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कर्नाटक के राज्यपाल ने आरएसएस प्रचारक की तरह काम किया

सरकारिया आयोग की सिफारिशों को भी ताक पर रख दिया
नित्य चक्रवर्ती - 2018-05-18 11:53 UTC
निर्वाचित विधायकों के बीच बहुमत समर्थन साबित करने में असमर्थता के बावजूद भाजपा नेता बी एस येदियुरप्पा को नई कर्नाटक सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हुए गवर्नर वाजुभाई वाला ने भारतीय संविधान के संरक्षक की बजाय आरएसएस प्रचारक की तरह काम किया है। सरकार बनाने के इस पूरे नाटक का सबसे गहरा पहलू यह है कि बीजेपी नेता ने शुरुआत में अपने बहुमत को साबित करने के लिए केवल दो दिनों की बात की लेकिन उन्हें पंद्रह दिन दिए गए क्योंकि शीर्ष बीजेपी नेतृत्व विधायकों के दल बदल का आयोजन दो दिनों के भीतर करने के लिए निश्चित नहीं था और उन्होंने खरीद फरोख्त के लिए के लिए 15 दिन का समय मांगा। कर्नाटक के गवर्नर ने तरह आसानी से सहमति व्यक्त की और कर्नाटक में लोकतंत्र की बिक्री की अन्य मांग की अनुमति दी।

स्मृति ईरानी सूचना प्रसारण मंत्रालय से बाहर

उन्हें तो कपड़ा मंत्रालय से भी बाहर कर दिया जाना चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-05-17 10:45 UTC
स्मृति ईरानी से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय छीन लिया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अब यह मंत्रालय राज्यवर्धन सिंह राठौर के स्वतंत्र प्रभार में डाल दिया है। पहले वह इसके राज्यमंत्री थे और स्मृति ईरानी के तहत इस मंत्रालय का काम देखा करते थे।

भाषण से लोग प्रभावित तो हो सकते है पर पेट नहीं भरता

वर्तमान समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी वर्तमान सरकार की ही है
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-05-16 12:43 UTC
कर्नाटक विधान सभा चुनाव के दौरान यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विजयपुर में आमसभा को संबोधित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अच्छा भाषण दे तो लेते है पर केवल भाषण से ही आमजन का पेट नहीं भरता । सोनिया गांधी के इस वकतव्य में यह सच्चाई समाहित है कि केवल भाषण से राशन नहीं मिल सकता। अच्छे भाषण से देश की अवाम जरूर प्रभावित हो सकती पर समस्याएं नहीं मिट सकती। सरकार किसी की भी हो देश की अवाम समस्याओं से राहत पाना चाहती है। इसीलिये सरकार बदलती रहती है। आजतक सही मायने में उसे राहत नहीं मिल पाई। आजादी के बाद देश का विकास जरूर हुआ पर देश को लूटने की प्रक्रिया आजतक बंद नहीं हुई, जिससे समस्याएं कम होने के जगह दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। आज सभी सरकारें एक जैसी ही दिखाई देने लगी है जहां आमजन की कमाई पर जनता के चुने जनप्रतिनिधि ऐशों अराम की जिंदगी व्यतीत करने में लगे हुए है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे

चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षण पर प्रतिबंध लगे
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-05-15 11:01 UTC
कर्नाटक विधानसभा चुनावों ने एक बार फिर चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षणों को गलत साबित कर दिया है। आमतौर पर ये गलत ही साबित होते हैं। इक्का दुक्का कभी कभी यह सही साबित हो जाएं, तो यह अलग बात है, अन्यथा ये गलत होने के लिए अभिशप्त हैं। सवाल यह उठता है कि ये गलत क्यों होते हैं? एक कारण तो सर्वेक्षण करने के तरीके हो सकते हैं। लेकिन क्या वाकई सर्वेक्षण के तरीके गलत होते हैं या जानबूझकर सर्वेक्षण के नतीजों को गलत किया जाता है, ताकि जनमत हो प्रभावित किया जा सके।

राज्यपाल ने दो दिनों मे झिडके दो बार

केरल सरकार पर राजनैतिक हिंसा का साया
पी श्रीकुमारन - 2018-05-14 11:05 UTC
तिरुवनंतपुरमः लगातार दो दिनों में दो बार राज्यपाल की झिड़क। यह पिनारायी विजयन के नेतृत्व वाले वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार की शासन करने की क्षमता पर एक गंभीर टिप्पणी है।

