प्रस्तावित जन हित और सेवा कानून से नहीं सुलझेगी भ्रष्टाचार की पेंच
- 2011-11-16 13:40 UTCनई दिल्ली: पिछले कुछ महीनों से भ्रष्टाचार पर देश में चल रही राजनीति के नुकसान से बचने के उद्देश्य से संप्रग सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में जो जन हित और सेवा कानून ला रही है उससे न तो सरकार का उद्देश्य पूरा हो सकेगा और न ही जनता को कोई खास लाभ मिल पायेगा। यदि इसके वर्तमान प्रारुप पर गौर फरमाएं तो कहा जा सकता है कि यह बचकाना प्रयास है और स्वयं कानून के मूलभूत सिद्धांतों की ही धज्जियां उड़ाता है। साफ दिखाई देता है कि कानून बनाने वालों ने या तो भ्रष्टाचार की पेंच के मामले में अपनी अज्ञानता का प्रदर्शन किया है या फिर जान-बूझकर जनता को ठगने की कोशिश की है।