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लोकसभा अध्यक्ष के अटपटे बोल

अहंकार सातवें आसमान पर
अनिल जैन - 2018-09-17 12:52 UTC
पिछले लंबे समय से सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं की ओर से ही नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की ओर से भी उटपंटाग बयानबाजी करने का बेलगाम सिलसिला बना हुआ है। सत्ता के मद में चूर होकर दिए जा रहे इस तरह के बयान न सिर्फ अनैतिक है बल्कि संवैधानिक मर्यादा का भी उल्लंघन करते हैं। इस तरह की बयानबाजी के सिलसिले में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी अपवाद नहीं हैं। उनके बयानों से कई बार तो ऐसा लगता है मानो वे खुद ही अपने को पार्टी का आम कार्यकर्ता दिखाने के लिए प्रयासपूर्वक ऐसे बयान देती हैं, जिनकी राजनीतिक परिपक्वता से अस्पृश्यता बनी रहे।

माल्या को देश से किसने भगाया?

सेंट्रल हाॅल की सीसीटीवी फुटेज में इसका सबूत हो सकता है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-09-15 11:41 UTC
बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपये लेकर विदेश भागने वाले विजय माल्या पर चर्चा जोरो पर है। ताजा चर्चा का कारण इंग्लैंड की एक अदालत में चला वह मुकदमा है, जिसे यह फैसला करना है कि माल्या को भारत वापस भेजा जाय या नहीं। उस अदालत में अपने बचाव में माल्या ने हर संभव प्रयास किया। अदालत से बाहर भी वह अपना बचाव करता रहा और कहा कि वह बैंकों का सारा रुपया वापस करने के लिए तैयार था और इसके लिए उसने एक प्रस्ताव भी तैयार किया था। उस प्रस्ताव को लेकर वह वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला भी था, लेकिन जेटली ने उसके प्रस्ताव पर विचार नहीं किया और फिर उसने उसी समय उन्हें कह दिया कि वे अब भारत छोड़कर इंग्लैंड जा रहे हैं।

कानूनी उत्पीड़न के विरोध में सवर्ण समुदाय

महंगी पड़ेगी मोदी सरकार को सवर्णों की नाराजगी
योगेश कुमार गोयल - 2018-09-14 13:08 UTC
केन्द्र सरकार द्वारा पिछले दिनों मानसून सत्र के दौरान एससी/एसटी एक्ट को लेकर मार्च माह के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन विधेयक 2018 संसद में पारित करा दिया गया था, जिसे लेकर गुस्से का इजहार करने के लिए सवर्ण वर्ग द्वारा गत दिनों भारत बंद का आयोजन किया गया, जिसका देश के कई राज्यों में व्यापक असर भी देखा गया।

एससी-एसटी एक्ट पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की हिदायत

क्या एक बार फिर होगा इस एक्ट में बदलाव?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-09-13 11:44 UTC
इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले ने एससी/एसटी विवाद में एक नया मोड़ पैदा कर दिया है। इसके कारण अब इस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गयी है। इससे एससी/एसटी एक्ट पर चल रहा विवाद अभी और आगे भी जारी रह सकता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस कानून के कुछ प्रावधानों में बदलाव कर दिया गया था और उसके कारण इस कानून के तहत मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अनुसूचित जातियों के लोगों ने जबरस्त हंगामा किया था और पिछले 2 अप्रैल को भारत बंद का आयोजन किया गया था। उस भारत बंद के दौरान कुछ राज्यों में भारी हिंसा हुई थी।

विवेकानंद को बौना बनाने का भौंडा प्रयास

कट्टरवादी हिन्दू उन्हें हजम नहीं कर सकते
अनिल जैन - 2018-09-12 12:16 UTC
शिकागो (अमेरिका) में 125 वर्ष पहले 11 सितंबर 1893 को हुए धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने अपने ऐतिहासिक वक्तव्य के माध्यम से भारत की एक वैश्विक सोच को सामने रखते हुए हिंदू धर्म का उदारवादी चेहरा दुनिया के सामने रखा था। पूरी दुनिया ने उनके भाषण को सराहा था। वह सम्मेलन किसी एक धर्म विशेष का सम्मेलन नहीं था, लेकिन उस सम्मेलन में विवेकानंद के दिए गए उस वक्तव्य की याद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद ने वहां जो आयोजन किया, वह घोषित रूप से ‘हिंदू सम्मेलन’ था, जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर संघ के मुखिया मोहन भागवत ने अपने भाषण में निहायत ही घटिया शब्दावली में अपने हिंदुत्व के संकीर्ण दर्शन को पेश किया। यही नहीं, उन्होंने अपने उस दर्शन को विवेकानंद की विरासत से जोडते हुए प्रकारांतर से विवेकानंद की स्वीकार्यता को भी सीमित करने का भौंडा प्रयास किया।

