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यूडीएफ की हार की चिंता और बढ़ी

पी श्रीकुमारन - 2016-05-09 17:52 UTC
तिरुअनंतनपुरमः ओमन चांडी सरकार फिर से वापसी करने के लिए अपनी सारी ताकत लगाने के बावजूद अपने आपको आश्वस्त नहीं पा रही थी और इस बीच एक दलित लड़की के साथ बलात्कार और उसके बाद हुई उसकी हत्या ने मुख्यमंत्री का काम और भी कठिन कर डाला है।

हेलिकाॅप्टर घोटाले पर कांग्रेस में हाहाकार

क्या जांच अपनी तार्किक परिणति तक पहुंचेगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-05-07 12:26 UTC
पिछले लोकसभा चुनाव में करारी हार पाने के बाद पहली बार कांग्रेस ने संसद को घेरते हुए लोकतंत्र बचाओ रैली आयोजित की। पोस्टरों पर लगी तस्वीरों से जाहिर हो रहा था कि यह लोकतंत्र बचाओ रैली नहीं, बल्कि सोनिया परिवार बचाओ रैली थी। एक पोस्टर में सोनिया और राहुल के साथ प्रियंका गांधी की तस्वीर थी, तो एक अन्य पोस्टर में राहुल और सोनिया के साथ राॅबर्ट वाड्रा की तस्वीर थी। इस रैली का आयोजन भी ऐसे समय में हुआ था, जबकि वेस्टलैंड अगुस्टा हेलिकाॅप्टर घोटाले मे सोनिया गांधी के शामिल होने को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

काल गणना का ऐतिहासिक नगर उज्जैन

खगोल विज्ञानियों के भी आकर्षण का केन्द्र
राजु कुमार - 2016-05-06 11:52 UTC
देश के प्राचीनतम नगरों में शुमार उज्जैन की बड़ी पहचान महाकालेश्वर मंदिर और 12 साल में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ से है, लेकिन उज्जैन में और भी बहुत कुछ है, जिसे देखना हमें विज्ञान, इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति के साथ जोड़ता है। उज्जैन न केवल श्रद्धालुओं और शिव भक्तों को आकर्षित करता है, बल्कि यह खगोल विज्ञानियों का भी आकर्षण का केन्द्र है। उज्जैन की एक बड़ी पहचान यहां की वेधशाला है। खगोल विज्ञान के केन्द्र के रूप में प्राचीन समय से विख्यात यहां की वेधशाला आज भी अध्ययन का केन्द्र है। इसे यंत्र महल और जंतर-मंतर के रूप में भी पहचाना जाता है।

पार्टियां अभी भी पुराने नेताओं पर निर्भर

स्टालिन, सुखबीर और राहुल अभी भी प्रतीक्षालय में
कल्याणी शंकर - 2016-05-06 11:47 UTC
ब्रिटेन केेेे प्रिंस चाल्र्स, राहुल गांधी, डीएमके के स्टालिन और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल में क्या चीज काॅमन है? वे सभी के सभी अपने पिता या माता से विरासत प्राप्त करने के लिए इंतजार कर रहे हैं। उनमें से कुछ तो बहुत ही बेचैनी से इंतजार कर रहे हैं, जबकि राहुल गांधी झिझक के साथ उस तरह का इंतजार कर रहे हैं। ब्रिटेन की रानी की उम्र 90 साल की हो गई है और उनके बेटे प्रिंस चाल्र्स पिछले कई दशकों से राजा बनने की चाह में आस लगाए बैठे हैं। करुणानिधि 94 साल के हैं, लेकिन वे अभी भी अपनी पार्टी के अध्यक्ष बने हुए हैं और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में वे ही अपनी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। उनके बेटे स्टालिन को अभी भी अपने पिता की जगह लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वही हाल पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल का है। उनके पिता प्रकाश सिंह बादल 87 साल के हो गए हैं, लेकिन अभी भी पार्टी प्रमुख वे ही हैं और उनके नेतृत्व में ही उनका दल पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुका है।

