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भारत को एससीओ की सदस्ता का पूरा फायदा लेना चाहिए

रूस और चीन के साथ ऊर्जा सहयोग की बड़ी संभावना
नित्य चक्रबर्ती - 2015-06-20 10:47 UTC
संघाई कोआॅपरेशन आॅर्गेनाइजेशन (एससीओ) की सदस्यता भारत को अब मिलने ही वाली है। आगामी 9 और 10 जुलाई को इस संगठन का शिखर सम्मेलन रूस के ऊफा में होने वाला है। इस समूह की स्थापना 2001 में की गई थी और इस समय इसके 6 सदस्य हैं। रूस और चीन के अलावा कजाखस्तान, किर्गीजस्तान, ताजिकिस्तान और उज्वेकिस्तान सदस्य हैं। आगामी शिखर सम्मेलन में भारत को इसकी सदस्यता मिलने वाली है।

भारत के राॅकस्टार अपराधी ललित से मिलिए

मोदी ने मोदी की सत्ता को चुनौती दी
कल्याणी शंकर - 2015-06-19 11:22 UTC
जैसा कि बहुत लोग समझ रहे थे ललित मोदी का यह नाटक जल्दी समाप्त होने वाला नहीं है। अब तो प्रत्येक घंटे कथानक ही बदल जाता है। इसमें अनेक मोड़ हैं। राजनीति है और खेल भी है। अमीर और शक्तिशाली लोगों की ताकत भी इसमें है। यह खेल की प्रतिस्पर्धा से शुरू हुआ था और अब तो यह एक पूरा का पूरा राजनैतिक संकट बनकर खड़ा हो गया है। इसके कारण विपक्ष को भी बहुत चारा मिल चुका है, जो कुछ समय पहले तक बेचारा बना हुआ था।
भारत

योग को संप्रदाय विशेष से जोड़ना गलत

यह हमेशा संप्रदाय निरपेक्ष रहा है
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-06-18 09:44 UTC
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के संयुक्त राष्ट्र के निर्णय के बाद भारत में इसे राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही प्रचार के साथ मनाया जा रहा है। नरेन्द्र मोदी की केन्द्र सरकार की इसे हम एक उपलब्धि कह सकते हैं, क्योंकि इससे दुनिया भर में भारत का सम्मान बढ़ा है। योग विद्या की जननी भारत है ओर यह विद्या विश्व को भारत की देन है। लेकिन इसे लेकर कुछ संगठन विवाद खड़ा कर रहे हैं, जो बिल्कुल ही उचित नहीं।
भारत

बसपा का मिशन उत्तर प्रदेश 2017

कार्यकर्ताओं मे जोश भरने के लिए मायावती उत्तर प्रदेश में
प्रदीप कपूर - 2015-06-17 13:10 UTC
लखनऊः मिशन उत्तर प्रदेश 2017 को सफल बनाने के लिए बसपा सुप्रीमो पूरे जी जान से जुट गई हैं।

भारत

पंजाब में फिर हो रहे हैं सांप्रदायिक संघर्ष

उग्रवादियों पर नियंत्रण करने में बादल विफल
बी के चम - 2015-06-16 17:19 UTC
चंडीगढ़ः पंजाब में एक बार फिर सांप्रदायिक ताकतें अपना सिर उठा रही हैं और उसके कारण सांप्रदायिक संघर्ष होने भी शुरू हो गए हैं।
भारत

सुषमा का मंत्री बने रहना अब उचित नहीं

मनमोहन सिंह की गलती नहीं दुहराएं मोदी
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-06-15 18:22 UTC
एक कहावत है कि जो इतिहास से सबक नहीं लेते, वे इसे दुहराने के लिए अभिशप्त हो जाते हैं। सवाल उठता है कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इतिहास से सबक लेंगे? दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मनमोहन सिंह के लिए सबकुछ माकूल दिख रहा था, उसी समय ललित मोदी और शशि थरूर के झगड़े से आइपीएल में घोटालों के खेल का खुलासा हुआ और पहली बार यह तथ्य सामने आया कि ईमानदार मोहन मोहन सिंह ने अपने मंत्रिपरिषद में एक ऐसे शख्स को मंत्री बना रखा है, जो आइपीएल के गंदे खेल में अपना हाथ गंदा कर रहा है। मनमोहन सिंह सरकार के किसी मंत्री के किसी घोटाले में फंसे होने की वह पहली घटना थी। यह जनवरीए 2010 की घटना थी। उसके बाद तो भ्रष्टाचार के मामले एक के बाद एक सामने आने लगे।
भारत

राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ी भूमिका की तलाश में ममता

मोदी के साथ उसका खट्टा मीठा रिश्ता चलता रहेगा
कल्याणी शंकर - 2015-06-13 05:10 UTC
प्रायः कहा जाता है कि राजनीति में कोई स्थाई दोस्त या स्थाई दुश्मन नहीं होता। राजनेताओं ने इसे बार बार साबित किया है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में जाकर इसे एक बार फिर साबित किया। यह सबको पता था कि कुछ दिन पहले तक दोनों के संबंध बहुत ही खराब थे।

बार रिश्वत केस को दबाने की कोशिश

निगरानी टीम को कानूनी सलाह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
पी श्रीकुमारन - 2015-06-11 17:08 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद भी क्या केरल की चांडी सरकार बार रिश्वत से जुड़े मुकदमे को क्या दबाने की कोशिश कर रही है?
भारत

मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड टकराएगा संघ से

उत्तर प्रदेश में बढ़ रहा है साम्प्रदायिक तनाव
प्रदीप कपूर - 2015-06-11 17:05 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक तनाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हिन्दु कट्टरपंथी और मुस्लिम कठमुल्ले अपने बयान से माहौल को जहरीला बनाने में लगे हुए हैं।
भारत

बिहार चुनाव जीतना मोदी के लिए बहुत जरूरी

जनता परिवार की एकता की विफलता पर मोदी की नजर
अमूल्य गांगुली - 2015-06-09 15:23 UTC
नरेन्द्र मोदी विकास के अपने वायदे में सफल नहीं दिखाई दे रहे हैं। यहां मिल रही उनकी विफलता बिहार के चुनाव को उनके लिए काफी महत्वपूर्ण बना देता है। इसी साल के अंतिम महीनों में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं और यह चुनाव जीतना नरेन्द्र मोदी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल ही नहीं, बल्कि जीवन और मौत का सवाल भी बन गया है।
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