लोकसभा अध्यक्ष के अटपटे बोल
अहंकार सातवें आसमान पर
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2018-09-17 12:52 UTC
पिछले लंबे समय से सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ताओं की ओर से ही नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की ओर से भी उटपंटाग बयानबाजी करने का बेलगाम सिलसिला बना हुआ है। सत्ता के मद में चूर होकर दिए जा रहे इस तरह के बयान न सिर्फ अनैतिक है बल्कि संवैधानिक मर्यादा का भी उल्लंघन करते हैं। इस तरह की बयानबाजी के सिलसिले में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी अपवाद नहीं हैं। उनके बयानों से कई बार तो ऐसा लगता है मानो वे खुद ही अपने को पार्टी का आम कार्यकर्ता दिखाने के लिए प्रयासपूर्वक ऐसे बयान देती हैं, जिनकी राजनीतिक परिपक्वता से अस्पृश्यता बनी रहे।