Skip to main content

View Articles

केरल सीपीआई प्रमुख ने शुरू की सेकुलरिज्म पर बहस

वामपंथी दलों की दी मुस्लिम तुष्टीकरण से बचने की नसीहत
पी श्रीकुमारन - 2015-07-21 13:01 UTC
तिरुअनंतपुरमः सीपीआई के केरल प्रदेश सचिव ने सेकुलरिज्म पर एक बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है और इसके कारण प्रदेश में वामपंथी खेमे में एक बड़ी बहस शुरू हो गई है। वामपंथी खेमे के बाहर के लोग भी इस बहस में शामिल हो गए हैं, लेकिन वामपंथियों में तो इसे लेकर मंथन का एक दौर शुरू हो गया है।
भारत

संसद का मानसून सत्र

जाति जनगणना और भ्रष्टाचार के मामले छाये रहेंगे
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-07-20 16:56 UTC
मोदी सरकार के लिए संसद का मानसून सत्र भारी पड़ रहा है। सरकार के एक साल पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शान से कहा था कि उनकी सरकार के पहले साल की सबसे बड़ी उपलब्धि भ्रष्टाचार मुक्त शासन की रही है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी श्री मोदी ने दावा किया था कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार नहीं चल रहा है। दिल्ली के लोगों ने उनकी बात को माना या नहीं, यह तो कहा नहीं जा सकता, लेकिन भ्रष्टाचार के मसले पर अरविंद केजरीवाल नरेन्द्र मोदी से ज्यादा विश्वसनीय दिखाई पड़े और दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल को ही पसंद किया और भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में ऐसी हार का सामना करना पड़ा, जो उसके विरोधियों के लिए भी अविश्वसनीय था।
भारत

सोनिया की इफ्तार पार्टी

राजनीति और दिखावे का मिश्रण
कल्याणी शंकर - 2015-07-17 16:11 UTC
सोनिया गांधी द्वारा पिछले दिनों दी गई इफ्तार पार्टी क्या सफल रही? इसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि गिलास आधा भरा हुआ था। उनके कहने का मतलब है कि वह 50 फीसदी सफल रही। दूसरी ओर सोनिया के विरोधियों को गिलास आधा दिखाई दे रहा है। इन दावों में कुछ खास नहीं रखा हुआ है। असल चीज जो मायने रखती हे, वह यह है कि इफ्तार पार्टी के बाद किस तरह तरह की गतिविधियां तेज हुई हैं।
भारत

ओबीसी आंकड़े बनेंगे बिहार में चुनावी मुद्दा

भाजपा का दिल्ली वाला हश्र हो सकता है वहां
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-07-16 16:54 UTC
बिहार में लालू यादव ने जाति के आंकड़े को एक बड़ा मुद्दा बनाने में सफलता पा ली है। नीतीश कुमार इस मसले पर शुरू में स्पष्ट नहीं थे, लेकिन अब उन्होंने भी इस आंकड़ों को सार्वजनिक करने को एक चुनावी मुद्दे के रूप में देखना शुरू कर दिया है। जिस रोज दिल्ली में नीति आयोग की बैठक हो रही थी, उस दिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जाति के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग कर दी है। यदि इसे सार्वजनिक नहीं किया गया, तो चुनावों मंे इसे एक बड़ा मुद्दा बनने से कोई रोक नहीं सकता।

भारत में औद्योगिक उत्पादन को बड़ा बढ़ावा मिले

घरेलू मांग बढ़ाकर विकास दर बढ़ाया जा सकता है
के आर सुधामन - 2015-07-15 15:35 UTC
केन्द्र सरकार का ’’मेक इन इंडिया‘‘ अभियान भले ही जोर नहीं पकड़ पा रहा हो, लेकिन इसने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसका प्रमाण अर्थव्यवस्था की विकास दर में देखी जा रही वृद्धि है। केन्द्र सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद विकास की वृद्धि को मापने का तरीका बदल दिया है और कुछ लोग इसके कारण जारी की जा रही विकास दरों के आंकड़ों पर सवाल खड़े कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर हो रही है और इसके कारण भविष्य में और भी तेज विकास की उम्मीद की जा सकती है। इस साल विकास की दर का अनुमान साढ़े सात फीसदी लगाया जा रहा है, लेकिन यदि यह दर 8 फीसदी तक पहुंच जाय, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
भारत

