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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ माकपा ने किया कड़ा रुख

उच्च शिक्षा के भगवाकरण के खिलाफ सत्तारूढ़ वाम नेतृत्व ने उठाया कदम
पी. श्रीकुमारन - 2024-12-05 10:54
तिरुवनंतपुरम: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ अपना रुख कड़ा कर लिया है, जो विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उच्च शिक्षा का भगवाकरण करने, राज्य द्वारा वित्तपोषित विश्वविद्यालयों के कामकाज को कमजोर करने और सदन द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने से इनकार करके राज्य विधानसभा को अप्रभावी बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
डॉ अम्बेडकर की पुण्यतिथि 6 दिसम्बर के अवसर पर विशेष

हिन्दू धर्म त्यागकर बौद्ध धर्म अंगीकार करने समय डॉ. अम्बेडकर ने क्या कहा

एल.एस. हरदेनिया - 2024-12-04 11:23
‘‘मैं आज बहुत ही प्रफुल्लित हूँ। मैं जरूरत से ज्यादा प्रसन्न हूँ। मैंने जिस क्षण हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म स्वीकार किया है मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने नर्क से मुक्ति पा ली है,” ये शब्द डॉ. अम्बेडकर के उस भाषण के हैं जो उन्होंने हिन्दू धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म को स्वीकार करते हुए दिया था।

नरेंद्र मोदी सरकार अमीरों पर सुपर टैक्स लगाने के मुद्दे पर चुप क्यों

इंडिया ब्लॉक धनवानों पर जी-20 द्वारा प्रस्तावित कर लागू करने पर दबाव डाले
नित्य चक्रवर्ती - 2024-12-04 10:59
नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दूसरे बजट को संसद में पेश किये जाने में दो महीने से भी कम समय बचे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के इस केन्द्रीय बजट को अगले साल फरवरी में संसद में पेश किया जाना है। वित्त मंत्रालय में बजट की कवायद जारी है और विकास व्यय को पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। ब्राजील में आयोजित जी-20 देशों की हाल ही में हुए शिखर सम्मेलन ने अपने घोषणापत्र में गरीब देशों में भूख से लड़ने और अन्य देशों में समावेशी विकास की लागतों का ध्यान रखने के लिए समूह के प्रयासों के एक हिस्से के रूप में अति धनवानों पर कर लगाने का आह्वान किया है। भारत इस घोषणापत्र पर हस्ताक्षरकर्ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया था। भारत के लिए बजट 2025-26 के माध्यम से प्रस्ताव को लागू करना अनिवार्य है।

नकली भारतीय मुद्रा की बढ़ती संख्या से अर्थव्यवस्था के अस्थिर होने का खतरा

बांग्लादेश और पाकिस्तान से नकली नोटों के प्रवेश का प्रमुख केंद्र पूर्वी भारत
नन्तू बनर्जी - 2024-12-03 10:51
यह गंभीर चिंता का विषय है कि महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के 500 रुपये के नकली नोटों की संख्या 2018-19 और 2023-24 के बीच लगभग चार गुना, और 2020-21 से 2,000 रुपये के नकली नोटों की तीन गुना हो गयी है। ध्यान रहे कि 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने हुए हैं और इन्हें रिजर्व बैंक के कार्यालयों में बदला जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 में 2000 के मुद्रा नोटों को वापस लेने के कदम के बाद से इनमें से 98 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं। लेकिन 500 और 200 रुपये के नकली नोटों का तेजी से बढ़ता प्रचलन चिंता का विषय बन गया है। 500 रुपये के नोट रोजमर्रा के लेन-देन की रीढ़ बन गये हैं और पिछले कुछ सालों में इसके प्रचलन में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सरकार और रिजर्व बैंक दोनों ही इस बात से चिंतित हैं। पिछले हफ्ते केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने देश में नकली नोटों के बढ़ते प्रचलन को लेकर लोकसभा में चिंता जताई थी।

अडानी को जांच से बचाने का मोदी सरकार का निराशोन्मत्त प्रयास

दोनों के बचाव के तरीकों से उनके संबंधों के संदिग्ध सूत्र का खुलासा
के रवींद्रन - 2024-12-02 10:50
अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद अडानी समूह और भारत सरकार द्वारा किये गये बचाव ने भारत में कॉरपोरेट हितों और राजनीतिक शक्ति के बीच परस्पर सम्बंधों के बारे में गंभीर सवाल खड़े किये हैं। जहां एक ओर अमेरिकी जांच ने भ्रष्टाचार सहित गंभीर वित्तीय अपराधों को उजागर किया, वहीं अडानी समूह और भारत सरकार दोनों ने कंपनी का बचाव करने के लिए एक संयुक्त मोर्चा पेश किया और कहा कि आरोपों को केवल तकनीकी रूप से तैयार किया गया है और कम्पनी का नेतृत्व किसी भी कदाचार में शामिल नहीं है। लेकिन बचाव को मोदी सरकार की ओर से कॉरपोरेट हितों को बचाने के लिए एक रणनीतिक चाल के रूप में ही देखा जा सकता है।

