भारत
77 करोड़ में से महज पांच करोड़ की पहुंच संगठित खेल सुविधाओं तक
- 2010-08-21 11:57 UTCखेल देश के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न पहलू है। खेल शिक्षा एवं मानव व्यक्तित्व के विकास का भी अखंड हिस्सा है। खेलों की संस्कृति को लोगों की जीवन शैली का हिस्सा बनाने के लिए खेलों के उपयुक्त बुनियादी ढंाचे की जरूरत है। देश में बच्चों, किशोरों और युवाओं की आबादी करीब 77 करोड़ है, इनमें से महज पांच करोड़ की पहुंच संगठित खेल सुविधाओं तक है और ये सुविधाएं भी शहरी इलाकों तक सीमित हैं। करीब 75 प्रतिशत आबादी, मोटे तौर पर ग्रामीण इलाकों में रहती है और खेल की बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। खेलों के बुनियादी ढांचे और सामुदायिक प्रशिक्षण सुविधाओं की गंभीर अनुपयुक्तता देश में खेलों के प्रोत्साहन और विकास की राह में बाधक है।