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भारत सीमा मुद्दों और आर्थिक अनिवार्यताओं में घालमेल न करे

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ नवीनतम सुलह स्वागत योग्य
नन्तू बनर्जी - 2024-12-17 10:59
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के साथ शांति और सौहार्द बनाये रखने तथा लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान के लिए काम करने के चीन के अचानक मन परिवर्तन को दोनों देशों के संयुक्त घोषणापत्र के शब्दों से परे जाकर नहीं समझा जाना चाहिए, जैसा कि इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 30वीं बैठक के अंत में जारी संयुक्त घोषणा में कहा गया था। लगभग साढ़े चार साल के अंतराल के बाद चीन सीमा मुद्दे पर सावधानीपूर्वक समझौता करने के लिए तैयार दिख रहा है, जब चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर यथास्थिति को आक्रामक तरीके से बदलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इसमें कोई सफलता नहीं मिली थी।

भारत की असली चिंता घरेलू विकृतियों में है, ट्रम्प के टैरिफ में नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति रक्षा केंद्रित एक समग्र समझौते की मांग करेंगे
डॉ. नीलांजन बनिक - 2024-12-16 11:01
30 नवंबर को अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया पर एक धमकी पोस्ट की, जिसमें चेतावनी दी गयी कि यदि ब्रिक्स देश अमेरिकी डॉलर को छोड़ देते हैं, तो उन्हें 100% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। लेकिन यह कोई नयी धमकी नहीं है और इसी तरह की चेतावनियाँ अन्य क्षेत्रों पर भी निर्देशित की गयी हैं, जिनमें मेक्सिको और चीन जैसे निकटवर्ती मित्र देश शामिल हैं, और जिनमें टैरिफ के खतरों का विस्तार विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों तक हैं।

पूजा स्थल अधिनियम मुकदमों पर रोक से जगी धर्मनिरपेक्षता के बचने की नयी उम्मीद

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के दूरगामी सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी निहितार्थ
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-12-14 10:46
पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 के संबंध में सभी नये मुकदमों, कार्यवाहियों और आदेशों पर रोक लगाने का आदेश भारत के सर्वोच्च न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 12 दिसंबर को दिया, जिसके निहितार्थ दूरगामी होंगे क्योंकि यह कानूनी सीमाओं से परे देश के लोगों के सामाजिक और राजनीतिक जीवन को प्रभावित करेगा। इस आदेश ने सांप्रदायिकता के खिलाफ धर्मनिरपेक्षता की अस्तित्व की लड़ाई में धर्मनिरपेक्षता के बचने की एक नयी उम्मीद जगायी है, जिस पर हिंदुत्ववादी ताकतों द्वारा सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी रूप से लगातार हमला किया जा रहा है, हालांकि पूजा स्थल अधिनियम में ऐसे मुद्दों को उठाने पर कानूनी रोक है।

जे पी नड्डा की जगह अगले भाजपा अध्यक्ष के नामांकन पर संकेत अस्पष्ट

नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत के बीच इस मुद्दे पर अभी विवाद सुलझा नहीं
अरुण श्रीवास्तव - 2024-12-13 10:32
भाजपा दिसंबर के अंत तक पार्टी के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति करने की जल्दी में है। नये अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। लेकिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में से किनका उम्मीदवार इस पद पर बैठेगा, अभी भी रहस्य में डूबा हुआ है। यह मुद्दा अभी भी विवादास्पद बना हुआ है। गत अक्तूबर महीने में आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और उसके बाद भागवत की कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत ने निश्चित रूप से भगवा पारिस्थितिकी तंत्र में यह उम्मीद जगायी है कि साल खत्म होने से पहले दोनों के बीच किसी उम्मीदवार पर सहमति हो जायेगी।

ब्रिक्स मुद्रा का सपना और डॉलर विरोधी अभियान ट्रम्प की नयी चिंता

निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति की 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की धमकी का अर्थ
नन्तू बनर्जी - 2024-12-12 10:59
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नौ सदस्यीय ब्रिक्स प्लस देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की धमकी दी है, यदि वे अमेरिकी डॉलर को एक आम ब्रिक्स मुद्रा से बदलने की कोशिश करेंगे। इसे ट्रम्प की ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा की ब्रिक्स देशों के लिए अलग मुद्रा के प्रस्ताव पर घबड़ाहट ही कहा जायेगा। लूला ने अमेरिकी डॉलर विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के प्रति बढ़ती भेद्यता को कम करने के लिए यह प्रस्ताव दिया है।

विवादास्पद हुआ अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अपने बेटे को क्षमादान देने का मामला

निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन के परिवार की त्रासदी ने इस निर्णय को आकार दिया
कल्याणी शंकर - 2024-12-11 10:45
पिछले सप्ताह, अमेरिका और दुनिया भर के लोग इस खबर से स्तब्ध थे कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने बेटे हंटर बाइडेन को क्षमादान दे दिया है। यह क्षमादान विवाद महत्वपूर्ण था। क्षमादान यह सुनिश्चित करता है कि हंटर को उसके कथित अपराधों के लिए सजा नहीं दी जायेगी और वह जेल नहीं जायेगा। उसके मामलों को संभालने वाले न्यायाधीश संभवतः बंदूक मामले के लिए 12 दिसंबर और कर मामले के लिए 16 दिसंबर को निर्धारित सजा सुनवाई को रद्द कर देंगे।

सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद सत्ता से बेदखल, रूस और ईरान को बड़ा नुकसान

तुर्की और इजरायल को फिलहाल फायदा हुआ, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा
नित्य चक्रवर्ती - 2024-12-10 10:56
पहले से ही युद्ध से तबाह पश्चिम एशियाई क्षेत्र अब सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल-असद सरकार के सत्ता से बेदखल होने से भू-राजनीतिक उथल-पुथल के एक नये दौर में प्रवेश कर गया है। राष्ट्रपति रविवार को दमिश्क से भागकर मास्को चले गये हैं और उन्हें रूसी सरकार ने वहां शरण दे दी है। वर्ष 2000 से लेकर पच्चीस वर्षों तक रूसी सहायता से मज़बूती से शासन करने वाले सीरियाई बाथ पार्टी के नेता की हार राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक बड़ी व्यक्तिगत हार है और पश्चिम एशिया में उनकी कूटनीति के लिए एक बड़ा झटका।

बाबरी मस्जिद विध्वंस के 32 साल बाद निशाने पर कई अन्य स्थल

अयोध्या फैसले की अनदेखी, पूरी तरह से लागू नहीं, बढ़ रहा सांप्रदायिक तनाव
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-12-09 10:52
अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किये जाने के 32 साल, तथा 9 नवंबर, 2019 को, भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पांच-न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिये गये अयोध्या फैसले के लगभग पांच साल बाद जिसमें राम मंदिर बनाने का फैसला सुनाया गया, अनेक अन्य स्थलों को निशाना बनाया गया है। अयोध्या फैसले के तहत राम मंदिर बना और उसका उद्घाटन प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी, 2024 को कर भी दिया, परन्तु फैसले को आधे-अधूरे ढंग से लागू किया गया, जिसके कारण कई अन्य मस्जिदें और दरगाह नये लक्ष्य बन गये, जिससे देश भर में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच सांप्रदायिक तनाव और वैमनस्य पैदा हो रहा है, जो अयोध्या के फैसले से बढ़ी उम्मीदों के विपरीत है।

आरबीआई ने विकास की तुलना में मुद्रास्फीति नियंत्रण को अधिक महत्व दिया

भारतीय अर्थव्यवस्था के वर्तमान चरण में यह कदम सावधानीपूर्ण लेकिन समझदारी भरा
अंजन रॉय - 2024-12-07 11:08
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के संदर्भ में भारतीय अर्थव्यवस्था की मंदी और बढ़ती मूल्य रेखा के मद्देनजर अर्थशास्त्रियों और नीति विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ी हुई थी, जिसके बीच आरबीआई ने स्पष्ट रूप से दरों में ढील के चक्र को शुरू करने के लिए जीडीपी वृद्धि में गिरावट पर ध्यान देने के बजाय मुद्रास्फीति नियंत्रण पर का रुख चुना है। आरबीआई ने नीतिगत रेपो दर को 6.5% पर रखा। जो लोग विकास दर को नीति के सर्वोच्च उद्देश्य के रूप में देखने की उम्मीद कर रहे थे, वे संभवतः निराश हुए होंगे।

बांगलादेश में लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को करना होगा अल्पसंख्यकों की रक्षा

भारत में लोगों को साम्प्रदायिक तत्वों विभाजनकारी प्रयासों के सतर्क रहना चाहिए
पी. सुधीर - 2024-12-06 11:06
बांगलादेश में हिंदू और बौद्ध अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमले व्यापक चिंता का विषय है। अगस्त के पहले सप्ताह में एक बड़े आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार के पतन के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि उनके सत्तावादी शासन के अंत के साथ ही बांगलादेश में अधिक लोकतांत्रिक व्यवस्था की शुरुआत होगी। लेकिन पहले ही कुछ दिनों की अराजकता में, देश भर में कुछ हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यक समुदाय के घरों पर हमलों की खबरें सामने आयीं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने उस समय आश्वासन दिया था कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की जायेगी। लेकिन तब से लेकर अब तक की अवधि में हिंसा की अनेक घटनाएं हुई हैं।