देश पर आज भी अंग्रेजियत हावी है

अंग्रेजी के दो-चार शब्द बोल देना बुद्धिमत्ता की पहचान बन गई है
भरत मिश्र प्राची - 2018-09-11 13:31 UTC
जहां गुड मार्निंग से सूर्योदय होता हो, गुड इवनिंग से सूर्यास्त, निशा की गोद में सोया-सोया इंसान बुदबुदाता हो गुड नाईट-गुड नाईट। किसी के पैर पर पैर पड़ जाये तो साॅरी, गुस्सा आने पर नाॅनसेंस, गेट आऊट, इडियट आदि-आदि की ध्वनि मुख से बार - बार निकलती हो । कैसे कोई कह सकता है, यह वही देश हैं जिस देश की 90 प्रतिशत जनता हिन्दी जानती समझती एवं बोलती है। जिस देश की राष्ट्रभाषा हिन्दी है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश

न्यायमूर्ति दीपक मिश्र के बाद रंजन गोगोई बैठेंगे इस पद पर
हरिहर स्वरुप - 2018-09-10 13:40 UTC
दो अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायामूर्ति दीपक मिश्र सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनका कार्यकाल विवादों में फंस गया था, लेकिन वह दृढ़ता से सभी बाधाओं के खिलाफ खड़े थे और अंत में उन्होंने अपने को खरा साबित किया। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने न्यायमूर्ति मिश्र के खिलाफ महाअभियोग लाने की कोशिश की, लेकिन राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया। नायडू ने पाया कि उस प्रस्ताव में पर्याप्त कारण नहीं थे। उन्होंने कहा कि किसी भी विचार, शब्द या कार्रवाई से राज्य के किसी भी खंभे को हम कमजोर नहीं कर सकते।

पप्पू यादव का करूण विलाप

1990 का मंडल हीरो 2018 में क्यों रो रहा है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-09-08 18:53 UTC
राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव कि बिहार में पिटाई हो गयी। पिटाई होना तो एक घटना है और राजनेताओं को कभी कभी इस तरह के हादसे का सामना करना पड़ता है। लेकिन उससे भी बड़ी घटना पप्पू यादव द्वारा मार खाकर फूट फूट कर रोना है। पप्पू कि छवि एक दबंग नेता की रही है। उनके खिलाफ हत्या तक के मामले चले हैं। निचली अदालत से उन्हें सजा भी मिली और ऊपरी अदालत ने उन्हें बरी भी किया। निचली अदालत से सजा पाने के पहले भी वे सांसद थे और दोषमुक्त होने के बाद भी वे सांसद हैं। वे अनेक बार सांसद रहे हैं। उसके पहले वे विधायक भी थे। वे किसी भी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीतने की क्षमता रखते हैं और अनेक बार तो निर्दलीय भी चुनाव जीत चुके हैं। जाहिर है, उनका अपना समर्थन आधार भी है और उनकी छवि एक बाहुबली नेता की है, जिसे चुनाव हराना आसान नहीं।

हरीश रावत स्टिंग मामला

दो साल बाद फिर गरमायी सियासत
योगेश कुमार गोयल - 2018-09-07 12:25 UTC
विधायकों की खरीद-फरोख्त संबंधी उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीब ढ़ाई साल पुराने स्टिंग का जिन्न फिर बोतल से बाहर निकल आया है। उल्लेखनीय है कि 26 मार्च 2016 में प्रदेश में हरीश रावत का एक स्टिंग सामने आया था, जिसमें एक न्यूज चैनल ‘समाचार प्लस’ के मालिक उमेश शर्मा और रावत को विधायकों की खरीद फरोख्त पर चर्चा करते दिखाया गया था। इसके दो माह बाद 8 मई 2016 में एक और स्टिंग सामने आया था, जिसमें वर्तमान और तत्कालीन कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह बिष्ट तथा द्वाराहाट के तत्कालीन विधायक मदन सिंह बिष्ट के बीच विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर बातचीत हो रही थी। फिलहाल इन स्टिंग की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है लेकिन इन स्टिंग मामलों में अब एकाएक नया मोड़ आ गया है। एक जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने राज्य व केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाते हुए कैबिनेट मंत्री हरक सिंह, मदन बिष्ट और पत्रकार उमेश शर्मा को नोटिस भेजा है और चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

अखिलेश ने शिवपाल की नई पार्टी के पीछे बीजेपी का हाथ बताया

एकमात्र उद्देश्य सेक्युलर गठबंधन को चोट पहुंचाना
प्रदीप कपूर - 2018-09-06 11:39 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को चाचा शिवपाल यादव से खतरे का सामना करना पड़ रहा है, जो अब 2019 के आम चुनावों से पहले यादव और मुस्लिम वोटों को विभाजित करने के लिए काम कर रहे हैं।