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लोकसभा चुनावों के बीच बैंक जमा पर ब्याज दरें बढ़ाने में राजनीति की बू

मतदान के रुझान से चिंतित प्रधानमंत्री मध्यम वर्ग को देना चाहते हैं कुछ राहत
अंजन रॉय - 2024-05-17 10:42 UTC
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में, अर्थशास्त्री और राजनीति विशेषज्ञ सभी आश्चर्यचकित हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन की लोकप्रियता को क्यों नहीं बढ़ा रहा है?

भारत के हथियार उद्योग में उछाल, निर्मित हो रहा है बड़ा बाजार

घरेलू हथियारों का उत्पादन बढ़ाने, आयात में कटौती करने का समय
नन्तू बनर्जी - 2024-05-16 10:54 UTC
भारत का रक्षा विनिर्माण उद्योग तेजी से देश की अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है और चुपचाप नवीनतम शेयर बाजार में एक उछाल ला रहा है। रक्षा निर्माताओं के लिए इतना अच्छा समय पहले कभी नहीं था। निजी क्षेत्र के रक्षा विनिर्माण उद्यम भी पारंपरिक सरकार द्वारा संचालित सार्वजनिक हथियार निर्माताओं की तरह बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। देश के 10 रक्षा शेयरों में पिछले एक साल में 446 फीसदी तक का उछाल आया है। शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में हैं: एचएएल, मझगांव डॉक, भारत फोर्ज, भारत डायनेमिक्स, पारस डिफेंस एंड स्पेस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आइडियाफोर्ज, एमटीएआर टेक्नोलॉजीज, डेटा पैटर्न, सोलर इंडस्ट्रीज, गोवा शिपयार्ड और तनेजा एयरोस्पेस।

रायबरेली में राहुल को जिताने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता

अमेठी में दिग्गज कांग्रेस नेता से मुकाबला के लिए तैयार हैं भाजपा की स्मृति ईरानी
प्रदीप कपूर - 2024-05-15 11:37 UTC
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सभी की निगाहें अब 20 मई को लखनऊ सहित 12 अन्य लोकसभा सीटों पर होने वाले मतदान पर टिकी हैं। काफी अनिश्चितता के बाद राहुल गांधी भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए रायबरेली का महत्व बढ़ गया है।

चार चरणों के मतदान के बाद चिंता छिपाकर बड़ी जीत का दावा कर रही भाजपा

कांग्रेस का आत्मविश्वास लौटा, भाजपा के खिलाफ अगले दौर की लड़ाई की तैयारी
कल्याणी शंकर - 2024-05-14 11:43 UTC
कई अन्य देशों की तरह, भारत में भी राजनीतिक दल अक्सर आधिकारिक परिणाम घोषित होने से पहले ही चुनाव के दौरान जीत का दावा करते हैं। यह उनकी राजनीति का हिस्सा है। भारत में चल रहे चुनाव कोई सामान्य राजनीतिक घटना नहीं हैं; वे देश के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और साथ ही कई राजनीतिक दलों के नेताओं के भाग्य के लिए भी। उनके गहरे और दूरगामी निहितार्थ हैं।

अंतरिम जमानत पर केजरीवाल ने बहुत ही बिगाड़ दी भाजपा की रणनीति

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने तिहाड़ से अपनी रिहाई के बाद सभी सही कदम उठाये
सुशील कुट्टी - 2024-05-13 10:59 UTC
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद से यह और भी स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी के यह संयोजक राजनीतिक रूप से कोई “आम आदमी” नहीं बल्कि 'खास आदमी' हैं, जैसा कि तिहाड़ जेल में बंद दोनों आप नेता पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली के पूर्व जेल मंत्री सत्येन्द्र जैन। भाजपा को केन्द्र की सत्ता से बाहर करने की इंडिया गठबंधन की योजना के लिए आप संयोजक बहुत ही महत्वपूर्ण शख्सीयत हैं।

हरियाणा की राजनीति में बड़ा बदलाव, लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर असर

