भारत
तेलंगाना के गठन के बाद नवनिर्माण की चुनौतियां
- 2014-06-06 16:09 UTCतेलंगाना अब एक वास्तविकता बन गया है। भारत संघ के 29 वें प्रदेश के रूप में उसने अस्तित्व प्राप्त कर लिया हैं। अब सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? इसमें शक नहीं कि जिन पार्टियों और नेताओं ने इस राज्य के गठन के लिए संघर्ष किया, वे सफलता पाने के बाद इतरा रहे हैं, लेकिन गठन के साथ ही उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता है। नवगठित प्रदेश के सामने आज अनेक चुनौतियां हैं और अवसर भी। तेलंगाना और पड़ोसी आंध्र प्रदेश के बीच कटुता पैदा हो गई है, लेकिन दोनों प्रदेशों को इस कटुता को भूलकर एक दूसरे के सहयोग से अपने अपने विकास के काम को अंजाम देना चाहिए। दोनों राज्यों में पिछले विधानसभा चुनाव ने स्थाई सरकारें दी हैं। यह अच्छी बात है। दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को आपसी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।