शिवालय और शौचालय दोनों ही जरूरी

सिंहस्थ में धर्मगुरूओं के स्वच्छता पर संदेश
राजु कुमार - 2016-05-05 11:59 UTC
मध्यप्रदेश के उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ के बीच सामाजिक मुद्दों पर भी धर्मगुरूओं के संदेश आ रहे हैं। बेटी बचाओ का मामला या फिर बालिका शिक्षा का, पर्यावरण बचाने का मामला हो या फिर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का, कई मामलों पर यहां आए महामंडलेश्वर और साधू-संत अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। इस बार के सिंहस्थ में महिला अखाड़ा अपनी मान्यता के लिए संघर्षरत है, तो दूसरी ओर किन्नर अखाड़े को सरकार ने पेशवाई की अनुमति दी, यद्यपि इन्हें अभी अखाड़ा परिषद ने मान्यता नहीं दी है।

अच्युतानंदन होने का मतलब

केरल विधानसभा चुनाव के सुपरस्टार
पी श्रीकुमारन - 2016-05-05 11:55 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल में करो या मरो का चुनाव हो रहा है और इस चुनाव में अनेक स्टार प्रचारक हैं, लेकिन उनमें सिर्फ एक ही सुपरस्टार प्रचारक हैं और वे हैं पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन। उनकी उम्र 93 साल की है और वे पिछले 70 साल से राजनीति में सक्रिय हैं।

मायावती की पकड़ उत्तर प्रदेश में मजबूत हुई

दलित और मुस्लिम मतदाता उनके पक्ष में दिख रहे हैं
प्रदीप कपूर - 2016-05-04 10:52 UTC
लखनऊः पिछले दिनों एक चुनावी सर्वेक्षण हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव में मायावती की पार्टी बहुजन समाज पार्टी की जीत की भविष्यवाणी की गई। उसके बाद मायावती का आत्मविश्वास और बढ़ा है। चुनाव की तैयारियों मे वे पहले ही अन्य दलों से काफी आगे चल रही हैं।

बिल्डरों के खिलाफ उठती आवाजें

जागरूक उपभोक्ता रियल स्टेट का भला ही करेंगे
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-05-04 08:55 UTC
भारी मंदी के दौर से गुजर रहे रियल इस्टेट उद्योग के लिए एक शुभ संकेत उपभोक्ताओं में पैदा हुई वह जागरूकता है, जिसके कारण बिल्डर और काॅलोलानाइजर आज अपने आपको मकान खरीदने वालों के सामने नत मस्तक दिख रहे हैं। आज जो रियल इस्टेट संकट है, उसका मुख्य कारण इस उद्योग का अनियमित पर तेज विकास है।

विकास के नाम पर मजाक है स्मार्ट सिटी

राजु कुमार - 2016-05-04 08:41 UTC
शुरुआती चंद दिनों को छोड़ दिया जाए, तो लोगों को यह बात समझते देर नहीं लगी कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा विकास के नाम पर मजाक है। इसके मार्फत कहीं झुग्गियों को उजाड़ने की योजना बनाई गई, तो कहीं पहले से ही अति विकसित क्षेत्र का चयन कर भ्रष्टाचार की राह तैयार की जा रही है, तो कहीं पर्यावरण को नष्ट कर कांक्रीट के जंगल उगाए जाने की योजना पर अमल किया जा रहा है। पिछली यूपीए सरकार ने बीआरटीएस काॅरिडोर के नाम पर शहरों की यातायात को तहस-नहस कर दिया। अब उसे यातायात के लिए बोझ समझा जाने लगा है और वह असफल योजना साबित हो रही है। उस दरम्यान भी शहरी गरीबों और हरे-भरे पेड़ों को उजाड़ा गया था। विस्थापित गरीब मुख्यधारा से और दूर चले गए। हरे-भरे पेड़ों की भरपाई आज तक नहीं हो पाई। अब फिर कुछ ऐसा ही स्मार्ट सिटी के नाम पर होने जा रहा है।

तमिलनाडु की राजनीति में गर्मी आई

जया और करुणा फिर आमने सामने
हरिहर स्वरूप - 2016-05-04 01:19 UTC
पांच राज्यों में हो रहे विधानसभाओं के आम चुनाव में तमिलनाडु के चुनाव सबसे ज्यादा दिलचस्प हैं। लोगों के सामने चुनौती यह है कि दो तमिल पार्टियों मे से वे किसका चुनाव करें, क्योंकि दोनों पार्टियो के नेता भ्रष्टाचार मे गर्दन तक डूबे हुए हैं। दोनों पार्टियो ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए एक से बढ़कर एक प्रलोभन दिए हैं। दोनों अपने विपक्षियों को रौंदने के लिए सभी तरीके आजमा रहे हैं।