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राजनैतिक फंडिंग का मामला

चंदे के एक एक रुपये का हिसाब होना चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-12-27 12:27 UTC
नोटबंदी के फैसले के बाद राजनैतिक फंडिंग का मामला भी तूल पकड़ रहा है। बहुजन समाज पार्टी के एक बैंक खाते में नोटबंदी के दौरान 104 करोड़ रुपये जमा होने का एक मामला सामने आया है। उस पर बहुत हंगामा हो रहा है और आगे भी हंगामा होता रहेगा, लेकिन एक बात तय है कि अंत में वह रुपया काला धन नहीं साबित हो सकेगा और बहुजन समाज पार्टी का दावा उसपर बना रहेगा। इसका कारण यह है कि राजनैतिक पार्टियों के चंदे से संबंधित कानून बहुत ही लचर हैं।

जीत के लिए मायावती की नई रणनीति

भाजपा को नहीं मानती मुख्य प्रतिद्वंद्वी
प्रदीप कपूर - 2016-12-26 11:50 UTC
लखनऊः बसपा प्रमुख मायावती उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। वे चार बार पहले भी प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। थोड़े थोड़े समय के लिए वे तीन बार भाजपा के समर्थन से इस पद पर रही हैं और एक बार पांच साल का पूरा कार्यकाल अपनी पार्टी की बहुमत सरकार का नेतृत्व करती हुई इस पद पर रही हैं।

जंग का इस्तीफा और उसके बाद

केजरीवाल सरकार से केन्द्र का टकराव और बढ़ने की आशंका
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-12-24 10:05 UTC
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग का इस्तीफा निश्चय ही चौंकाने वाला है। इसकी उम्मीद शायद ही कोई कर रहा होगा। वे 2013 में इस पद पर नियुक्त हुए थे और उनका कार्यकाल अभी डेढ़ साल बाकी था। जाहिराना तौर पर केन्द्र सरकार के साथ उनके संबंध ठीकठाक थे, हालंाकि उनकी नियुक्ति पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में हुई थी। नरेन्द्र मोदी सरकार ने अपना कार्यकाल संभालते ही उन अनेक राज्यपालों और उपराज्यपालों को पदों से हटा दिया था, जिनकी नियुक्ति मनमोहन सिंह सरकार ने की थी। लोग उम्मीद कर रहे थे कि शायद नजीब जंग भी अपने पद से हटा दिए जाएं, क्योंकि वे भी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में ही नियुक्त हुए थे।

भाजपा के भविष्य के लिए निर्णायक है 2017

नये साल में राहुल के नेतृत्व क्षमता की भी परीक्षा होनी है
कल्याणी शंकर - 2016-12-23 12:12 UTC
आने वाले साल 2017 देश की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होने वाला है। यह एक घटनाओं से भरा हुआ साल है। इसी साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के अंतिम आधे हिस्से की शुरुआत होगी। वे अपनी पार्टी के आधार को विस्तार प्रदान करने की कोशिश में पहले ही लग गए हैं और 2019 के चुनाव की तैयारी के क्रम में अपने गरीब समर्थक छवि का निर्माण करने में भी लग गए हैं।

रोहिंग्या भागकर भारत आ रहे हैं

उन शरणार्थियों पर भारत की कोई स्पष्ट नीति नहीं है
आशीष बिश्वास - 2016-12-22 12:31 UTC
म्यान्मार में हो रहे उत्पीड़न से जान बचाकर वहां के रोहिंग्या मुस्लिम भारत आ रहे हैं। अब तो उनके आने की रफ्तार और भी बढ़ गई है। 40 हजार रोहिंग्या शरणार्थियों के भारत में होने की तो पुख्ता जानकारी है और यह भी जानकारी है कि उन्होंने 7 प्रदेशों में शरण ले रखी है। लेकिन जो लोग उन शरणार्थियों की खोज खबर रखते हैं, उनका मानना है कि शरणार्थियों की संख्या 40 हजार से बहुत ज्यादा है।

प्रधानमंत्री की विश्वसनीयता दांव पर

नया साल मोदी के लिए निर्णायक होगा
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-12-21 12:13 UTC
नोटबंदी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विश्वसनीयता दाव पर लगा दी है। आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा फैसला अर्थव्यवस्था को प्रभावित तो कर ही रहा है, देश की राजनीति इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहेगी। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव में जीत पर खुश होने का एक मौका जरूर मिला है, लेकिन सरकार की असली परीक्षा स्थानीय निकायों के चुनाव में नहीं होती। उसकी असली परीक्षा उपचुनावों में भी नहीं होती, क्योंकि आमतौर पर प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार होती है, उपचुनावों में जीत भी उसी पार्टी के उम्मीदवारों की हो जाती है, क्योंकि मतदाता सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक से क्षेत्र के लिए ज्यादा कुछ कर गुजरने की उम्मीद रखते हैं। यही स्थानीय निकायों के चुनावों में भी होता है।

नोटबंदी का असर: पड़ोसी देशों से व्यापार प्रभावित

आशीष बिश्वास - 2016-12-20 11:25 UTC
कोलकाताः भारत सरकार के नोटबंदी के फैसले से देश के पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुछ पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था इससे बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत और नेपाल के बीच का व्यापार तो लगभग कुछ समय के लिए समाप्त ही हो गया है। भूटान भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
केरल

जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में मजबूत हुए चेनिंथाला

क्या चांडी का राजनैतिक अंत हो रहा है?
पी श्रीकुमारन - 2016-12-19 11:33 UTC
तिरुअनंतपुरमः क्या पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमन चांडी का राजनैतिक अंत हो रहा है? यह सवाल सिर्फ चांडी के विरोधी ही नहीं, बल्कि उनके समर्थक भी एक दूसरे से पूछ रहे हैं।

दिल्ली नगर निगम के चुनाव के लिए पार्टियां तैयार

क्या मनोज तिवारी भाजपा की नाव पार लगा पाएंगे?
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-12-18 03:15 UTC
नई दिल्लीः अगले साल के अप्रैल महीने में दिल्ली नगर निगम के चुनाव होने हैं। इस समय दिल्ली नगर निगम को तीन भागों में बांट कर रखा गया है और तीनों पर ही भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है।

मोदी का विमुद्रीकरण देश को बर्बाद कर रहा है

गांव के लोगों का जीना हराम हो गया है
अरुण श्रीवास्तव - 2016-12-16 13:32 UTC
एक उपभोक्ता कंपनी अपने विज्ञापन में कहती है कि हम अब छोटे को प्रोत्साहित करें। इसका संदेश यह है कि भारत का विकास अब युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। खरीददारों का वर्तमान आधार पूंजीवादी अर्थतंत्र के भार और उसकी विवशताओं को बर्दाश्त नहीं कर सकता। इसलिए सरकार कह रही है कि अब युवा पीढ़ी को ही पकड़ लो।