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केरल में भय की राजनीति काम नहीं करेगी

भाजपा को अपने प्रदेश नेता ओ राजगोपाल से सीखना चाहिए
पी श्रीकुमारन - 2016-05-30 17:52 UTC
तिरुअनंतपुरमः भारतीय जनता पार्टी केरल में चुनाव हार गई है। उसके एक उम्मीदवार ओ राजगोपाल चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश कर गए हैं और कहने को भाजपा उसे केरल की अपनी बड़ी जीत बता रही है, लेकिन सच्चाई यही है कि वह अपने आपको पराजित महसूस कर रही है और पराजय की हताशा में हिंसक गतिविधियों मे शामिल हो गई है। कहीं कहीं उसे प्रतिक्रिया में हिंसा का सामना करना पड़ रहा है और उसके कुछ लोग भी हिंसा के शिकार हो रहे हैं।

भारी कर्ज के भार से कराहती भारतीय रेल

एम.वाई. सिद्दीकी - 2016-05-29 15:53 UTC
आज की तारीख में भारतीय रेलवे के लिए सबसे बड़ी चिंता उसके ऊपर बढ़ते कर्ज का भार है जिसकी कराह से रेलवे की सारी कमाई धरी की धरी रह जाती है क्योंकि इस कर्ज के ब्याज के रूप में ही भारी भरकम राशि इसे चुकाने पड़ रहे हैं। पत्रकार शशिकान्त सुशांत द्वारा दाखिल आरटीआई के जवाब में रेलवे ने जो अपने कर्ज का आंकड़ा दिया है उसके अनुसार दिसंबर 31, 2015 तक भारतीय रेलवे पर भारतीय रेल वित्त निगम का 82 हजार 961 करोड़, विभिन्न स्त्रातों जैसे वल्र्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी से 37 हजार 309 करोड़ और 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपये भारतीय जीवन बीमा निगम से कर्ज लिया जा चुका है। इसके साथ-साथ मुंबई-अहमदाबाद के बीच 500 किलोमीटर के बुलेट ट्रेन ट्रैक निर्माण के लिए जापान से 1,00000 करोड़ रूपये की राशि अलग है। इस तरह कुल मिलाकर रेलवे पर अलगे छह वर्षों में 3 लाख 70 हजार 270 करोड़ रूपये का कर्ज चढ़ गया है जिसके भार से रेलवे कब तक निकलेगी इसकी गणना अगले दस वर्षों में ही की जा सकेगी।

विजयन सरकार ने की शानदार शुरुआत

लेकिन आगे चुनौतियां कठिन हैं
पी श्रीकुमारन - 2016-05-28 10:56 UTC
तिरुअनंतपुरमः पिनरायी विजयन के नेतृत्च वाली वाम लोकतांत्रिक गठबंधन (एलडीएफ) की सरकार ने शानदार शुरुआत की है। इससे प्रदेश भर में एक नई उम्मीद का संचार हुआ है और लोगों को लगने लगा है कि यह जनता के प्रति मित्रभाव रखने वाली सरकार है।

पांच राज्यों के चुनाव के बाद अब नजर 2017 पर

उत्तर प्रदेश भाजपा के लिए है सबसे बड़ी चुनौती
कल्याणी शंकर - 2016-05-27 17:04 UTC
पिछले दिनों पांच राज्यों में हुए चुनाव के बाद अब सबकी नजर अगले साल होने वाले पांच राज्यों के चुनाव पर टिक गई है। भारतीय जनता पार्टी खासतौर से असम में अपनी विजय के बाद बहुत ही उत्तेजित है। वह बहुत उत्साह के साथ अब अगले साल होने वाले चुनावों का सामना करने के लिए तैयार दिख रही हैं।