विकास की राजनीति: अदानी के मसले पर असमंजस में सरकार

पी श्रीकुमारन - 2015-07-14 15:36 UTC
तिरुअनंतपुरमः विझिंजम बंदरगाह का मामला केरल सरकार के गले की हड्डी बन गया है। उसे निर्णय करने में समस्या हो रही है कि अदानी को वह बंदरगाह अवार्ड किया जाना सही है या नहीं।
भारत

कांग्रेस ने किया मध्यप्रदेश बंद का आह्वान

मुख्यमंत्री सहित संघ नेताओं पर निशाना
एल एस हरदेनिया - 2015-07-13 15:31 UTC
भोपालः सुप्रीम कोर्ट द्वारा व्यापम घोटाले की जांच सीबीआई जांच के आदेश देने से कांग्रेस और खासकर इसके नेता दिग्विजय सिंह का मनोबल बढ़ा है। इससे दोनों की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। कांग्रेस और खासकर इसके नेता दिग्विजय सिंह इसकी सीबीआई जांच की मांग लगातार कर रहे थे। उन्होंने इसके लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
भारत

बिहार विधानपरिषद के चुनाव नतीजे

क्यों भारी पड़ गई भाजपा?
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-07-11 15:29 UTC
बिहार विधान परिषद की 24 सीटों में लिए हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी के 11, उससे समर्थित लोकजनशक्ति पार्टी के एक और उससे समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है। जबकि जद(यू) के 5, उसके सहयोगी राजद के 4 और कांग्रेस के एक उम्मीदवार जीते हैं। इस तरह भाजपा गठबंधन 13 सीटों पर जीत हासिल कर नीतीश गठबंधन पर भारी पड़ गया है। जीत का अंतर कोई बहुत बड़ा नहीं है। पटना क्षेत्र से विजयी निर्दलीय उम्मीदवार रीतलाल यादव को राजद का समर्थन हासिल था। हालांकि वहां नीतीश के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे, पर फिर भी रीतलाल यादव को नीतीश-लालू खेमे में गिन लें तो मामला 13 और 11 का ही रह जाता है।
भारत

भाजपा से दो दो हाथ करने को कांग्रेस तैयार

भगवा कैप के अंदरूनी संघर्ष से पैदा हो रहा है संकट
कल्याणी शंकर - 2015-07-10 16:32 UTC
कांग्रेस पार्टी में अभी उत्साह का माहौल है। 2014 के लोकसभा चुनाव में मात खाने के बाद पहली बार उसे लग रहा है कि वह अपनी खोई हुई जमीन फिर से वापस पा सकती है। भारतीय जनता पार्टी और नरेन्द्र मोदी सरकार ने इसके लिए उसे अच्छा अवसर भी प्रदान कर दिया है। आज भ्रष्टाचार के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे हैं पहले सुषमा स्वराज का भ्रष्टाचार सामने आया, जिसमें उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ललित मोदी का गैरवाजिब साथ दिया। फिर ललित मोदी और वसुंधरा के संबंधों का खुलासा हुआ। महाराष्ट्र सरकार के भ्रष्टाचार के कुछ मामले भी मीडिया की सुर्खियों में आए और उसके बाद तो मध्यप्रदेश का व्यापम घोटाला राष्ट्रीय मीडिया में छाने लगा और अब यह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। भाजपा की छत्तीसगढ़ की सरकार पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे।
भारत

लालू के वंशवाद को चुनौती

राजद सुप्रीमो की राजनीति का त्रासद अंत
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-07-10 16:28 UTC
कबीर दास का एक दोहा है, ’’ आये हैं सो जाएंगे, राजा रंक फकीर। एक सिंहासन चढ़ चले, एक बंधे जंजीर ’’। कबीर ने यह दोहा 5 सौ साल से भी पहले लिखा था, लेकिन इसमे एक सनातन सत्य छिपा है और वह आज लालू यादव पर सही साबित हो रहा है। पिछले दिनों वे बिहार के वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र में विधानपरिषद के लिए हो रहे चुनाव के लिए लोगों को संबोधित करने के लिए एक मंच पर थे। मंच पर उनका बड़ा बेटा भी था। उसने वहां से आगामी विधानसभा के लिए अपनी उम्मीदवारी घोषित कर दी और उसके बाद वहां का जो नजारा था, वह दंग कर देने वाला था। एकाएक लालू और उनके वंशवाद के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। नारेबाजी उनके दल के विरोधी लोग नहीं कर रहे थे, बल्कि उनके अपने लोग ही कर रहे थे। उनके दल क्या उनकी अपनी जाति के लोग, जिन्हें लालू अपना राजनैतिक जनाधार कहते हैं, के लोग ही लालू यादव मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।