आज के सन्दर्भ में एक और स्वाधीनता दिवस
हम एक डिजिटल दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं
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2021-08-13 10:22 UTC
पिछले अगस्त के बाद एक साल और बीत गया। पिछले कई सालों की तरह इन सालों का भी वही हश्र रहा। कुछ अत्यंत प्रभावशाली घटनाएं थीं, कुछ दुहराना मात्र था, सिर्फ मात्रा का अंतर था। महामारी का दौर चलता रहा, अंतर सिर्फ यह था कि पिछले साल का आक्रमण कुछ अधिक भयानक था, जानें भी बहुत गई। बेकारी बढ़ी। निवेश की बहुत ज्यादा कमी रही।