कर्नाटक चुनाव के नतीजे होंगे महत्वपूर्ण

यह देश की आने वाली राजनीति को भी करेंगे प्रभावित
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-05-12 10:46 UTC
कर्नाटक में विधानसभा के लिए चुनाव हो रहे हैं। यह चुनाव राज्य की सरकार चुनने के लिए हैं, लेकिन इसका प्रभाव सिर्फ कर्नाटक राज्य तक ही सीमित नहीं होगा। चुनाव के नतीजे आगे के दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का स्वर निर्धारित करेंगे। हालांकि, बीजेपी ने देश के अधिकांश हिस्सों में अपना प्रभाव बढ़ाया है और इसे 21 राज्यों और भारत के केंद्र शासित प्रदेशों पर शासन करने का गर्व है, कर्नाटक का नुकसान लोकसभा के अगले आम चुनाव में उसकी जीत पर एक प्रश्न चिह्न लगाएगा।

बाजारवाद की मार: आम आदमी को राहत कैसे मिले?

डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-05-11 09:35 UTC
देश में आये दिन वेतन एवं सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में निरंतर मांग चलती रहती है। वेतन एवं सुविधाओं को लेकर यहां सरकारी क्षेत्र में आयोग भी गठित है जो समय - समय पर इस दिशा में विचार कर नया वेतन एवं सुविधाएं को लागू करता रहता है। हमारे जनप्रतिनिधि जिन्हें पहले केवल भत्ते एवं सुविधाएं मिला करती अब वेतन भोगी हो चले है पर वेतन आयोग के दायरे में नहीं आते। वे स्वयं ही इसका निर्धारण करते है। देश में अधिकांश ऐसे क्षेत्र है जो निजी क्षेत्र में आते है, जिनका वेतन एवं सुविधाओं का निर्धारण मालिक करता है। अधिकांश ऐसे क्षेत्र भी है जहां कोई नियमावली नहीं लागू। जो कुछ दे दिया वहीं उनका वेतन है। सुविधाएं तो बिल्कुल नगण्य है।

ग्राम स्वराज योजना पर नकारात्मक प्रचार से भाजपा चिंतित

यह योजना एक दलित टूरिज्म योजना बनकर रह गई है
प्रदीप कपूर - 2018-05-10 10:28 UTC
लखनऊः कर्नाटक में चुनाव अभियान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहे जो भी दावा करें, उत्तर प्रदेश में दलित तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही ग्राम स्वराज योजना ने बीजेपी और सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी बंगले

सुप्रीम कोर्ट का उचित फैसला
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-05-09 10:00 UTC
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को लखनऊ में मिले सरकारी बंगले के आबंटन को गैरकानूनी घोषित कर दिया है। अब उन्हें उन बंगलों से हटने पड़ेंगे। इस तरह का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने कोई पहली बार नहीं दिया है। दो साल पहले जब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी, उस समय भी इसी तरह का आदेश देश के सर्वाच्च न्यायालय ने जारी किया था और लग रहा था कि वे पूर्व मुख्यमंत्री अपने अपने बंगले खाली कर देंगे।

विपक्षी एकता की राह में कई तरह के अगर-मगर

नेतृत्व का सवाल सबसे बड़ी बाधा है
अनिल जैन - 2018-05-08 10:54 UTC
अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कुछ प्रमुख क्षेत्रीय दलों के बीच भाजपा और कांग्रेस से इतर तीसरे मोर्चे याकि फेडरल फ्रंट को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इस सिलसिले में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिछले दिनों तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात कर लंबी बातचीत की है। राव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछले एक महीने से तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद में जुटे हुए हैं। इस सिलसिले में चंद्रशेखर राव ने 10 मई को हैदराबाद में इन सभी नेताओं की औपचारिक बैठक बुलाई है। इस बैठक के लिए बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को भी बुलाए जाने की संभावना है। तीसरे मोर्चे के गठन की दिशा में पहलकदमी कर रहे नेताओं की कोशिश भाजपा के असंतुष्ट नेताओं का समर्थन हासिल करने की भी है। इस सिलसिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और अरुण शौरी की ममता बनर्जी से मुलाकात हो चुकी है।