नरेंद्र मोदी के ज़माने के चुनाव अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं माने जाते
सर्वोच्च न्यायालय ने भी पूछा – चुनाव आयोग की “स्वतंत्रता को लेकर यह दिखावा क्यों?”
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2026-05-18 11:02 UTC
विपक्ष हमेशा से यह दावा करता रहा है कि भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियंत्रित कर रहे हैं और ईसीआई यह पक्का करने के लिए काम कर रहा है कि देश में भाजपा चुनाव जीते। उनका यह भी आरोप है कि ईसीआई की स्वायत्तता नहीं रही, जबकि मोदी सरकार ने कहा कि यह संवैधानिक संस्था स्वतंत्र है। अब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा है कि ईसीआई की “स्वतंत्रता को लेकर यह दिखावा क्यों?” यह सवाल हमें फिर से सोचने पर मजबूर करता है कि क्या मोदी के ज़माने में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं, विशेषकर पिछले कई सालों में सर्वोच्च न्यायलय के फैसलों और टिप्पणियों के आलोक में? सर्वोच्च न्यायालय अभी चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर (अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ़ सर्विस और टर्म ऑफ़ ऑफिस) एक्ट, 2023 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पास हुआ था। बेंच ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एक सचमुच स्वतंत्र ईसीआई पर ही निर्भर करते हैं।