विधानसभा चुनाव में झटके लाये कांग्रेस के सामने चुनौतियों भरे कार्य

जमीनी स्तर से संगठन का पुनर्निर्माण और मौजूदा रणनीति में बदलाव जरूरी
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-11-30 10:34
भारत के मतदाता पिछले कुछ समय से कांग्रेस को ऊपर-नीचे कर रहे हैं और यह प्रवृत्ति पिछले डेढ़ साल में और भी स्पष्ट हो गयी है, विशेषकर मई 2023 में कर्नाटक चुनाव के समय से, जब लोगों ने भाजपा को सत्ता से बाहर करते हुए कांग्रेस को भारी बहुमत से जिताया था। इस अवधि के दौरान देश भर में लगभग हर छह महीने में मतदाताओं का मूड बदलता हुआ देखा गया है, खासकर कांग्रेस के पक्ष में या उसके खिलाफ। नवंबर 2023 में राजस्थान और मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव, अक्टूबर 2024 में हरियाणा चुनाव और अब नवंबर 2024 में महाराष्ट्र चुनाव में मिली असफलताओं ने स्पष्ट रूप से दिखा दिया है कि अगर कांग्रेस को देश भर में आगामी चुनावों में भाजपा से मुकाबला करना है तो उसके सामने महत्वपूर्ण कार्य हैं, जिन्हें उसे करना ही होगा।

अब सर्वोच्च न्यायालय पूजा स्थल अधिनियम की रक्षा करे

उत्तर प्रदेश की निचली अदालतों के निर्णयों से साम्प्रदायिक तत्वों को बढ़ावा
पी सुधीर - 2024-11-29 10:51
उत्तर प्रदेश के संभल में हाल ही में हुई घटनाएं, जिसमें पांच युवा मुस्लिम पुरुषों की मौत हो गयी, संसद द्वारा अधिनियमित पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के महत्व को रेखांकित करती है। यह कानून देश की आजादी 15 अगस्त 1947 को पूजा स्थलों की स्थिति के अलग "किसी भी पूजा स्थल के रूपांतरण" (धारा 3) को प्रतिबंधित करता है और उस समय की स्थिति के अनुरूप "किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक चरित्र को बनाये रखने का प्रावधान करता है (धारा 4)। कोई भी व्यक्ति “किसी भी धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी भी वर्ग के पूजा स्थल को उसी धार्मिक संप्रदाय के किसी अन्य वर्ग या किसी अन्य धार्मिक संप्रदाय के पूजा स्थल में परिवर्तित नहीं कर सकता”। ध्यान रहे कि रामजन्मभूमि-बाबरी मसजिद विवाद को अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया था।

इंडिया ब्लॉक की अगली चुनौती 2025 और 2026 के सात विधानसभा चुनाव

प्रियंका, ममता, हेमंत और दीपांकर भाजपा के खिलाफ लड़ाई में बन सकते हैं मुख्य प्रेरक
नित्य चक्रवर्ती - 2024-11-28 10:48
देश में 2024 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों का आखिरी दौर समाप्त हो गया। महाराष्ट्र चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की भारी जीत ने भाजपा को छह महीने पहले हुए 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई करने का नया आत्मविश्वास दिया है। इंडिया ब्लॉक के लिए झारखंड विधानसभा चुनावों में मिली शानदार जीत एक सकारात्मक संकेत है। फिर भी, हरियाणा चुनावों में अप्रत्याशित जीत के साथ, भाजपा दो दावेदारों - एनडीए और इंडिया ब्लॉक - के बीच धारणा की लड़ाई में बहुत आगे है। 2025 और 2026 के विधानसभा चुनाव अगली चुनौती होगी।

बांग्लादेश मीडिया डॉ. मोहम्मद यूनुस के भ्रमित विचारों के खिलाफ हो गया

अधिकांश समाचार पत्र और टीवी चैनल उनकी क्षमता पर उठा रहे हैं सवाल
आशीष विश्वास - 2024-11-27 10:54
कोलकाता: ऐसा अक्सर नहीं होता कि किसी देश के नेता द्वारा विदेशी मीडिया को दिया गया साक्षात्कार देश में कोई बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा कर दे। लेकिन हाल ही में कार्यवाहक बांग्लादेश प्रशासन के मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस द्वारा दिये गये साक्षात्कार ने ऐसा ही किया है, जिससे उनके इरादों पर सवाल उठाते हुए एक नयी घरेलू बहस शुरू हो गई है।

दिल्लीवासी चुनाव से पहले स्वच्छ हवा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग करें

राजनीतिक दलों के लिए भी ऐसे गंभीर मुद्दे पर दोषारोपण बंद करने का समय
कल्याणी शंकर - 2024-11-26 11:04
दिल्ली के निवासियों को हर साल प्रदूषण का सामना क्यों करना पड़ता है, जबकि शासक वर्ग इसके लिए पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने को दोषी ठहराता है? क्या वे इस बात पर बहस करने के बजाय कि पराली जलाने वाली मशीनों और अन्य संबंधित खर्चों का भुगतान कौन करेगा, इसका स्थायी समाधान नहीं खोज सकते? दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सीमा से आठ गुना अधिक है। यह उस स्तर पर पहुंच गया है जहां न्यायपालिका, कार्यपालिका और संसद एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं और प्रदूषण का गंभीर स्तर जारी है।