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अमेरिका

ओबामा प्रशासन का एक साल

घरेलू मोर्चे पर औसत उपलब्धि
कल्याणी शंकर - 2010-01-15 11:21 UTC
अगले 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने कार्यकाल का एक साल पूरा कर लेंगे। ओपरा विन्फ्रे के एक टीवी शो में श्री ओबामा ने कहा कि एक साल की अपनी उपलब्धियों के लिए वे अपने आपको बी प्लस ग्रेड देना चाहेंगे। पर सवाल उठता है कि अमेरिका के लोग उन्हें कौन सा ग्रेड देना चाहते हैं? वहां हुए सर्वेक्षणों में लोगों ने उन्हें उतना ऊंचा ग्रेड नहीं दिया है, हालांकि उन्हे अपने कार्यकाल के पहले ही साल में नोबेल पुरस्कार भी दिए जा चुके हैं।

भारत पाक राजनय के नये आयाम

बातचीत शुरू करने के लिए सही समय
ओ पी सभरवाल - 2010-01-14 10:14 UTC
भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस शताब्दि का दूसरा दशक शुरू हो गया है और इस दूसरे दशक में पाकिस्तान वैसा नहीं रहा जैसा पहले था। इसलिए अब भारत को भी चाहिए कि पाकिस्तान के साथ अपने राजनय में पुरानी अवधारणाओं को त्याग कर नये सिरे से पाकिस्तान से बातचीत करे। लेकिन भारत में अभी पाकिस्तान को लेकर पुरानी धारणाओं का त्याग नहीं किया जा रहा है।

ब्राजील जैसी अहमियत चाहिए सोयाबीन को

अशोक बी शर्मा - 2010-01-11 09:44 UTC
अमेरिका, ब्राजील, चीन, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, कनाडा और इटली जैसे तमाम देशों में आम लोगों को सोयाबीन के जरिये पौष्टिक भोजन सुलभ कराने की कोशिश हो रही है लेकिन भारत में सोयाबीन की पहचान सोयामील के ही रूप में ज्यादा होती है। सोया तेल मानव उपभोग में जरूर आता है लेकिन विटामिनों से भरपूर सोयाबीन को दोयम दर्जा ही नसीब हो पाया है। यही वजह है कि भारत में अनुकूल जलवायु होने के बावजूद सोयाबीन की पैदावार को वांछित बढ़ावा नहीं मिल पाया है।

दिल्ली में जुटे हिंदुस्तान और पाकिस्तान के शांति प्रेमी

एस एन वर्मा - 2010-01-07 16:17 UTC
नई दिल्ली। मुबंई हमले के बाद से हिंदुस्तान और पाकिस्तान सरकार के बीच कायम कटू माहौल अभी तक बरकरार है। इसका खामियाजा दोनों देशों के अमन चाहने वाली जनता को भुगतना पड़ रहा है। यह संदेश देने के लिए कल से नई दिल्ली में दोनों देशों के शांति प्रेमिओं की तीन दिवसीय कान्फ्रेंस हो रही है। सम्मेलन में दोनों के देशों के बीच शांति का माहौल तैयार करने के लिए एक रोड मैप भी तैयार किया जाएगा।

ज्ञान-विज्ञान

क्या 2012 में दुनिया मिट जाएगी?

डा मैथर ने कहा - "नहीं"
विशेष संवाददाता - 2010-01-05 12:55 UTC
हाल ही की एक फिल्म में 2012 में कयामत आने की बात कही गई है। इस फिल्म के एक उत्सुक दर्शक के सवाल के जवाब में डॉ जान सी मैथर ने कहा कि इस भय के पक्ष में कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है। दिलचस्प बात है कि उनकी अगली परियोजना "जेम्स वेब्स स्पेश टेली स्कोप" (जेडब्ल्यूएसटी) का 2014 में ही प्रक्षेपण होने की योजना है। यह परियोजना पुराने हब्बल अन्तरिक्ष दूरबीन की अगली कड़ी है।

राष्ट्रकुल खेलों का इतिहास और दिल्ली में तैयारी

विशेष संवाददाता - 2009-12-25 03:14 UTC
क्या आप जानते हैं कि नई दिल्ली में अक्टूबर 2010 में होने वाले राष्ट्रकुल खेल सबसे पहले कहां हुआ था और अपने देश में हो रहा यह आयोजन कामनवेल्थ गेम्स किस स्थान पर है। पहला खेला कहां हुआ था और उसके बाद के खलों का आयोजन किन-किन शहरों में संपन्न हुआ था? हम इस कालम में रोज आपके समक्ष ऐसी जानकारियों का फलक प्रस्तुत करेंगे जिसमें काॅमनवेल्थ गेम्स का इतिहास और भूगोल परिभाषित होगा।

ब्राजील के कृषि अनुभवों से भारत सीख ले

अशोक बी शर्मा - 2009-12-15 11:40 UTC
किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने का मुद्दा गरमाने और देश में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता में गिरावट आने से दुनिया के दूसरे देशों में अपनाए जा रहे उपाय अपनाने की जरूरत महसूस हो रही है। बहुत से लोग भारत की तुलना दुनिया की दूसरी उभरती अर्थव्यवस्थाओं जैसे ब्राजील, चीन और दक्षिण अफ्रीका से करते हैं।
जीव जगत

दुनिया के एक तिहाई जीवधारी नष्ट होने के कगार पर

कारगर कदम नहीं उठाया तो ये लुप्त हो जायेंगे
विशेष संवाददाता - 2009-11-03 12:40 UTC
आई यू सी एन की आज जारी लाल सूची 2009 के अनुसार इस संस्था द्वारा किए गये सर्वेक्षण में पता चला है कि दुनिया भर के जीवधारियों में से लगभग एक तिहाई के समक्ष अस्तित्व का गंभीर संकट है और यदि समुचित कदम नहीं उठाये गये तो ये शीघ्र ही विलुप्त हो जायेंगे।
ज्ञान पाठक के अभिलेखागार से

भारत-अमेरिका परमाणु समझौता

दोनों देशों की दुविधाएं और सिद्धांत का सवाल
System Administrator - 2007-11-11 06:37 UTC
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को मंज़ूरी दे देने के बाद इसे लागू करने के मार्ग में बाधाएं खत्म सी हो गयी हैं, हालांकि कुछ और अड़चनें अभी बाकी हैं। भारत और अमेरिका के सत्तारुढ़ इस समझौते का लागू करने के प्रति काफी उत्साही रहे हैं, हालांकि दोनों देशों में इसके विरोधियों की संख्या भी कम नहीं रही है।
ज्ञान पाठक के अभिलेखागार से

नाभिकीय दादागिरी ...

System Administrator - 2007-10-20 06:47 UTC
अगले महीने अर्थात् जुलाई 2007 से नाभिकीय आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों के दमन के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून (द इंटरनेशनल कॉन्वेंशन फॉर द सप्रेशन ऑफ एक्ट्स ऑफ न्यूक्लियर टेररिज्म) लागू हो जायेगा जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र में सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गयी हैं। लेकिन नाभिकीय दादगिरी और नाभिकीय आतंकवाद दोनों के खतरों से दुनिया को लगातार सजग रहने की आवश्यकता पड़ेगी।
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