भाजपा के लिए अशुभ, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में इंडिया ब्लॉक और राज्य की पार्टियां
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-05-11 11:46 UTC
25 मई को छठे चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए 9 मई को नामांकन वापस लेने से पहले हरियाणा की राजनीति में काफी बदलाव आया। चुनाव की पूर्व संध्या पर भाजपा के मुख्यमंत्री के बदले जाने की पृष्ठभूमि में चुनाव प्रचार शुरू हो गया है। 12 मार्च को एनडीए में फूट पड़ गयी, जिससे सहयोगी दल भाजपा और जेजेपी अलग हो गये, और दो महीने से भी कम समय में राज्य में नायब सिंह सैनी सरकार अल्पमत में आ गयी, जब 7 मई को तीन निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया। यह निश्चित रूप से भाजपा के लिए अशुभ है, क्योंकि पार्टी का लक्ष्य राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटें जीतना है, जो उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में जीती थी। प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार सत्ता चाह रहे हैं इसलिए वह किसी भी सीट का नुकसान बर्दाश्त नहीं कर सकते।

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी त्याग रहा है चुनाव आयोग

सर्वोच्च न्यायालय संस्थान की गरिमा बहाल करने के लिए कदम उठाये
पी. सुधीर - 2024-05-10 10:34 UTC
लोक सभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान 7 मई को समाप्त होने के साथ ही सदन की आधी सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुका है। इससे यह आकलन करने के लिए पर्याप्त अनुभव और समय मिला है कि चुनाव आयोग (ईसी) स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के संचालन की निगरानी कैसे कर रहा है। इस मामले में फैसला तो यही हो सकता है कि यह बुरी तरह विफल रहा है।

हर चरण के मतदान के साथ बढ़ी है आरएसएस और भाजपा के बीच दरार

मोदी खो रहे हैं भाषण की शालीनता पर पकड़ और शाह चुनावी रणनीतियों पर
अरुण श्रीवास्तव - 2024-05-09 11:30 UTC
लोक सभा चुनाव में मतदान के हर चरण के बीतने के साथ आरएसएस और पारंपरिक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की पीड़ा और अधिक स्पष्ट होती जा रही है, भले ही आरएसएस के शीर्ष नेताओं ने उनकी पीड़ा रहने और भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की कोशिश की हो।

उड़ीसा में राजनीति एक दिलचस्प मोड़ पर

पीएम ने की सरकार गठन के तारीख की घोषणा, पर सीएम भी पीछे नहीं
सुशील कुट्टी - 2024-05-08 10:46 UTC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन राजनेताओं पर भी हंसते हैं जिनके बारे में आप कभी सोच भी नहीं सकते। उदाहरण के लिए, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, जो गोलार्ध के सबसे शांत राजनेता हैं, और मोदी को दूर-दूर तक उनसे कोई ख़तरा नहीं। लेकिन प्रधान मंत्री मोदी को वह एक प्रतिद्वंद्वी दिखाई देते हैं, तब भी जब वह अपने काम से काम रखते हैं और बड़े पैमाने पर काम कर रहे होते हैं।

बंगाल के राज्यपाल छेड़छाड़ मामले से पल्ला झाड़ने को बेताब

मणिपुर, रेवन्ना पर प्रधान मंत्री के मौन से उनका दोहरा मापदंड उजागर
अरुण श्रीवास्तव - 2024-05-07 11:43 UTC
समसामयिक राजनीति और भारत के विचार में भारी परिवर्तन आया है। ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिकता के सिद्धांतों ने मूल्य और प्रासंगिकता खो दी है। लोकसभा चुनाव के बीच पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है, वह उस गिरावट का ही संकेत है। सबसे पहले, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने राजभवन के कर्मचारियों को महिला कर्मचारियों से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस पूछताछ का जवाब नहीं देने का निर्देश दिया है। दूसरे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजनाबद्ध तरीके से सांप्रदायिक उन्माद भड़का रहे हैं और पीड़ित हिंदू महिला कार्ड खेल रहे हैं। बोस ने राजभवन के कर्मचारियों से बंगाल पुलिस के किसी भी संचार को नजरअंदाज करने के लिए कहा है और उन्हें किसी भी रूप में इस संबंध में बोलने से रोक दिया है।