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अवस्थात्रय

भारतीय चिंतन परम्परा में मानव जीवन की तीन अवस्थाएं मानी जाती है। ये हैं - जागृतावस्था, स्वप्नावस्था तथा सुषुप्त्यावस्था।

जागृतावस्था मनुष्य की जागृत अवस्था है जिसमें वह जागता रहता है तथा अपने सभी कार्यों के सम्पादित करता है।

स्वप्नावस्था मनुष्य की वह अवस्था है जिसमें वह अर्ध निद्रा में रहते हुए स्वप्न देखता है।

सुषुप्त्यावस्था मनुष्य की सुषुप्ति की अवस्था है जिसमें वह निद्रा के आधीन सोया रहता है।

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Page last modified on Monday June 26, 2023 06:19:09 GMT-0000