नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत की नवउदारवादी अर्थव्यवस्था गहरे संकट में
आम लोगों के गिरते जीवन स्तर और बेरोज़गारी पैदा कर रही सामाजिक तनाव
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2025-03-15 10:54 UTC
भारत में कॉर्पोरेट पूंजीवाद आज संकट की चपेट में है। अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है। 8 जनवरी, 2025 को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अनुमान है कि 2024-25 में यह चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर आ जायेगी, जिसका मुख्य कारण विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में खराब प्रदर्शन है। अंबानी और अडानी के नेतृत्व में कुछ ही हाथों में धन और पूंजी का बहुत बड़ा संकेन्द्रण है। छोटे और मध्यम उद्यम जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ रोज़गार सृजन में अधिकतम योगदान देते हैं, वे गहरे संकट में हैं और नष्ट हो रहे हैं।