सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर को सही ठहराया, लेकिन चिंताएं बरकरार
हर योग्य नागरिक के वोट देने के अधिकार की रक्षा पीछे धकेल दी गई
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2026-05-29 10:54 UTC
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई, 2026 को बिहार और दूसरी जगहों पर मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को कानूनी रूप से सही ठहराया और इस बात पर ज़ोर दिया कि यह काम संवैधानिक रूप से "स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों" से जुड़ा है। फैसले में मतदाता सूची की शुद्धता और सटीकता पर ज़ोर दिया गया, जिसमें फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने को प्राथमिकता दी गई, लेकिन साथ ही हर योग्य नागरिक के वोट देने के अधिकार की रक्षा के काम को उसके बराबर अहमियत नहीं दी गई, बल्कि उसे पीछे धकेल दिया गया। यही कारण है कि फैसले के बावजूद चिंताएं बनी हुई हैं।