चुनाव नतीजे और हिंदी मीडिया का बावलापन

उसके बुरे दिन आने की ही गारंटी
अनिल जैन - 2016-05-26 15:31 UTC
बाजार के रंग में बहुत पहले ही सराबोर हो चुका मुख्यधारा का हिन्दी मीडिया अब अपने को सत्ता के रंग में भी पूरी तरह रंग चुका है। आम लोगों तक सूचनाओं या खबरों को पहुंचाने में तटस्थता या निष्पक्षता, धर्म तथा जाति निरपेक्षता और यहां तक कि देशहित भी अब उसके लिए कोई मूल्य नहीं रह गया है। सत्ता के सुर में सुर मिलाना, सत्ताधीशों का कीर्तन करना और ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए गिरे से गिरे हथकंडे अपनाने को तत्पर रहना ही अब उसके लिए सबसे बडे पत्रकारीय मूल्य हो गए हैं। उसके इस पेशागत पतन की मिसालें कई अहम मौकों पर लोगों को मिलती रहती हैं और हाल ही में आए पांच राज्यों के चुनाव नतीजों की खबरों और विश्लेषणों को पेश करते हुए भी उसने अपने पतनशील होने की जोरदार तरीके से पुष्टि की है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नीतीश

ओबीसी मतों के लिए लड़ाई तेज
प्रदीप कपूर - 2016-05-25 16:50 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश में ओबीसी मतों के लिए लड़ाई तेज हो गई है। नीतीश कुमार इस लड़ाई में शामिल हो गए हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र बनारस से अपने मिशन उत्तर प्रदेश की शुरूआत कर दी है।

भाजपा की जीत के मायने

और मजबूत हुए नरेन्द्र मोदी
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-05-24 10:53 UTC
दिल्ली और बिहार की करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी को एक जीत की निहायत जरूरत थी। 2016 में हो रहे पांच विधानसभा के चुनावों में असम ही एक ऐसा राज्य था, जहां वह जीतकर सत्ता मे आ सकती थी। जाहिर है, असम की जीत उसके लिए बहुत जरूरी थी।

तमिलनाडु में एक बार फिर जया

करुणा की उम्मीदों पर पानी फिरा
एस सेतुरमन - 2016-05-23 13:36 UTC
एक्जिट पोल सर्वे की रिपोर्ट को गलत साबित करती हुई जयललिता एक बार फिर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बन गई है। ऐसा करके उन्हांेने एक इतिहास बना लिया है, क्योंकि पिछले दशकों से तमिलनाडु में किसी नेता ने लगातार दो बार मुख्यमंत्री का पदभार नहीं संभाला।

असम की जीत से भाजपा का मनोबल बढ़ा

कांग्रेस की हार से नेतृत्व को झटका
अमूल्य गांगुली - 2016-05-21 10:03 UTC
असम में भारतीय जनता पार्टी की जीत आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि इसकी पहले से ही उम्मीद की जा रही थी। लेकिन इस जीत ने भारतीय जनता पार्टी की उस इच्छा को पूरा कर लिया है, जिसके लिए वह लंबे समय से इंतजार कर रही थी। तरुण गोगोई भारतीय जनता पार्टी की इस इच्छा को पिछले 15 साल से पूरा नहीं होने दे रहे थे। लेकिन जब गोगाई ने हेमंत बिस्व शर्मा के साथ गलत व्यवहार किया तो भारतीय जनता पार्टी को मौका मिल गया और वह सत्ता में आ गई।

मोदी सरकार के दो साल

कहीं सफल, कहीं विफल
कल्याणी शंकर - 2016-05-20 14:55 UTC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं। इसकी तरह तरह से समीक्षा की जा रही है। कुछ लोग तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं, तो कुछ लोगों के पास इस कार्यकाल की आलोचना करने के अलावा और कुछ भी नहीं है। उनके समर्थक उनकी प्रशंसा कर रहे हैं, तो विरोधी आलोचना कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने अपने वायदों को नहीं पूरा किया और अच्छे दिन नहीं आये। अच्छे दिन लाने के चुनावी वायदों को पूरा करना अभी बाकी है। प्रधानमंत्री उस वायदे को कैसे पूरा करेंगे, यह तो वही जानते होंगे, लेकिन जितने वायदे करके उन्होंने सत्ता हासिल की है, उन्हें पूरा करना शेष 3 साल की अवधि में संभव नहीं दिखाई पड़ रहा है।