है।पिछली तिमाही के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय आय में 4.4% की वृद्धि हुई है, जो पिछली दो तिमाहियों की तुलना में कम थी।इसे रिजर्व बैंक द्वारा लगभग एक साल के लिए ब्याज दरों में 2.50% तक की बढ़ोतरी के लिए तुरंत जिम्मेदार ठहराया गया था।

नेपाल की राजनीति नये संकट में

अल्पमत में पुष्प दहल सरकार
अरुण कुमार श्रीवास्तव - 2023-03-02 12:16 UTC
नेपाल में राजनीतिक स्थिति अस्थिर बनी हुई है।नयी सरकार के गठन के ठीक दो महीने बाद, यह अल्पमत में है। पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाली सरकार की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी सीपीएन-यूएमएल ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। अब सरकार को सत्ता में बने रहने के लिए एक महीने के भीतर विश्वास मत हासिल करना होगा।

रायपुर अधिवेशन में कांग्रेस ने 2024 के लिए अपनायी एक व्यावहारिक रणनीति

2023 के प्रमुख विधानसभा चुनाव जीतकर ही करेगी विपक्षी नेतृत्व का दावा
नित्य चक्रवर्ती - 2023-03-01 16:12 UTC
पिछले सप्ताह रायपुर में तीन दिवसीय कांग्रेस अधिवेशन में अपनाया गया राजनीतिक संकल्प पार्टी नेतृत्व की रणनीतिगत व्यावहारिकता को रेखांकित करता है।चाहे विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की रणनीति हो या सामाजिक न्याय का एजंडा, नेतृत्व ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा से निपटने की समझ और दृष्टि दोनों दिखायी है। संकल्प ने प्रमुख मुद्दों से निपटने मेंपर्याप्त लचीलापन दिखाया है।ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस 2023 के छह विधानसभा चुनावों में से कम से कम चार में भाजपा को हराकर अपनी चुनावी ताकत साबित करने के बाद ही पूरे भाजपा विरोधी विपक्ष के नेतृत्व के लिए अपना दावा पेश करेगी।

आलू की बंपर फसल के बाद कीमतों में गिरावट से जूझ रहे भारतीय किसान

संकट से निपटने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता
अरुण कुमार श्रीवास्तव - 2023-02-28 11:42 UTC
आलू की बंपर फसल और पिछले साल के अधिशेष के कारण इसकी कीमतों में भारी गिरावट आयी है।यह प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों - आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में लाखों भारतीय आलू किसानों को निराशा की ओर ले जा रहा है।

जोर पकड़ रहा है राजस्थान विधानसभा चुनाव अभियान

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारी पर कांग्रेस और भाजपा दोनों में अनिश्चितता
हरिहर स्वरूप - 2023-02-27 12:23 UTC
राजस्थान पिछले 25 सालों से अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे के बीच झूलता रहा है।वे राज्य में अपनी संबंधित पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरे हैं, और अपने केंद्रीय नेतृत्व की अवहेलना करने की कीमत पर भी उत्साहपूर्वक अपने क्षेत्र की रक्षा करने के लिए जाने जाते हैं।और अब, दोनों के प्रतिद्वंद्वी हैंउनकी पार्टियों के भीतर के युवा नेता।

हिंदी पट्टी में नई सोशल इंजीनियरिंग से घबड़ायी भाजपा

उत्तर प्रदेश में संभावित असर से डरा हुआ है भगवा नेतृत्व
अरुण श्रीवास्तव - 2023-02-25 15:25 UTC
लगभग सात महीने पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बिहार के मुख्यमंत्री और जद (यू) सुप्रीमो नीतीश कुमार के बाहर निकलने से भारतीय राजनीति पर कई सवाल खड़े हो गये हैं। इसने बिहार में अगड़ी और पिछड़ी जातियों के वोटों को मजबूत करने की भाजपा की उम्मीद को चकनाचूर कर दिया है।हिंदी पट्टी की राजनीति में नीतीश कुमार को बदनाम कर हाशिये पर डालने की भाजपाकी रणनीति का न केवल उलटा असर हुआ है, बल्कि भगवा पार्टी के लिए अस्तित्व के संकट की स्थिति भी पैदा हो गयी है।

यूक्रेन युद्ध के एक वर्ष में यूरोपीय अर्थव्यवस्था सर्वाधिक दुष्प्रभावित

रूस ने किया प्रतिबंधों का विरोध लेकिन पुतिन के सामने हैं ढेर सारी समस्याएं
डॉ. नीलांजन बनिक - 2023-02-24 12:25 UTC
24 फरवरी, 2023 रूस-यूक्रेन युद्ध की पहली सालगिरह है।ऐसा प्रतीत होता है कि डेविड और गोलिएथ के बीच लड़ाई अब भी जारी है।रूसी सशस्त्र बल के पास परमाणु हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है, बैलिस्टिक मिसाइलों का दूसरा सबसे बड़ा बेड़ा है, और यूक्रेन की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक सैन्य कर्मी हैं।किसी भी अनुमान से लड़ाई रूस के पक्ष में ही खत्म हो जानी चाहिए थी परन्तु अमेरिका और उसके सहयोगी के 'विदेशी' समर्थन के साथ, यूक्रेन ने लड़ाई जारी रखी।

प्रधानमंत्री ने अपनी ब्रांड छवि बचाने के लिए सभी साथियों को लगाया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चाटुकारिता की सारी हदें पार कर दीं
सुशील कुट्टी - 2023-02-23 12:08 UTC
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति की रक्षा भारत की विकास गाथा की नंबर-1 प्राथमिकता बन गयी है, जिसे लोकतंत्र की रक्षा की तरह पेश किया जा रहा है। आज लगता है कि भारत में यही प्राथमिकता बन गयी है।भारत के उपराष्ट्रपति से लेकर भारत के विदेश मंत्री तक,किसी भी व्यक्ति को जिसमें कुछ दम है, कोइस काम पर लगा दिया गया है।
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